Take a fresh look at your lifestyle.

ढुल्‍लू महतो की विधायकी सजा के बाद भी क्‍यों नहीं गई?

0

Dhanbad: बाघमारा के बीजेपी विधायक ढुल्लू महतो को कोर्ट ने सजा सुना दी है. इसके झामुमो के अमित महतो, कोलेबिरा विधायक एनोस एक्‍का, गोमिया विधायक योगेंद्र महतो और आजसू के कमल किशोर भगत को सजा हुई और उनकी विधायकी भी चली गई. साथ ही उनके चुनाव लड़ने पर भी रोक लग गई है. वहीं बीजेपी विधायक ढुल्‍लु महतो की विधानसभा की सदस्‍यता बनी रहेगी. साथ ही वह आगामी विधानसभा चुनाव भी लड़ सकेंगे.

धनबाद की एक अदालत ने डेढ़ साल की सजा सुनाई है. सजा सुनाए जाने के बाद कोर्ट से उन्हें जमानत मिल भी गई है.

कानून के जानकार और अधिवक्‍ता दीपेश निराला बताते हैं कि वर्तमान में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 यानि द पीपल रिप्रेजेंटेशन एक्ट, 1951 में यह प्रावधान किया गया है कि 2 साल से अधिक सजा मिलने के बाद कोई भी विधायक और सांसद आगामी विधानसभा या लोकसभा या राज्यसभा का चुनाव नहीं लड़ सकता है. साथ ही उनकी सदस्यता फैसले के दिन से तुरंत समाप्त हो जाती है.

इसी क्रम में सबसे पहले लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे कमल किशोर भगत की सदस्यता समाप्त हुई. फिर गोमिया विधानसभा क्षेत्र से योगेंद्र महतो, सिल्ली विधानसभा क्षेत्र से अमित महतो, और फिर कोलेबिरा विधानसभा क्षेत्र से एनोस एक्का की विधायकी चली गई.

एनोस एक्‍का

दीपेश कहते हैं कि मौदूदा समय में न्यायालय काफी सक्रिय हुआ है. केंद्र और राज्य की सरकारों ने न्यायालय की तटस्थता पर अपना पूरा समर्थन दिया है, जो कि लोकतंत्र को जीवित रखने के लिए नितांत आवश्यक है.

उनका कहना है कि न्यायालय के फैसले पर वही लोग उंगली उठा सकते हैं जो न्यायपालिका पर विश्वास नहीं रखते, क्योंकि न्यायालय प्रत्येक मामले का ट्रायल करता है, साक्ष्य लेता है. दोनों पक्षों का बहस सुनता है और फिर अपना निर्णय वर्तमान विधि और सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के निर्णय के आधार पर देता है. एक पूरी प्रक्रिया का पालन होता है जब न्यायालय से कोई आदेश निकलता है.

ढुल्लू सजायफ्ता लेकिन लड़ सकेंगे चुनाव

जाहिर है अब ढुल्‍लू महतो चुनाव लड़ सकेंगे. लेकिन सजायाफ्ता जरूर कहलाएंगे. अगर दो साल की सजा होती, तो उनकी सदस्यता भी समाप्त होती और वे चुनाव नहीं लड़ पाते. बीजेपी विधायक ढुल्लू महतो पर वारंटी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने, पुलिस अधिकारी की वर्दी फाड़ने और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का आरोप है. 

इसी मामले में धनबाद  धनबाद स्थित अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी शिखा अग्रवाल की अदालत ने यह सजा सुनाई है. सजा के वक्त ढुल्लू कोर्ट में मौजूद थे. डेढ़ साल की सजा मिलने पर उन्हें जमानत भी दी गई. 

अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद भाजपा विधायक ढुल्लू महतो ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है. निचली अदालत की इस सजा को ऊपरी अदालत में अपील करेंगे. उन्हें बदनाम करने के लिए विरोधियों ने साजिश रची. वह गरीबों की लड़ाई लड़ते हैं, इस कारण उन्हें फंसाया गया है.

इस मामले में ढुल्लू महतो के अलावा राजेश गुप्ता, चुनचुन गुप्ता, रामेश्वर महतो और गंगा गुप्ता को दोषी करार देते हुए 18 महीने की सजा दी गई है.

जबकि बसंत शर्मा को बरी कर दिया गया है. राजेश गुप्ता को ही पुलिस की हिरासत से छुड़ाने के आरोप में यह मुकदमा दर्ज किया गया था. 

साल 2013 की घटना

यह घटना 12 मई साल 2013 की है. आरोप है कि ढुल्लू महतो ने एक वारंटी राजेश गुप्ता को पुलिस की हिरासत से छुड़ा लिया था. इस दौरान उन्होंने पुलिस की वर्दियां फाड़ दी और सरकारी काम में बाधा पहुंचाया. राजेश गुप्ता, ढुल्लू महतो के समर्थक हैं. 

12 मई 2013 को बरोरा थानेदार आरएन चौधरी ने कतरास थाना में ढुल्लू महतो सहित अन्य आरोपियों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, गिरफ्तार आरोपी को छुड़ाने, पुलिस का हथियार छीनने का प्रयास करने, धक्का-मुक्की कर वर्दी फाड़ने का आरोप लगाया था.

केस दर्ज होने के बाद ढुल्लू महतो ने कोर्ट में सरेंडर किया था. तब वे नौ जुलाई 2013 से 23 जून 2014 तक धनबाद जेल में रहे थे.

इसी मामले में धनबाद स्थित अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी शिखा अग्रवाल की अदालत में सजा सुनाई है. इससे पहले 21 सितंबर को ढुल्लू महतो की ओर से इस मामले में बहस पूरी की गई.

विधायक की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता ललन ओझा पैरवी करने आए थे. जबकि उनका सहयोग अधिवक्ता ललन किशोर प्रसाद और एनके सबिता ने किया था. 

इस बीच इसी मामले में बियाडा के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार झा ने हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल की है. हालांकि इस पर सुनवाई होना बाकी है.

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता राजीव कुमार के मुताबिक याचिका में बताया गया है कि ढुल्लू महतो पैसे, पैरवी और पावर के दम पर वारंटी को हिरासत से छुड़ाने के मामले में बच रहे हैं. अब हाईकोर्ट में सुनवाई बाकी है. 

यौन शोषण का एफआईआर

तीन दिनों पहले छह अक्तूबर को विधायक के खिलाफ कतरास थाना में यौन शोषण के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है. हालांकि यह केस 11 महीने बाद दर्ज हुआ है. बीजेपी की एक महिला कार्यकर्ता कमला कुमारी ने विधायक पर यौन शोषण का आरोप लगाया है.

महिला ने प्राथमिकी दर्ज किए जाने के लिए लिखित और ऑनलाइन आवेदन दिया था. लेकिन पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की थी. इसके बाद पीड़िता ने हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका दायर की थी. हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य के पुलिस महानिदेशक और धनबाद के एसएसपी से जवाब देने को कहा था. 

विधायक ढुल्लू के खौफ और दबंगई के और भी किस्से हैं. साथ ही उन पर कई मामले दर्ज हैं. हाल ही में एक मजदूर परिवार ने धनबाद कलेक्ट्रेट के सामने सपरिवार आत्मदाह का प्रयास किया था.

अख्तर हवारी नामक मजदूर का आरोप है कि विधायक के आतंक की वजह से उसका काम छूट गया और आगे कोई काम पर रख नहीं रहा. हालांकि इस आरोप को ढुल्लू ने सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि वे अख्तर हवारी को जानते तक नहीं. 

चार विधायकों की सदस्‍यता सजा के बाद चली गई

31 जनवरी 2018: कोयला तस्करी के आरोप में गोमिया के झामुमो विधायक योगेन्द्र महतो कोअदालत तीन साल की सजा सुनाती है और इस प्रकार उनकी विधानसभा की सदस्यता खत्म कर दी जाती है और वे अगले दस साल के लिए चुनाव लड़ने के योग्य भी नहीं रहते.

कमल किशोर भगत

23 मार्च 2018:सोनाहातु के तत्कालीन सीओ आलोक कुमार के साथ मारपीट करने के मामले में झामुमो विधायक अमित महतो को अदालत दो साल की सजा सुनाती हैं और इस प्रकार उनकी विधायकी समाप्त कर दी जाती हैं, साथ ही वे अगले दस साल के लिए चुनाव लड़ने के योग्य भी नहीं रहते.

23 जून 2015 को डा. के के सिन्हा से मारपीट करने व रंगदारी मांगने के आरोप में आजसू विधायक कमल किशोर भगत को सात साल की सजा सुनाई गई और इस प्रकार इनकी भी विधायकी चली गई और वे भी दस साल तक चुनाव अब नहीं लड़ सकते. 2 अक्‍टूबर को इन्‍हें को राहत देते हुए रिहा कर दिया गया है.

3 जुलाई 2018 को  सिमडेगा में पारा शिक्षक मनोज कुमार की हत्या में दोषी करार विधायक एनोस एक्का को र्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई. साथ ही एक लाख का जुर्माना भी लगाया. इस फैसले के साथ ही कोलेबिरा से विधायक एनोस एक्का की विधानसभा सदस्यता भी रद्द हो गई. इस मामले में एनोस एक्‍का को हाईकोर्ट ने राहत देते हुए सशर्त जमानत दी है.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More