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झारखंड में किसे मिलेगा बीजेपी का टिकट, कौन गंवायेगा अपनी सीटिंग सीट

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Ranchi: लोक सभा चुनाव 2019 के लिए कौन से सीट में किसको टिक मिलेगा. इसकी चर्चाएं खूब हो रही है. कहा तो यह भी जा रहा है कि बीजेपी में आधे से अधिक सांसदों के नाम कट जायेंगे. वहीं नये चेहरों की सीटों पर दावेदारी भी तेज हो गयी है. इसके लिए हर लेवल पर नेताओं की कई लॉबियां एक्टिव भी हैं. कई तो डायरेक्‍ट अमित शाह से कनेक्‍शन का दावा करते हैं. बीजेपी में उम्‍मीदवारों की घोषणा के पहले चर्चाएं तो कई तरह की हैं. जिन्‍हें जानना और समझना बड़ा दिलचस्‍प है.

कहा जा रहा है कि पुराने बीजेपी सांसदों के टिकट नहीं कटेंगे. हालांकि पहले यह दावे किये जा रहे थे कि उम्रदराज सांसदों को रिटायरमेंट देते हुए उनके टिकट कट जायेंगे. इस पर अभी रोक लगने की संभावना प्रबल दीख रही है. ऐसा हुआ तो उसे अपवाद ही माना जाएगा.

इसके साथ ही प्रदेश भाजपा में वर्तमान सांसदों की धड़कनें तेज हो गयी है. सभी को लगने लगा है कि प्रदेश से लेकर केन्द्रीय आलाकमान तक की नजरें सांसदों को लेकर इसबात पर टिकी हुई है कि पिछले पांच सालों तक पार्टी का कौन सा सांसद क्षेत्र में कितना सक्रिय रहा. जनता की कसौटी पर खरा उतरा या नहीं. आमजन से जुड़े विकास कार्य के प्रति सांसद कितने सजक रहे.

ऐसी तमाम बातों को लेकर बुधवार को प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश चुनाव कमेटी द्वारा एनडीए दल के सभी चौदहों सांसद उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम चर्चा होगी. जिस फैसले पर भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और केन्द्रीय चुनाव कमेटी के सदस्य अंतिम मुहर लगायेंगे.

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रांची से रामटहल चौधरी के अलावा दो नामों पर मंथन

रांची लोक सभा सीट की बात की जाये तो वर्तमान भाजपा सांसद रामटहल चौधरी को लेकर पार्टी असमंजस की स्थिति में है. वैसे तो शुरूआती दौर से ही रांची सीट के लिये पार्टी चौधरी का काट खोज रही है. लेकिन, भाजपा की मजबूरी है कि रांची लोक सभा में मौजूद कुर्मी समुदाय के लिये एकमात्र विकल्प के रूप में  रामटहल चौधरी ही रहे हैं. वहीं पार्टी की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार इनके नामों पर खास समुदाय को आपत्ति है. यही कारण है कि पार्टी इनके नामों के विकल्प ढूंढने लगी है.

राजनीति सूत्रों की माने तो यहां से रामटली चौधरी के अलावा इस समय बतौर जेएससीए के अध्यक्ष अमिताभ चौधरी और प्रदेश भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष आदित्य साहू कतार पर हैं.

खूंटी में कड़िया मुंडा के ना नुकूर के बावजूद मिल सकता है टिकट

लंबे समय से पार्टी के खास सदस्यों से नाराज चल रहे खूंटी सांसद कड़िया मुंडा के ना नुकूर के बाद भी पार्टी की तरफ से टिकट मिलना तय माना जा रहा है. हालांकि इस सीट से इससे पूर्व पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के नाम पर भी चर्चा जोरो पर थी. लेकिन पुराने संघ के नेता होने और खूंटी में जनता के बीच विश्वास बनाने की उम्मीद से इसबार फिर से कड़िया के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है.

लोहरदगा सीट से सुदर्शन के अलावा आशा पर उम्मीद

जबकि लोहरदगा सीट से केन्द्रीय राज्य मंत्री सुदर्शन भगत को फिर से टिकट मिलने की प्रबल संभावनाएं जतायी जा रही है. इसके साथ-साथ रांची की मेयर आशा लकड़ा का भी नाम सामने आ रहा है.

हजारीबाग से जयंत सिन्हा का हो सकता है कंर्फम

हजारीबाग लोक सभा सीट में भाजपा का विश्वास पूरी तरह से पूर्व केन्द्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के पुत्र जयंत सिन्हा पर हो सकता है. सूत्रों के अनुसार इसके साथ ही यहां से भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व सांसद यदुनाथ पांडे के भी नाम सामने आ रहे हैं. इसके साथ ही क्षेत्र में अप्रत्यक्ष रूप से जनता के बीच चाणक्य अकादमी के एके मिश्रा के भी नाम की सुगबुगाहट है. हालांकि पार्टी स्तर पर मिश्रा के नाम पर फैसला अभी बाकि है.

पलामू में हर बार कटता रहा है शिवधारी राम का टिकट

पलामू में भाजपा सांसद बीडी राम को फिर से पार्टी टिकट दे सकती है. बावजूद इसके पलामू से ही पूर्व सांसद ब्रज मोहन राम और राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष शिवधारी राम के नाम की भी चर्चा जोरों पर है. सूत्रों के अनुसार अबतक का रिकॉर्ड रहा है कि हर बार शिवधारी राम का टिकट मिलते-मिलते अंत समय में  टिकट कट जाता है.

चाईबासा से गिलुआ के अलावा तुबिद के नामों की चर्चा

चाईबासा में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा के अलावा भाजपा प्रवक्ता जेबी तुबिद भी मैदान में डटे हुए हैं.

चतरा से प्रदीप वर्मा के नाम की चर्चा

वहीं चतरा लोक सभा क्षेत्र में मौजूद भाजपा सांसद सुनील सिंह के अलावा भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप वर्मा और आदित्य साहू के भी नामों की चर्चा जोरो पर है. राजनीति गलियारे में चर्चा है कि प्रदीप वर्मा संघ की पसंद हैं इसलिये कहीं यहां से वर्मा को टिकट न मिल जाए.

कोडरमा में रविन्द्र राय के साथ प्रणव की चर्चा

कोडरमा सीट पर वर्तमान सांसद रविंद्र राय के अलावा प्रणव वर्मा के नाम पर भी चर्चा जोरो पर है.

धनबाद से पीएन सिंह के अलावा तीन नाम

धनबाद लोक सभा सीट के वर्तमान सांसद पीएन सिंह के साथ ही चतरा सांसद सुनील सिंह, भाजपा के प्रदेश प्रशिक्षण प्रभारी गणेश मिश्रा और मंत्री सरयू राय के नाम की भी चर्चा है. संथाल परगना इलाके के गोड्डा सीट पर पिछले दो बार से बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे हैं.

दुमका में भाजपा की लुईस मरांडी या फिर सुनील

इधर दुमका से झामुमो सांसद शिबू सोरेन को लेकर भाजपा पूरी ताकत झोंक दी है. यहां पूर्व से ही भाजपा ने मंत्री लुईस मरांडी को क्षेत्र मे सक्रिय भाव से रखा है. यहां स्थानीय स्तर पर भाजपा लुईस मरांडी को चुनावी मैदान में उतार सकती है. हालांकि यहां से सुनील सोरेन, रमेश हांसदा और सुरेश मुर्मू के नामों पर भी चर्चा है. सोरेन पूर्व में यहां से लोक सभा चुनाव लड़ चुके हैं. इसके साथ ही मुख्यमंत्री रघुवर दास समेत कई अन्य प्रदेश पदाधिकारी लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहे.

राजमहल से हेमलाल के अलावे तीन नामों पर चर्चा

राजमहल में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष हेमलाल मुर्मू के अलावे देवीधन टूडू, रेणुका मुर्मू और बाबूधन मुर्मू के नाम की चर्चा जोरों पर है. पाकुड़ जिला परिषद के अध्यक्ष रेणुका मुर्मू कुछ माह पूर्व ही भाजपा का दामन थामा है. पिछली बार हेमलाल मुर्मू को यहां से झामुमो सांसद रमेश हांसदा ने चुनाव में पटकनी दी थी.

गिरीडीह में गंठबंधन धर्म निभाया, गोड्डा में फिर से निशिकांत की चर्चा

वहीं गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दूबे के नाम को तय पर ही मुहर लग सकती है. जबकि गिरीडीह से भाजपा ने एनडीए गंठबंधन का धर्म निभाते हुए अपने सहयोगी दल आजसू के लिये छोड़ दी है.

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