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तेज बहादुर यादव कौन है, क्यों हुआ वाराणसी सीट से नामांकन पत्र खारिज

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New Delhi: पीएम मोदी के खिलाफ वाराणसी सीट से ताल ठोंकने वाले बीएसएफ़ के बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव (Tej Bahadur Yadav) का नामांकन पत्र खारिज हो गया है. वे सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में हैं.

दरअसल, वाराणसी के जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने मंगलवार को तेज बहादुर यादव (Tej Bahadur Yadav) के नामांकन पत्र के दो सेटों में ‘कमियां’ पाते हुए उनसे बुधवार को 11 बजे तक अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने को कहा था.

गौरतलब है कि तेज बहादुर यादव (Tej Bahadur Yadav) ने 24 अप्रैल को निर्दलीय और 29 अप्रैल को समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर नामांकन किया था. उन्होंने बीएसएफ़ से बर्खास्तगी को लेकर दोनों नामांकनों में अलग अलग दावे किए थे. इसी बिंदु पर जिला निर्वाचन कार्यालय ने यादव को नोटिस जारी करते हुए अनापत्ति प्रमाण पत्र जमा करने का निर्देश दिया था.

धारा 9 और धारा 33 का हवाला

जिला मजिस्ट्रेट सुरेन्द्र सिंह ने जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 9 और धारा 33 का हवाला देते हुए कहा कि तेज बहादुर यादव का नामांकन इसलिये स्वीकार नहीं किया गया क्योंकि वह निर्धारित समय में “आवश्यक दस्तावेजों को प्रस्तुत नहीं कर सके”.

अधिनियम की धारा 9 राष्ट्र के प्रति निष्ठा नहीं रखने या भ्रष्टाचार के लिये पिछले पांच वर्षों के भीतर केंद्र या राज्य सरकार की नौकरी से बर्खास्त व्यक्ति को चुनाव लड़ने से रोकती है.

धारा 33 में उम्मीदवार को चुनाव आयोग से एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता होती है कि उसे पिछले पांच सालों में इन आरोपों के चलते बर्खास्त नहीं किया गया है.

जिला मजिस्ट्रेट ने दावा किया कि तेज बहादुर यादव  (Tej Bahadur Yadav) और उनकी टीम को “पर्याप्त समय” दिया गया था, लेकिन वह दस्तावेज पेश नहीं कर पाए.

 

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