कोरोना काल में धरना-प्रदर्शन पर रोक, फिर मंत्री-विधायकों को मोरहाबादी में भीड़ जुटाने की अनुमति किसने दी?

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Ranchi: रांची के मोरहाबादी मैदान में झारखंड की गठबंधन सरकार की प्रमुख सत्‍ताधारी दल Congress Party के द्वारा प्रदर्शन किया गया. इसमें झारखंड के मंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्‍यक्ष रामेश्‍वर उरांव के साथ कई विधायक, बड़े नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए. यहां पर कई महीनों बाद यहां प्रदर्शन के लिए ऐसी भीड़ देखी गई. खास बात यह कि इस भीड़ में आपदा प्रबंधन मंत्री बन्‍ना गुप्‍ता भी शामिल हुए.

कांग्रेस प्रदर्शन की भीड़ में शामिल मंत्री-विधायक और बड़े नेता

  • मंत्री रामेश्‍वर उरांव
  • मंत्री बन्‍ना गुप्‍ता
  • मंत्री आलमगीर आलम
  • मंत्री बादल पत्रलेख
  • विधायक प्रदीप यादव
  • विधायक बंधु तिर्की
  • विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह
  • विधायक भूषण बाड़ा
  • विधायक अनूप सिंह
  • विधायक विक्‍सल कोंगाड़ी
  • विधायक रामचंद्र सिंह
  • विधायक अम्‍बा प्रसाद
  • विधायक इरफान अंसारी
  • पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय
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इसके पहले 18 दिसंबर 2020 को जिला प्रशासन द्वारा मोरहाबादी क्षेत्र में धारा 144 अनिश्चित काल के लिए लागू कर दिया गया था. कहने का मतलब यहां पर कोई भी राजनीतिक पार्टी, संगठन या कोई अन्‍य धरना, प्रदर्शन, जुलूस नहीं कर सकते हैं. आदेश में कहा गया था कि मोरहाबादी मैदान में सरकारी काम में लगे अधिकारी या कर्मचारी को छोड़कर 5 या 5 से अधिक व्‍यक्ति एक साथ हमा नहीं हो सकेंगे. किसी भी प्रकार अस्‍त्र-शस्‍त्र जैसे बंदूक, राइफल, रिवॉल्‍वर, पिस्‍टल, बम, बारूद आदि लेकर रोड पर निकलना या चलाना प्रतिबंधित रहेगा. इसका उल्‍लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

कांग्रेस नेताओं ने उड़ाई स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा सप्‍ताह के नियमों की धज्जियां

झारखंड सरकार के द्वारा 30 जून 2021 को झारखंड सुरक्षा सप्‍ताह से जुड़ी गाइडलाइन जारी की गई थी. इसके नियम अब भी लागू हैं. गाइडलाइन के अनुसार अभी भी झारखंड में जुलुस, धरना और प्रदर्शन पर रोक जारी है. झारखंड सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन के मुताबिक 50 व्‍यक्ति से अधिक लोगों के इकट्ठा पर पाबंदी है.  

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ऐसे में झारखंड प्रदेश कांग्रेस द्वारा मोरहाबादी मैदान में आयोजित प्रदर्शन सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा सप्‍ताह के तय नियमों का उल्‍लंघन है. यहां पर राज्‍य सरकार के मंत्री, विधायकों और कांग्रेस के कद्दावर नेताओं की मौजूदगी में भारी भीड़ उमड़ी. तस्‍वीरों में देखा जा सकता है कि इस दौरान कई लोगों के चेहरे पर मास्‍क नहीं था. 2 गज की दूरी के नियम का पालन किसी ने नहीं किया.

क्‍यों लगा है मोरहाबादी मैदान में धारा 144

रांची का मोरहाबादी मैदान राजधानी की हृदय स्‍थली है. सामान्‍य दिनों में यहां हर तरह के इवेंट, राजनीतिक जुलूस, मोर्चा, प्रदर्शन यहां होते रहे हैं. बात दिसंबर 2020 की है. यहां कड़ाके के ठंढ में होमगार्ड के जवान सरकारी नौकरी की मांग के लिए अनशन पर डटे हुए थे. कई जिलों के महिला और पुरूष अभ्‍यर्थी अपनी मांग सरकार से मनवाने के लिए अड़े हुए थे. कुछ ही दिनों में हेमंत सोरेन की सरकार को यहां पर अपनी पहली वर्षगांठ का जश्‍न मनाना था.

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सरकार यहां बेरोजगारों को हटाने के लिए हर कोशिश की. लेकिन वार्ता के सभी प्रयास फेल हो गए. तब 18 दिसंबर को रांची जिला प्रशासन द्वारा मोरहाबादी मैदान में अनिश्चितकालीन समय के लिए धारा 144 लगा दिया गया. इस सरकारी आदेश के कुछ दिनों बाद 26 दिसंबर 2020 की आधी रात को बल पूर्वक आंदोलनरत अभ्‍यर्थियों को हटा दिया गया.

रांची का पुंदाग में प्रशासन ने तय किया है धरना स्‍थल

18 दिसंबर 2020 को मोरहाबादी में धरना प्रदर्शन के खिलाफ धारा 144 लगाने के बाद रांची जिला प्रशासन द्वारा 26 फरवरी 2021 को शहर के पुंदाग में धरना-प्रदर्शन के लिए जगह चिन्हित किया गया. तब जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश में कहा गया था कि पुंदाग के अलावे किसी दूसरे स्‍थान पर धरना-प्रदर्शन और जुलूस करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी. पुंदाग के धरना स्‍थल का चयन उपायुक्‍त, एसएसपी, एसडीओ के द्वारा शहर के कई जगहों के निरीक्षण के बाद किया गया था.

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