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विदेश मंत्री रहते सुषमा स्वराज ने जब झारखंड के मंत्री को इजरायल जाने से रोका

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Ranchi: सुषमा स्‍वराज हमारे बीच नहीं हैं. सरकार ने सुषमा जी को जो भी जिम्‍मेदारी दी, उसे ईमानदारी से निभाया. बुरे लोगों के लिए बुरी और अच्‍छे लोगों के लिए भली थी वो. ऐसा ही कुछ वाक्‍या झारखंड से जुड़ा है. आइए सुषमा स्‍वराज जी को श्रद्धांजलि देते हुए कुछ ऐसे ही खास बातों की चर्चा करते हैं.

सुषमा स्‍वराज को आज आयरन लेडी कहा जा रहा है. वह 6 अगस्‍त को हमें छोड़कर दुनिया से चली गईं. लेकिन उनके द्वारा किए गए काम झारखंड के लोगों को हमेशा याद रहेंगे.

आपको याद होगा 26 अगस्त को झारखंड के 26 किसानों, छह अधिकारियों के साथ छह दिनों के दौरे पर इजरायल भेजा गया था. वहां किसान और अधिकारी इजरायल की कृषि तकनीक सीखने के लिए गए थे. इस दौरे में झारखंड के कृषि मंत्री रणधीर को को भी जाना था. लेकिन वह नहीं जा सके. इजरायल जाने से ठीक पहले मंत्री जी का नाम हटाना पड़ा.

इजरायल टूर से मंत्री रणधीर सिंह का नाम क्‍यों हटाया गया. आइए यह भी जानते हैं. दरअसल, विदेश मंत्रालय को मंत्री रणधीर सिंह को इजरायल भेजने में आपत्ति थी. खुद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास को फोन पर कहा था कि टीम से मंत्री रणधीर सिंह का नाम हटा लें और किसनों के साथ अधिकारियों को इजरायल भेज दीजिए. बताया गया कि विदेश मंत्रालय को मंत्री रणधीर सिंह को इजरायल भेजने में आपत्ति थी.

विदेश में फंसे झारखंड के मजदूरों का सुषमा स्‍वराज ने रेस्‍क्‍यू कराया

मार्च 2019 की बात है. हजारीबाग, गिरिडीह और बोकारो जिले के 48 मजदूर मलेशिया मे फंस गए थे. मजदूरों ने सोशल मीडिया पर वीडियो-फोटो भेजकर अपनी बात कही. फंसे मजदूरों ने मंत्री सुषमा स्वराज से वतन वापसी की मांग की.

इसी तरह साल 2018 के जून महीने में एलएनटी कंपनी में नौकरी की आस लिए सउदी अरब गए गिरिडीह एवं हजारीबाग के 41 प्रवासी मजदूर कंपनी व एजेंट की धोधाधड़ी का शिकार होकर सउदी अरब के रियाद में बुरी तरह से फंस गए थे.

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