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मंडल डैम परियोजना से झारखंड को क्‍या मिलेगा, बिहार को कितना फायदा

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Ranchi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को झारखंड दौरे पर आ रहे हैं. वे यहां पलामू स्थित उत्तर कोयल (मंडल) डैम परियोजना की आधारशिला रखेंगे. इस परियोजना को पूरा करने में 25 सौ करोड़ की राशि खर्च होगी.

47 साल पहले एकीकृत बिहार के समय ही इस परियोजना को मंजूरी दी गई थी. लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो सका था. राज्य सरकार ने कहा है कि इस महत्वाकांक्षी योजना से झारखंड की 19 हजार 604 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिचांई की सुविधा मिलेगी.

प्रधानमंत्री मंडल डैम परियोजना के अलावा और पांच सिंचाई परियोजनाओं की भी आधारशिला रखेंगे. इनमे कनहर सोन पाइपलाइन सिंचाई परियोजना भी शामिल है. कनहर के निर्माण में 1169 करोड़ की राशि खर्च होगी.साथ ही पलामू, गढ़वा, चतरा और चाईबासा जिलों में सिंचाई योजना तथा लाइनिंग कार्य का भी वे शिलान्यास करेंगे.

इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि 47 वर्षों से जिस परियोजना के पूरा होने का इंतजार था वह अब साकार होने जा रहा है. पलामू में ही उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा है कि मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि इन सिंचाई परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य में सिंचाई और पेयजल की सुविधा से बड़ी आबादी को लाभ हासिल होगी.

सरकारी और स्थानीय लोगों के दावे अलग-अलग

सरकार का कहना है कि डैम के निर्माण से 15 गांव ही प्रभावित होंगे. जबकि 1972 के सरकारी सर्वे में 17 गांवों को डूब क्षेत्र में बताया गया था. इसमें झारखंड के स्वतंत्रता सेनानी नीलांबर-पीतांबर का गांव चेमोसरिया भी डूब क्षेत्र में आ गया है. डूब क्षेत्र में आनेवाले गांवों में भंडरिया प्रखंड के कुटकू, मतगड़ी, खुर्रा, खाड़ीमहुआ व तुबेर, लातेहार के बरवाडीह प्रखंड के मेराल, करमडीह, सेलदाग, बेरे, तनवाई सहित अन्य गांव डूब क्षेत्र में शामिल हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी दावे से दोगुने गांव प्रभावित होंगे.

भाजपा ने कहा झारखंड को मिलेगा फायदा

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा है कि मंडल डैम के बनने से खरीफ फसल को विशेष लाभ पहुंचेगा. इससे झारखंड को ही 100 करोड़ रुपये का लाभ पहुंचने का अनुमान है. डैम शिलान्यास का विरोध करने वालों को आड़े हाथों लेते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राज्य की हित को देखते हुए उन्हें समझना चाहिए कि इस डैम से पलामू, लातेहार और गढ़वा के भी किसानों को बड़ी संख्या में सीधा फायदा होगा.

विरोध में विपक्ष

हालांकि मंडल डैम परियोजना को लेकर विपक्षी दलों ने कई सवाल खड़े किए हैं. पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने देवघर में कहा कि मंडल डैम से झारखंड के लोग विस्थापित होंगे, जबकि इसका फायदा केवल बिहार के लोगों को मिलेगा. उन्होंने कहा कि यही वजह थी कि मैंने इस परियोजना को ठंढे बस्ते में डाल दिया था. बतौर बाबूलाल जेवीएम इसका विरोध करेगा.

मुख्य बिंदु

  • डैम की ऊंचाई: 67.80 मीटर
  • लंबाई: 409 मीटर
  • जलसंग्रहण क्षमता: 330.10 मीटर
  • बराज की कुल लंबाई: 819.60 मीटर
  • कैनाल की लंबाई: 109 किलोमीटर
  • वन भूमि: 1007.29 हेक्टेयर
  • प्रभावित गांव: 15(सरकारी आंकड़ा)

बिहार की 92,000 हेक्टेयर भूमि हो सकेगी सिंचित

मंडल डैम परियोजना से झारखंड की 19,604 हेक्टेयर भूमि और बिहार की 92,000 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा. परियोजना में कुल 1,11,521 हेक्टेयर भूमि पर खेती का आकलन किया गया है. जिसे 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इस योजना को पूरा करने में कुल 1622 करोड़ रुपये की लागत आयेगी. इसमें भारत सरकार 1378.61 करोड़ रुपये खर्च करेगी. बिहार सरकार को 213 और झारखंड सरकार को 31 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे.

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