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क्‍या है सी-विजिल मोबाइल एप, 2019 लोकसभा चुनाव की नयी तकनीक को जानें

सी-विजिल मोबाइल एप की जानकारी सभी वोटर के लिए जरूरी है. अच्‍छा सुझाव कमेंट बॉक्‍स पर लिखें और जानकारी को ज्‍यादा से ज्‍यादा शेयर करें.

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  • स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान के लिए सी-विजिल ऐप
  • आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की ऐप से मिलेगी सूचना
  • पहली बार चुनाव में सी-विजिल ऐप का इस्तेमाल

Ranchi: आगामी लोकसभा चुनाव में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मोबाइल ऐप सी-विजिल लॉन्च किया गया है. यह जानना जरूरी है कि सी-विजिल मोबाइल एप क्‍या है. सी-विजिल मोबाइल एप को कैसे डाउनलोड किया जाता है. साथ ही यह कैसे काम करता है. इन्‍हीं सब सवालों का जवाब देने और सी-विजिल यूनिट को पावरफुल और एक्टिव बनाने के लिए रांची समाहरणालय स्थित एनआईसी में ट्रेनिंग दिया गया.

सी-विजिल यूनिट के नोडल ऑफिसर अखिलेश कुमार सिन्हा ने बताया कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों की जानकारी कोई भी व्यक्ति इस ऐप के माध्यम से दे सकेगा और फ्लाइंग स्क्वॉयड टीम (एफएसटी) में शामिल कर्मी इसकी रिपोर्टिंग आरओ को करेंगे.

इंवेस्टीगेटर ऐप डाउनलोड किसके लिए

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लॉन्च मोबाइल ऐप सी-विजिल में सिटीजन और इंवेस्टीगेटर दो तरह के ऐप डाउनलोड किये जा सकते हैं. फ्लाइंग स्क्वॉयड टीम (एफएसटी) में शामिल ऑफिसर्स https://eci.gov.in/cvigil लिंक में जाकर इंवेस्टीगेटर ऐप डाउनलोड कर सकते हैं.

रंगों के आधार पर मामलों की जानकारी

सी-विजिल के इंवेस्टीगेटर ऐप में रंगों के आधार पर मामलों का क्‍लासिफाई किया गया है. प्रशिक्षण में मौजूद लोगों को इसकी जानकारी दी गयी. इस ऐप में नीले रंग के जरिये नये मामलों की जानकारी मिलती है, जबकि बैंगनी (परपल) रंग स्वीकार किये मामलों की जानकारी देता है. लाल रंग के जरिये ओवर ड्यू मामलों की जानकारी मिलेगी. फ्लाइंग स्क्वॉयड टीम (एफएसटी) के सदस्य के पास ऐप के जरिये संज्ञान में आये मामलों के निराकरण और अस्वीकार किये जाने का विकल्प होगा.

सी-विजिल मोबाइल एप पर कंपलेन के बाद एक्‍शन

सी-विजिल ऐप की जरिये किसी नागरिक के द्वारा आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की जानकारी दिये जाने के बाद टीम मौके पर पहुंचेगी. मामला संज्ञान में आने के बाद 100 मिनट में इसका निराकरण करना होगा. शिकायत दर्ज होने के बाद सूचना जिला नियंत्रण कक्ष के पास जाएगी, फिर इसे फील्ड इकाई को दिया जाएगा. 10 मिनट में एफएसटी के सदस्य को मौके पर पहुंचकर इसकी रिपोर्ट करनी होगी. करीबी एफएसटी को ही मामले असाइन किये जायेंगे, ताकि जल्द से जल्द इसकी रिपोर्टिंग हो सके.

नोटिफिकेशन के बाद से वोटिंग डे तक होगी रिपोर्टिंग

अपर जिला दंडाधिकारी (विधि व्यवस्था) सह सी-विजिल के नोडल पदाधिकारी अखिलेश कुमार सिन्हा ने बताया कि नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही सी-विजिल ऐप के जरिये एफएसटी रिपोर्टिंग शुरु कर देगी, जो वोटिंग डे तक चलेगा. उन्होंने कहा कि एफएसटी केवल रिपोर्टिंग ऑथरिटी है. इसके बाद आचार संहिता कोषांग कार्रवाई करेगा.

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