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विधायक विकास मुंडा को आजसू निलंबित नहीं करता तो क्‍या होता?

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Ranchi: आजसू की ओर से 10 दिसंबर की रात को करीब 10 बजे एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गयी जिसमें अपने तमाड़ विधायक विकास कुमार मुंडा को पार्टी से निलंबित करने का फरमान जारी किया गया. देर रात आजसू के इस फैसले से कई तरह के सवाल खड़े किये जा रहे हैं. खुद निलंबित विधायक विकास कुमार मुंडा ने निलंबन के दूसरे दिन 11 दिसंबर को प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर देर रात किये गये इस फैसले पर सवाल उठाया. ऐसा नहीं है कि अगर विकास मुंडा निलंबित नहीं होते तो वह प्रेस कांफ्रेंस नहीं करते. उनका यह प्रेस कांफ्रेंस पहले से तय था. लेकिन जब वह निलंबित हो गये तब सिर्फ टॉपिक बदल गया.

दरअसल विकास कुमार मुंडा अपने पूर्व निर्धारित प्रेस कांफ्रेंस के जरिये बड़ा ऐलान करना चाहते थे. वह आजसू का साथ छोड़ने का मन बना लिये थे. विकास पार्टी के पद और सदस्‍यता से इस्‍तीफा देने का ऐलान करना चाहते थे. जब इस बात की जानकारी जब आजसू के वरीय नेताओं को इसकी खबर हुई, तब वह विकास इस्‍तीफा का ऐलान करते उसके पहले ही देर रात निलंबन का फरमान जारी कर दिया गया. इसके कुछ ही मिनटों बाद विकास मुंडा की ओर से प्रेस कांफ्रेंस की जानकारी दी गयी.

सुदेश की खोली पोल, शुरू किया हेमंत का गुणगान

मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो पर तंज कसा, आरोपों की झड़ी भी लगा दी, वहीं उन्‍होंने हेमंत सोरेन के गुणगान शुरू कर दिया. उन्‍होंने कहा कि पार्टी में न खाता न बही सुदेश महतो जो बोले वही सही. सुदेश महतो परिवारवाद की राह पर चल पड़े हैं. उदाहरण देते हुये कहा कि कोड़ा सरकार में एक विधायक (चंद्रप्रकाश चौधरी) सत्ता पक्ष में थे, जबकि सुदेश विपक्ष में. उस समय चंद्रप्रकाश चौधरी को पार्टी से क्यों नहीं निकाला.

झारखंडी जनभावना से खिलवाड़ कर रहे सुदेश

विकास कुमार मुंडा ने कहा कि आजसू सुप्रीमो झारखंडी जनभावना के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. रिम्स में हुई कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी के वरीय सदस्यों ने सरकार से समर्थन वापसी की हामी भरी थी. लेकिन, सुदेश ने उनकी बात भी नहीं मानी. एक और सरकार का समर्थन और दूसरी ओर विरोध. यह पूरी तरह से दोहरी राजनीति है. जनभावना के खिलाफ है.

स्थानीय नीति, सीएनटी, भूमि अधिग्रहण और पारा शिक्षक की मांगों का समर्थन करता हूं, क्योंकि ये सभी मामले झारखंड की जनभावना से जुड़ी हुई हैं. ऐसे में आजसू सुप्रीमो द्वारा इन मुद्दों पर ठोस निर्णय नहीं लेना राज्य की जनता के साथ धोखा है.

सुदेश के परिवार को बोलने का है अधिकार

विकास ने कहा कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों का विरोध करने का अधिकार सुदेश महतो के परिवार को ही है. इसके अलावा पार्टी में किसी को भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाने का अधिकार नहीं है. इसका उदहारण यूपीए सरकार के समय राज्य की जनता देख चुकी है. पार्टी में हाल यह है कि सरकार के खिलाफ  अगर कोई बोलता है तो उसे पार्टी से निलंबित कर दिया जाता है. नवीन जायसवाल, शशि शमद, योगेंद्र महतो जैसे वरीय नेताओं को इसी वजह से किनारे किया गया.

परिवारवाद की राजनीति कर रहे सुदेश

आजसू पार्टी व्यक्ति और परिवार पर पूरी तरह से केंद्रि‍त है. परिवार के बहार के लोगों का कोई स्थान नहीं है. एक सवाल के जबाब में विकास मुंडा ने कहा कि मैं अभी किसी दूसरे दल में नहीं जा रहा हूं. लेकिन, जहां भी रहूंगा झारखंड और झारखंडियों के हित में ही काम करूंगा. आजसू जन-भावनाओं को नहीं समझ रही है. जो सरकार झारखंड की जनता के खिलाफ काम कर रही है, उस सरकार में पार्टी का रहना दुर्भाग्यपूर्ण है.

नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन की भूमिका सही

विकास मुंडा से यह पूछे जाने पर कि अब अगला ठिकाना किस पार्टी में होगा. इस पर उन्होंने कहा कि फिलहाल क्षेज्ञ में जनता के साथ बैठक कर तय करेंगे. वैसे क्षेत्र की जनता साथ है तो पार्टी की जरूरत नहीं निर्दलीय भी चुनाव लड़ेंगे. पिता के सपनों को आगे बढ़ायेंगे. लेकिन, झामुमो के साथ जाने के सवाल पर कहा कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में हेमंत सोरेन की भूमिका ठीक है. झारखंड की जनभावनाओं के खिलाफ आवाज उठाते हैं. सरकार की गलत नीतियों का विरोध भी करते हैं.

इधर खुशी की लहर

आजसू पार्टी से तमाड़ के विधायक विकास कुमार मुंडा को निष्कासित किये जाने पर पंच परगना के आजसू कार्यकर्ताओं के साथ आम जनों में खुशी की लहर है. लोग सुदेश महतो को सही समय पर सही निर्णय लिए जाने के लिए धन्यवाद दे रहे हैं. साथ ही सुदेश कुमार महतो से कहा है कि विकास मुंडा को पार्टी से निष्कासित ही नहीं, बल्कि आजीवन बर्खास्त किया जाये और आनेवाले विधानसभा चुनाव में योग्य उम्मीदवार दिया जाये.

खुशी जाहिर करने वालों में प्रखंड प्रभारी हरिहर महतो, सुखराम मुंडा (फौजी), पूर्व उप प्रमुख दिलीप साहू, शशि भूषण सिंह मुंडा, देव नाथ महतो, दयामय महतो, देवेन्द्र नाथ महतो, कालीपद महतो, महाबीर महतो, जयदेव महतो, सुरेश चन्द्र महतो, चंदन महतो, मोहर राम महतो, करिया मुंडा, नंदे महतो, गौरमोहन महतो, परेश महली, शक्ति महतो, प्रदीप महतो, सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे.

विकास मुंडा ने मर्यादा तोड़ी

आजसू पार्टी के मुख्य प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत ने कहा है कि पार्टी फोल्डर में अपनी बात रखने के बजाय विधायक विकास मुंडा ने पार्टी की मर्यादा तोड़ी है. साथ ही आंतरिक व्यवस्था की अनदेखी की है. इनके अलावा ने लगातार तमाड़ विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर रहे थे. 9 दिसंबर को पार्टी की केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक में भी उन्होंने हिस्सा नहीं लिया, जबकि बैठक के बारे में उन्हें पहले ही सूचना दी गई थी.

इससे पहले पार्टी के कार्यकर्मों में भी वे शामिल नहीं होते रहे हैं और उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभाने के बजाय पार्टी के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश करते रहे हैं. मीडिया में भी विधायक पार्टी पर अनगर्ल आरोप लगाने लगे थे. जबकि पार्टी ने उन्हें हमेशा महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के साथ तवज्जो दी है. लेकिन, विधायक श्री मुंडा ने इसका ख्याल नहीं रखा. अलबत्ता चैक-चैराहे में पार्टी के खिलाफ हल्की बातें करते रहे.

विधायक श्री मुंडा पारा शिक्षकों के मुद्दे को लेकर मीडिया के जरिये इस बात पर जोर देते रहे हैं कि पार्टी सरकार के सामने मजबूती से शिक्षकों का पक्ष नहीं रख रही है. जबकि इस मुद्दे पर काफी पहले से पार्टी सरकार को आगाह कराती रही है. केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक में भी पारा शिक्षकों के मुद्दे पर प्रस्ताव पारित कर सरकार से उनकी मांग का तत्काल समाधान निकालने पर जोर दिया गया है.

 

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