Take a fresh look at your lifestyle.

उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा महागठबंधन से क्या वाकई में उड़ेगी मोदी और शाह की नींद

0

Lucknow: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने शनिवार को लखनऊ के ताज होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के साथ दोनों पार्टियों के बीच औपचारिक गठबंधन का ऐलान कर दिया है. उत्तरप्रदेश में सपा और बसपा समान तौर पर 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.
जबकि दो सीटें- अमेठी और रायबरेली कांग्रेस के लिए छोड़ी जाएगी. 80 में से बच गयी 4 सीटें ये सीटें. अपना दल(एस), राजभर की पार्टी, सोनिया और राहुल के लिए बिना गठबंधन के ही छोड़ी गयी हैं.

कांग्रेस-आरएलडी गठबंधन में नहीं

जो ऐलान नहीं हुआ, उनमें कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकदल को गठबंधन में साथ रखने का एलान शामिल है. मगर, इसका मतलब ये नहीं है कि इन दलों के साथ एसपी-बीएसपी गठबंधन कोई शत्रुतापूर्ण व्यवहार करने वाला है. कांग्रेस को गठबंधन में साथ रखने पर मायावती ने अखिलेश के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेन्स में कहा- “बीएसपी का वोट तो कांग्रेस को मिल जाता है मगर कांग्रेस का वोट हमें ट्रांसफर नहीं मिल पाता.”

290dd3c8caec37005742a5d03a4b0965

स्थायी गठबंधन
मायावती और अखिलेश दोनों ने स्पष्ट किया कि ये गठबंधन सिर्फ़ लोकसभा चुनावों तक सीमित नहीं है और प्रदेश के विधानसभा चुनाव भी दोनों दल मिलकर लड़ेंगे. दोनों नेताओंं ने जोर दिया कि यह गठबंधन स्थायी है. पिछले चार जनवरी को दिल्ली में बैठकर हम दोनों ने गहन मंथन कर सीटों का बंटवारा कर लिया है.
मायावती और अखिलेश ये दावा किया कि इस बार उत्तरप्रदेश ही बीजीपी को केंद्र में सरकार बनाने से रोकेगा. सपा- बसपा के कार्यकर्ताओं ने यह ठान ली है तथा जनता ने फैसला लिया है.
मायावती ने कहा कि देशहित में हमने लखनऊ गेस्ट हाउस कांड को किनारे रखा है. इससे पहले 1993 में भी हमारा गठबंधन हुआ था, मगर कुछ कारणों से हमें अलग होना पड़ा था. 25 साल बाद एक बार फिर से बसपा और सपा के बीच गठबंधन हुआ है.लखनऊ गेस्ट हाउस कांड से देशहित के मुद्दे को ऊपर रखते हुए हमने गठबंधन करने का फैसला किया है.
मायावती और अखिलेश यादव ने इन बातों पर जोर दिया कि दोनों दलों का वोट एक दूसरे के साथ ट्रांसफर होना पक्का है.
बीजेपी पर हमला
प्रेस कांफ्रेंस में दोनों नेताओं वे बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. इसके अलावा कांग्रेस पर भी तंज कसे. मायावती ने यह भी कहा कि यह प्रेस कांफ्रेस अति महत्वपूर्ण और पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह की नींद उड़ाने वाली है.
जबकि कांग्रेस के बारे में उनका कहना था कि “मैं ये बताना चाहती हूं कि कांग्रेस पार्टी को इस गठबंधन में शामिल नहीं करने की वजह यह है कि आज़ादी के बाद कांग्रेस ने राज्य से लेकर केंद्र में राज किया है. इस दौरान देश में वंचित शोषितों के ख़िलाफ़ अन्याय किया गया है.”
मायावती ने कहा कि कांग्रेस से सपा- बसपा किसी किस्म का गठबंधन नहीं करेंगे.
तारीफ की
समाजवादी सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कहा है, “मायावती के साथ गठबंधन करने का फ़ैसला उस वक़्त ले लिया था जब बीजेपी के कुछ नेताओं ने मायावती के प्रति अशोभनीय टिप्पणियां की. भाजपा के अहंकार का विनाश करने के लिए सपा-बसपा का मिलना जरूरी था. मैनें कहा था कि इस गठबंधन के लिए अगर दो कदम पीछे भी हटना पड़ा तो हम करेंगे. सपा का कार्यकर्ता यह गांठ बांध ले कि मायावती जी का अपमान मेरा अपमान होगा. हम समाजवादी हैं औऱ समाजवादियों की विशेषता होती है कि हम दुख और सुख के साथ होते हैं”.
अखिलेश यादन ने यह भी कहा कि बीजेपी हमारे बीच गलतफहमी पैदा कर सकती है. गंदा फसाद कराया जा सकता है. लेकिन हमें संयम और धैर्य से काम लेना है. हम मायवाती जी के निर्णय का स्वागत करते हैं और भरोसा दिलाते हैं कि अब बीजेपी का अंत निश्चित है.
अखिलेश यादव से यह सवाल पूछे जाने पर कि मायावती बहुत अनुभवी हैं और चार बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं, क्या वो मायावती को प्रधानमंत्री बनवाएंगे, अखिलेश ने कहा, “आपको पता है कि मैं किसको सपोर्ट करूंगा. और मैंने पहले भी कहा है और आज फिर कहता हूं कि उत्तर प्रदेश ने हमेशा प्रधानमंत्री दिया है. हमें खुशी होगी कि उत्तर प्रदेश से फिर एक प्रधानमंत्री बने.”
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि अब बीजेपी ने भगवान को भी जातियों में बांटना शुरू कर दिए हैं. पूरे देश में अराजकता का वातारवण है. अन्याय में शरीफ लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है.
इसे भी पढ़ें: चारा घोटाले में सजायाफ्ता लालू की जमानत याचिका खारिज
उन्होंने यह भी कहा कि बसपा और सपा का सिर्फ चुनाव गठबंधन नहीं है, बल्कि बीजेपी के द्वारा तैयार किए जा रहे अन्याय और अत्याचर के खिलाफ है.
जबकि मायावती ने कहा कि खनन घोटाले में अखिलेश जी का नाम लाना साजिश का हिस्सा है. बसपा इस साजिश का डटकर विरोध करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि शिवपाल सिंह पर बीजेपी जिस तरह से पैसे खर्च कर रही है वह व्यर्थ में जाएगा.
इससे पहले दोने नेताओं ने गुलदस्ता देकर एक दूसरे का स्वागत किया.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More