बाबूलाल मरांडी डोमेसाइल पर क्‍या बोले?

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Ranchi: बाबूलाल मरांडी जेवीएम पार्टी का विलय कर भाजपा में जा रहे हैं. 17 फरवरी को रांची के प्रभात तारा मैदान में वह अपने समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी की सदस्‍यता लेंगे और जेवीएम का विलय करेंगे. मौके पर भाजपा के अमित शाह, जेपी नड्डा जैसे कई केंद्र के धुरंधर नेता मौजूद रहेंगे.

बाबूलाल मरांडी ने खास बातचीत में बताया कि वह दिल्‍ली में 8 फरवरी को भाजपा के अमित शाह, केंद्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा और उपाध्‍यक्ष ओपी माथुर से मिले थे और जेवीएम और भाजपा में विलय की रणनीति तय हुई थी.

भाजपा में शामिल होने के बाद बाबूलाल मरांडी को झारखंड के नेतृत्‍व में बड़ी जिम्‍मेदारी दी जा सकती है. उन्‍हें प्रतिपक्ष का नेता बनाने की चर्चा अभी से है. हालांकि मरांडी फिलहाल यही कह रहे हैं कि भाजपा जो जिम्‍मेदारी देगी मंजूर होगा.

इस बीच बड़ा सवाल यह है कि जेवीएम जब झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 लड़ रही थी. तब पार्टी के के घोषणापत्र और भाजपा के घोषणा पत्र में जमीन आसमान का फर्क था. अब विधानसभा चुनाव में किये वादों का क्‍या होगा.

बदलते राजनीति और मुद्दों पर बाबूलाल ने कहा कि हमारा कोई मुद्दा नहीं है. भाजपा जो जिम्‍मेदारी देगी वह करेंगे.

बाबूलाल की भाजपा छोड़ने की वजह डोमेसाइल या कुछ और

आपको याद होगा डोमेसाइल विवाद को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी भी चर्चा में रहे थे. स्थानीय लोग भी डोमेसाइल को लेकर आंदोलनरत थे. मरांडी ने एक खतियान में उल्लेखित नाम के आधार पर स्थानीयता की घोषणा की थी.

ऐसे ही कई पुराने लेकिन झारखंडी भावना से जुड़े सवालें पर बाबूलाल मरांडी से सवाल-जवाब. डोमेसाइल से जुड़े सवाल पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि डोमेसाइल कभी मुद्दा था ही नहीं. उन्‍होंने कहा कि जब वह सत्‍ता और भाजपा छोड़ रहे थे तब भी नहीं कहा था कि डोमेसाइल वजह था.

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि भाजपा की सरकार में रहते मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों की वजह से भाजपा छोड़ी थी. मंत्रियों के साथ खटपट इतनी बढ़ी की सीएम पद से त्‍यागपत्र देकर भाजपा छोड़ना पड़ा था. राजनीति में ऐसी बातें घर की बातों जैसी हो जाती हैं.

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