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यूज्‍ड कार खरीदने के टिप्स | Used Car Buying Tips in Hindi

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क्‍या आप यूज्‍ड कार (Used Car) खरीदने की प्‍लानिंग कर रहे हैं. ऐसे में आपको कार की हर तरह से जांच पड़ताल कर लेना चाहिए. क्‍योंकि यूज्‍ड कार डीलर्स (Used Car Dealers) सेंकेंड हैंड कार्स पर कोई गारंटी नहीं देता है.

कहीं ऐसा न हो कि पुरानी कार आपके लिए खटारा बन कर रह जाये. बाद में आप हाथ मलते रह जायें और ठगा सा महसूस करें.

यूज्‍ड कार लेने के दौरान बहुत ही सावधान रहने की जरूरत है. आपको कुछ बेहद महत्‍वपूर्ण बातें बताने जा रहे हैं, जो आपको सेकेंड हैंड कार खरीने में मददगार साबित होगा.

यूज्‍ड कार खरीदने के इन टिप्‍स को आप ध्‍यान में रखेंगे तो सेकेंड हैंड कार खरीदने के समय आपको पछताना नहीं पड़ेगा.

पुरानी कार खरीदने के टिप्स | Used Car Buying Tips in Hindi

यूज्‍ड कार खरीदने के टिप्‍स (Used Car Buying Tips in Hindi)

कार की जानकारी करें वेरीफाई

जो यूज्‍ड कार आप लेने जा रहे हैं, उसकी पूरी जानकारी लें. साथ ही संबंधित ब्रांड के शो रूम जाकर पुरानी और ताजा जानकारी ले लें. जहां कार की सर्विस होती है, वहां पता करें कि संबंधित कार के पार्ट मौजूद रहते हैं या नहीं.

यहां से आप कार के रेगुलर सर्विस की जानकारी भी मिलेगी. आप यह भी चेक कर सकते हैं कि कार के मीटर के साथ छेड़छाड़ हुई है या नहीं.

कार की इंजन करें चेक

कार की इंजन की उपरी पड़ताल आप भी कर सकते हैं. कार का बोनट खोल कर देंखें. देखें कि कार के इंजन के आसपास किसी तरह का ऑयल लीकेज तो नहीं है.

अगर आप इसमें लीकेज पात हैं, तो संभल जायें किसी भी वक्‍त इंजन खोलने की नौबत आ सकती है और आने वाले समय में आपका अच्‍छा खासा जेब ढीला हो जाएगा. ऐसी गाड़ी को न लें.

डीजल कार में ऐसी समस्‍या ज्‍यादा देखने को मिलती है. डीजल कार का टर्बो भी खराब हो जाता है. इसकी कीमत 70 से 80 हजार रुपये तक होती है.

एक अच्‍छा कार मैकेनिक ही इंजन की खराबी को जान सकता है. इसलिए बेहतर होगा कि यूज्‍ड कार खरीदने से पहले उसे किसी भरोसेमंद अच्‍छे कार मैकेनिक से चेक करा लें, या अपने साथ ले लें.

टायरों से पता कर सकते हैं बहुत कुछ

कार के लिए इंजन चेक करना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है कार की टायरों को चेक कर लेना.

कार के टायरों की एवरेज लाइफ 35-45 हजार किलो मीटर होती है. अगर कार की टायरों में नााइट्रोजन इस्‍तेमाल हुआ रहता है तो वह अधिक से अधिक 50 हजार किलोमीटर तक चल सकता है.

पुरानी कार खरीदने के दौरान टायर जरूर चेक कर लेना चाहिए.

अगर टायर नये जैसे हैं तो समझ जायें टायर हाल के दिनों में बदले गये हैं या गाड़ी कम चली है.

यह स्पीडोमीटर कंसोल से पता चल जाएगा.

अगर आपको यह जानना है कि टायर कितने घिसे हुए हैं, इसका पता लगाने के लिए कार की चाबी को टायर की थ्रेड में डलें. चाबी अगर ज्‍यादा अंदर तक चली जाती है तो जान जायें कि टायर अभी और चलेगी.

कार की पेंट को करें चेक

यूज्‍ड कार खरीदते समय उसकी कलर और पेंट की चेक कर लेनी चाहिए. खास कर दोनों तरफ के दरवाजों के साथ आगे और पीछे की तरफ की पेंट जरूर देख लेना चाहिए.

ज्‍यदातर टक्‍कर फ्रंट, बैक या साइड से होती है. अगर कार री-पेंट हुई होगी तो आपको बॉडी पैनल पर पेंट के रंग से पता चल जाएगा. आप पता कर सकते हैं कि कार कितनी बार कौ किस-किस हिस्‍से में ठोकाया है.

विंडो रबर और दरवाजों के नीचे और ऊपर उंगलियों से चेक करें. अगर कुछ खुरदुरापन महसूस हो तो समझ जायें कि कार री-पेंट हुई हो सकती है.

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