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यूनिसेफ ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2019 में महिला सशक्तिकरण के साथ समलैंगिक समानता पर दिया जोर

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Ranchi: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर साल 8 मार्च को मनाया जाता है. यूनिसेफ ने साल 2019 का थीम रखा है ‘‘थिंक इक्व्ल, बिल्ड स्मार्ट, इन्नोवेट फॉर चेंज’. यह समलैंगिक समानता, महिलाओं के सशक्तिकरण, खासकर सामाजिक सुरक्षा प्रणाली  और जनसुविधाओं तक पहुंच की वकालत करता है.

इस दिन को मनाने के लिए यूनिसेफ ने नव भारत जागृति केंद्र के साथ मिलकर एक कार्यक्रम का किया. इसका मकसद उन महिलाओं के कार्यों और योगदानों को मंच प्रदान करना था, जिन्होंने समाज एवं समुदाय की बेहतरी में अपना योगदान दिया है.

इस अवसर पर बोलते हुए, बेहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक, कुणाल सारंगी ने कहा ‘‘ झारखंड मेंअनेक ऐसी महिलाएं और लड़कियां हैं, जिन्होंने अपने कार्यों से समाज मेंअपना एक अलग स्थान बनाया है. हमें अधिक से अधिक महिलाओं को अपनी बात रखने के लिए मंच प्रदान करना चाहिए. साथ ही उनके सपनों को पूरा करने के लिए अवसर प्रदान करना चाहिए. उन्‍होंने कहा कि हमें युवाओं से उम्‍मीद है कि वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने  के लिए कार्य करेंगे और राज्य में सभी महिलाओं एवं लड़कियों को उनके बेहतर भविष्य के निर्माण में सहयोग करेंगे.‘‘

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इस अवसर पर बोलते हुए बाल संरक्षण आयोग की चेयर पर्सन, आरती कुजूर ने कहा कि, ‘‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हमें समाज में महिलाओं की भूमिका एवं महत्व के बारे में याद दिलाताहै. कई महिलाएं अपने दैनिक जीवन में शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना की शिकार होतीहैं. समाज के इस नियम एवं व्यवहार तथा महिलाओं के प्रति समाज के दृष्टिकोण को बदलने की जरूरत है. इसके लिए समुदाय को एकजुट करना होगा, ताकि वे लड़कियों की शिक्षा तथा बालविवाह के नुकसान के बारे में जान सकें. सभी हितधारकों-सरकार, यूनिसेफ, गैर सरकारी संगठन, मीडिया, पंचायतीराज संस्थानों के प्रतिनिधि, महिला समूह एवं युवावर्ग इस दिशा में सकारात्मक भूमिकाअदा कर सकतेहैं.’’

उन्होंने आगे कहा कि, ‘‘मैंने खुद स्कूल एवं कॉलेज के दिनों में छेड़छाड़ की शिकार हुई हूं, लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी और छेड़छाड़ करने वालों का डटकर मुकाबला किया. महिलाओं को खुद को कमजोर नहीं समझना चाहिए और शोषण तथा उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाना चाहिए.’’

एनसीसी के कर्नल अमित डंगवाल ने कहा ‘‘एनसीसी तथा यूनिसेफ ने पूर्व में भी झारखंड में बच्चों एवं महिलाओं के मुद्दे को लेकर साझेदारी की है. हम इस वर्ष भी इस साझेदारी के तहत बच्चों के खिलाफ हिंसा को समाप्त करने की दिशा में कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हमें समाज में और हम सबके जीवन में महिलाओं की भूमिका को पहचानने का अवसर प्रदान करता है.’’

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यूनिसेफ की संचार अधिकारी, मोइरा दावा ने कहा कि, ‘‘इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का थीम है ‘थिंक इक्वल, विल्ड स्मार्ट, इन्नोवेट फॉर चेंज‘ जो कि महिलाओं एवं लड़कियों की जरूरतों एवं उनके विचारों को पहचानने पर बल देताहै. सूचना एवं जनसुविधाओं तक महिलाओं की पहुंच में आने वाली बाधाओं को दूरकरने की जरूरत है. आज हमने उन महिलाओं को सुनाहै जिन्होंनेअपने जीवन में अनेक प्रकार की बाधाओं को झेला तथा विजयी होकर निकली.‘‘

कार्यक्रम को विभिन्न महिला चैंपियनों-रानी मिस्त्री सुनीता देवी, मुखिया शांति कुमारी मुंडा, मुखिया बीना कुमारी, प्रिया सृजन महिला संघ की अध्यक्ष एवं महिला स्वयंसहायता समूह की सदस्य फूल कुमारी तथा पिंक ऑटो एसोसिएशन की सदस्य हीरादेवी ने संबोधितकिया.

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इसअवसरपर एमिटी यूनिवर्सिटी के छात्रों ने महिला उत्पीड़न विषय पर नाटक प्रस्तुत किया तथा इसी विषय पर कविताएं भी प्रस्तुत की, जिसे उपस्थित दर्शकों ने काफी सराहा.

कार्यक्रम में एनबीजेके के सतीश गिरिजा के अलावा 100 से अधिक प्रतिभागियों जिनमें रांची के पांच प्रखंडों के बाल पत्रकारों, एनसीसी कैडेटों, एमिटी यूनिवर्सिटी के छात्रों, विभिन्न सरकारी स्कूलों के शिक्षकों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं तथा पंचायती राज संस्था की महिला सदस्यों ने शिरकत की.

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