संतों की हत्या पर उद्धव से सीएम योगी ने की बात

by

Lucknow: महाराष्ट्र के पालघर जिले के एक गांव में जूना अखाड़े के दो साधुओं समेत तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. इस घटना को लेकर लोगों में रोष है और महाराष्ट्र सरकार लोगों के निशाने पर आ गई है.

वहीं आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बात की. जिसमें उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की.

योगी आदित्यनाथ ने उद्धव ठाकरे से की बात

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पालघर की घटना को लेकर रविवार शाम को उद्धव ठाकरे से बात की. जिसकी जानकारी देते हुए उन्होंने लिखा, ‘पालघर, महाराष्ट्र में हुई जूना अखाड़ा के संतों स्वामी कल्पवृक्ष गिरि जी, स्वामी सुशील गिरि जी व उनके ड्राइवर नीलेश तेलगड़े जी की हत्या के संबंध में कल शाम महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री उद्धव ठाकरे जी से बात की और घटना के जिम्मेदार तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हेतु आग्रह किया.’

110 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए ग्रामीणों और 110 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. जिनमें से 101 को 30 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है और नौ नाबालिगों को एक किशोर आश्रय गृह में भेज दिया गया है.

लॉकडाउन खत्म होने के बाद महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ करेंगे आंदोलन: महंत गिरि

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने रविवार को इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की और चेतावनी दी कि अगर हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं की गई तो महाराष्ट्र सरकार के विरुद्ध आंदोलन किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि पालघर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात कर अखाड़ा परिषद ने अपना विरोध जता दिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है. अगर जिम्मेदार लोगों पर एक्शन नहीं होता है तो लॉकडाउन के बाद साधुओं की फौज महाराष्ट्र कूच करेगी.

काशी दशनाम साधु समाज के पुरुषोत्तम गिरी ने भी घटना की निंदा की

काशी दशनाम साधु समाज के पुरुषोत्तम गिरी ने कहा, ‘महाराष्ट्र के पालघर जिले में विशेष समुदाय द्वारा जूना अखाड़े के साधुओं की पीट-पीटकर हत्या किए जाने की काशी दशनाम साधु समाज घोर निंदा करता है. महाराष्ट्र सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हैं कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो.’

दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा: ठाकरे राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने ट्वीट कर पालघर की घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

दरअसल मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से किए गए ट्वीट में कहा गया है कि पालघर की घटना पर कार्रवाई की गई है. पुलिस ने उन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जिन्होंने अपराध के दिन दो साधुओं, एक ड्राइवर और पुलिस कर्मियों पर हमला किया था.

एक अन्य ट्वीट में कहा कि ऐसी शर्मनाक घटना को अंजाम देने वाले दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

फडणवीस ने कड़ी कार्रवाई की मांग की

दूसरी तरफ महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी साधुओं की हत्या पर दुख जताया है और आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है.

फडणवीस ने ट्वीट किया, ‘पालघर में भीड़ हिंसा की घटना का वीडियो हैरान करने वाला और अमानवीय है. ऐसे संकट के समय इस तरह की घटना और भी ज्यादा परेशान करने वाली है. मैं राज्य सरकार से गुजारिश करता हूं कि वह इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाएं और जो दोषी हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो.’

क्या है पूरा मामला

जूना अखाड़े के दो साधु अपने ड्राइवर के साथ मुंबई से गुजरात के सूरत में अपने साथी के अंतिम संस्कार के लिए जा रहे थे. तभी पालघर के एक गांव में गांव वालों ने इन्हें डकैत समझ कर पीट-पीट कर मार डाला. ये तीनों मुंबई के कांदिवली इलाके से मारुति ईको कार में सवार होकर सूरत निकले जहां उनके साथी की मौत हो गई थी. दोनो साधुओं को ही उनका अंतिम संस्कार करना था. जब इनकी गाड़ी महाराष्ट्र-गुजरात बॉर्डर पर पहुंची तो पुलिस ने उन्हें रोक कर वापस भेज दिया. इसके बाद तीनों ने अंदरूनी जंगल वाले रास्ते से होकर आगे बढ़ना तय किया.

इस बीच पालघर जिले के कई गांवों में अफवाह फैल गई कि लॉकडाउन का फायदा उठाकर अपराधी तत्व बैखौफ होकर चोरी डकैती को अंजाम दे रहे हैं. लोगों का अपहरण कर उनकी किडनी निकाल रहे हैं. इस अफवाह के चलते गांव वालों ने बिना कुछ सोचे समझे इनकी गाड़ी देख इन पर हमला कर दिया और गाड़ी को पलट दिया.

पुलिस को इस घटना की सूचना दी गई. पुलिस ने वहां पहुंचकर इन तीनों को अपनी गाड़ी में बैठाया लेकिन गांव वालों की भारी भीड़ के सामने पुलिसकर्मियों की संख्या काफी कम थी, इसलिए तीनों घायलों को छोड़कर पुलिसकर्मी भाग खड़े हुए. इसके बाद गुस्साई भीड़ ने इन्हें पीट-पीट कर मार डाला.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.