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ट्रेन 18 क्‍या है | ट्रेन 20 की प्रोजेक्‍ट की जानकारी | Train 18 and Train 20 Project route information in Hindi

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ट्रेन 18 और ट्रेन 20 क्या है ? (What is Train 18 and Train 20 Project route information in India in Hindi)

आज के समय में लोगों को कहीं भी पहुँचने की बहुत जल्दी होती है. ऐसे में भारतीय रेलवे, जोकि पूर्व, पश्चिम एवं दक्षिण से उत्तर तक के सभी शहरों में फैला दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है, यह तेजी से यात्रा की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हमेशा नई प्रकार की ट्रेन लेकर आता रहता है. इस साल की शुरुआत में भारतीय रेलवे द्वारा 2 सबसे तेज चलने वाली प्रमुख ट्रेनों – ट्रेन 18 एवं ट्रेन 20 का निर्माण कर उसे शुरू करने का फैसला लिया गया है. और सबसे अहम बात इसका निर्माण भारत में ही किया जाना है. ये दोनों ट्रेनें भारत की सबसे तेज चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस एवं शताब्दी एक्सप्रेस की जगह लेने वाली है. ये क्या है और इनकी विशेषताएँ क्या है यह सभी चीजें आप इस लेख के माध्यम से देख सकते हैं.

ट्रेन 18 क्या है ? (What is Train 18)

यह पूरी तरह से भारत में निर्मित होने वाली भारत की पहली सेमी – हाई स्पीड ट्रेन है, जोकि इंजनलेस ट्रेन है. इस ट्रेन का नाम पहले की ट्रेनों से अलग रखा गया है. इसका नाम ट्रेन 18 इसलिए रखा गया है क्योकि यह ट्रेन सन 2018 में शुरू की जा रही है. इस ट्रेन का निर्माण भारत सरकार के मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के अंतर्गत किया गया है, जिसे इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) चेन्नई द्वारा 18 महीने की अवधि में डिजाईन एवं तैयार किया गया. इस ट्रेन को 30 वर्षीय शताब्दी एक्सप्रेस के उत्तराधिकारी के रूप में जाना जाता है. अर्थात यह ट्रेन शताब्दी एक्सप्रेस की जगह लेने वाली है. इस ट्रेन की शुरुआत अगस्त में की जानी थी, किन्तु फिर इस ट्रेन का पहला परिक्षण 29 अक्टूबर, 2018 को चेन्नई में किया गया. ट्रेन 18, ट्रेनों का पहला सेट 15 नवंबर को नई दिल्ली और भोपाल के बीच चलाया गया, जोकि दिल्ली – भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस की जगह पर चलाया गया था. यह 30 साल से चली आ रही ट्रेन है.

ट्रेन 18 की विशेषताएं (Train 18 Features)

सेमी – हाई स्पीड ट्रेन 18 की विशेषताएं इस प्रकार हैं –

  • रफ्तार :- इस ट्रेन की अधिकतम रफ्तार इतनी होगी, कि यह शताब्दी ट्रेन की तुलना में 15% तक समय की बचत कर सकती है. इसकी अधिकतम रफ्तार 160 किलोमीटर प्रतिघंटा है.
  • कॉस्ट :- इस ट्रेन के पहले रेक की यूनिट कॉस्ट 100 करोड़ रूपये यानि 14 मिलियन यूएस डॉलर है, हालाँकि यह कम भी हो सकती है. इसके अलावा यह अनुमान लगाया गया है, कि यूरोप से आयात होने वाली इसी तरह की ट्रेन की तुलना में यह 40 % तक कम महंगी है.
  • बिजली की बचत :- इस ट्रेन में मल्टीलेवल लाइटिंग सिस्टम होगा, जोकि एयरक्राफ्ट के समान होगा. इसमें पहले की तुलना में 30% तक की बिजली की बचत की उम्मीद की गई है.

  • बनावट :- ट्रेन 18 के दोनों छोर के एरोडायनामिक नर्रोविंग की तुलना जापान से आने वाली बुलेट ट्रेन से की जा रही है. इस ट्रेन के दोनों छोर पर एक ड्राईवर कोच होगा, एवं यह ट्रेन इंजनलेस ट्रेन है, इसलिए इसमें इंजन को बदलने का समय बचेगा. इस ट्रेन की बॉडी एल्युमिनियम एवं सीट कारें स्टील की बनी हुई है. ट्रेन इस तरह से बनाई गई कि यात्री ड्राईवर के केबिन को भी देख सकते हैं.
  • क्षमता :- आंतरिक रूप से ट्रेन में प्रत्येक कोच में 16 यात्री कारें हैं, जिसमें कुल 1,128 यात्री एक बार में बैठकर यात्रा कर सकते हैं. बीच के डिब्बों में से दो प्रथम श्रेणी के डिब्बे हैं, जहाँ 52 यात्री बैठ सकते हैं, जबकि बाकी के कोच में 78 यात्री बैठ सकते हैं.
  • सुविधाएँ :- ट्रेन की सीटें, ब्रेकिंग सिस्टम, दरवाजे और ट्रांसफार्मर आदि आयात की जाने वाली ट्रेनों के एक मात्र एलेमेंट्स हैं. इसे अगली ट्रेन के उत्पादन पर घरेलू रूप से बनाने की योजना है.
  • अन्य विशेषताएं :- यह ट्रेन पूरी तरह से एयर – कंडिशन्ड युक्त है. इसके साथ ही इसमें अक्षम लोगों के लिए अलग से टॉयलेट भी बनाये गये हैं. ट्रेन में एयरक्राफ्ट की तरह टॉयलेट हैं, जिसमें कुशल फ्लशिंग के लिए जैव – वैक्यूम है. इसमें पानी की बचत हो सके इसके लिए टच – फ्री सेंसर – आधारित फिटिंग का उपयोग भी किया गया है. इस ट्रेन के प्रत्येक कोच में एक मिनी पैंट्री भी स्थापित है, जिसमे खाने को गरम एवं कोल्ड ड्रिंक्स और जूस को ठंडा रखने के लिए बेहतर अत्याधुनिक उपकरण होंगे. इसमें जो सीटें उपलब्ध हैं उसकी एक अनूठी विशेषता यह है, कि इसे 180 डिग्री रोटेड भी किया जा सकता है.
  • वाईफाई एवं जीपीएस :- इस ट्रेन में अनियंत्रित वाईफाई और इंफोटेनमेंट सिस्टम भी शामिल होगा. प्रत्येक डिब्बे में जीपीएस – सक्षम यात्री सूचना प्रणाली भी होगी, जिसमे ट्रेन की गति, स्थान, डेस्टिनेशन तक पहुँचने का समय आदि शामिल होगा.

ट्रेन 20 क्या है ? (What is Train 20)

ट्रेन 20 पूरी तरह भारत सरकार के मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के अंतर्गत बनने वाली भारत में निर्मित दूसरी सेमी – हाई स्पीड ट्रेन हैं. यह भी इंजनलेस ट्रेन हैं एवं यह ट्रेन भारत की दूसरी सबसे तेज चलने वाली ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस का स्थान लेने वाली है. इस ट्रेन को सन 2020 में शुरू किये जाने की योजना बनाई गई है. इसलिए इस ट्रेन का नाम ट्रेन 20 रखा गया है. इस ट्रेन को भी इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में भारत में ही एक विदेशी ओईएम द्वारा निर्मित किया जायेगा. हालाँकि इस ट्रेन के निर्माण का टेंडर अब तक निश्चित नहीं किया गया है.

ट्रेन 20 की विशेषताएं (Train 20 Features)

इस ट्रेन की अधिकतर विशेषताएं एवं सुविधाएँ ट्रेन 18 के समान ही है. किन्तु इसकी कुछ अन्य विशेषताएं है जोकि इस प्रकार हैं –

  • स्पीड :- अगले साल निर्माण की जाने वाली ट्रेन 20 में 176 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने की क्षमता है.
  • कोच :- इस ट्रेन में स्लीपर कोच होंगे, इसलिए इसे लंबी दूरी की यात्रा के लिए बनाया जा रहा है. इसमें प्रत्येक 20 कोच के 14 ट्रेन सेट एवं 11 अतिरिक्त कोच भी होंगे, कुल मिलाकर इसमें 291 कोच बनाये जायेंगे. इसमें बनाये जाने वाले स्लीपर कोच सभी प्रकार के होंगे जैसे एसी – फ़स्ट क्लास, एसी – द्वितीय क्लास और एसी – तृतीय क्लास आदि. ट्रेन सेट में 3 – फेज प्रोपल्शन सिस्टम और ऑटोमेटिक दरवाजें भी होंगे, जोकि ट्रेन 18 में भी दिए हुए हैं.

इस तरह से ये ट्रेनें भारतीय रेलवे को विकसित करेंगे, और इससे देश का भी विकास होगा. इसमें दी जाने वाली सुविधाओं से लोग ट्रेन में यात्रा करने के लिए प्रभावित एवं प्रोत्साहित भी होंगे.

 

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