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अंतिम सोमवारी में भगदड़ रोकने के लिए देवघर प्रशासन ने किया पुख्‍ता इंतजाम, ऐसे करें आसानी से जल अर्पण

सीएम रघुवर दास वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये देवघर से कांवरियों से सीधी बात करेंगे

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#Deoghar/Ranchi: झारखंड के देवघर में श्रावणी मेला की चौथी एवं अंतिम सोमवारी को लेकर प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किये हैं. कांवरिये को कोई दिक्कत न हो इसके लिए कई दिशा-निर्देश दिये गये हैं. वहीं दूसरी ओर अंतिम सोमवारी के दिन झारखंड के सीएम रघुवर दास वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये देवघर से कांवरियों से सीधी बात भी करेंगे.

सीएम झारखंड से साभार

देवघर उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा एवं पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र कुमार सिंह ने जरूरी निर्देश दिये हैं. उन्‍होंने मेला क्षेत्र में प्रतिनियुक्त सभी दण्डाधिकारी, पदाधिकारी एवं पुलिस बल के अधिकारियों को पिछले तीन सोमवारी की ही तरह इस बार भी पूरी तरह से सजग रहते हुए कार्य करने का निर्देश दिया है.

देवघर में भगदड़ रोकने के लिए दिये गये निर्देश

पूरे रूटलाईन में जितने भी दण्डाधिकारी, मजिस्ट्रेट, पुलिस बल तैनात किये गये हैं. वे सभी अपने-अपने प्रतिनियुक्त स्थल पर मुस्तैदी से डटे रहेंगे. श्रद्धालुओं को सिंगल कतार में कतारबद्ध करते हुए मंदिर की ओर भेजेंगे. सभी को एक समान गति से बिना गैप किये कतार को आगे बढ़ाने को कहा गया है. कतार को तोड़कर घुसपैठ व अफरा-तफरी की स्थिति न हो, इन बातों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है.

ऐसे कर सकेंगे देवघर में आसानी से जल अर्पण

उपायुक्त राहुल कुमार सिन्‍हा ने श्रद्धालुओं को सुगम जलार्पण कराने के लिए कुछ महत्वपूर्ण स्थान यथा-क्यू कॉम्प्लेक्स, बीएड कॉलेज, नेहरू पार्क, संस्कार भवन इत्यादि का जिक्र करते हुए कहा है कि श्रद्धालुओं की संख्या को व्यवस्थित करके सभी को कतारबद्ध करते हुए जलार्पण सुनिश्चित कराना हम सभी का कर्तव्य हैं. अगर इन सभी स्थानों पर श्रद्धालुओं के कतार को व्यवस्थित करते हुए त्वरित गति से आगे बढ़ायें तो वैसे श्रद्धालु जो कतार के अंतिम छोर पर हैं, वो भी आसानी से जलार्पण कर सकेंगे. इन सभी जगहों पर जितने भी दण्डाधिकारी एवं मजिस्ट्रेट प्रतिनियुक्त हैं, वे पूरे मुस्तैदी के साथ अपने-अपने कर्तव्य का निवर्हन करें.

उपायुक्त ने निदेशित किया है कि संस्कार मंडप में प्रतिनियुक्त सभी पुलिस पदाधिकारी एवं सुरक्षा बल सभी के साथ समन्वय स्थापित कर श्रद्धालुओं के कतार को सुव्यवस्थित तरीके से जलार्पण के लिए आगे बढ़ाते रहेंगे. इसके अलावे श्रद्धालुओं के कतार की गति में निरंतरता बनाये रखें. इसी के आधार पर हम कतार के अंतिम छोर तक कतारबद्ध सभी श्रद्धालुओं को बाबा का जलार्पण सुनिश्चित करा पायेंगे.

उपायुक्त ने मंदिर, क्यू कॉम्प्लेक्स, फुट ओवर ब्रिज, नेहरू पार्क, बीएड कॉलेज, कालीबाड़ी से कुमैठा, नन्दन पहाड़ से कालीबाड़ी, बरमसिया से नन्दन पहाड़, क्यू कॉम्प्लेक्स से बरमसिया तक इत्यादि विभिन्न जगहों पर दण्डाधिकारियों को उनके कतर्व्य पर प्रतिनियुक्त रहकर श्रद्धालुओं का जलार्पण कराने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिये.

इसके अलावे उन्होंने कहा कि हम सभी को यह ध्यान रखना है कि हमारे आस-पास हो रही कोई भी गतिविधि हमारे आँखों से ओझल न हो. मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के संदर्भ में बात करते हुए उपायुक्त ने कहा कि मंदिर में प्रतिनियुक्त सभी लोग अपने स्थानों पर तत्परता के साथ कार्य करें. सभी का यह ध्येय होना चाहिये कि जितना हो सके उतना तीव्र गति से कांवरियों का जलार्पण करायें ताकि कतार तेजी से आगे बढ़ते रहे. इसके अतिरिक्त सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में 24×7 पानी की उपलब्धता, साफ-सफाई एवं वहां प्रतिनियुक्त सुरक्षाकर्मियों की संख्या भी बढ़ाये जाने की बात उपायुक्त ने कही.

उपायुक्त ने सुरक्षाकर्मियों एंव दण्डाधिकारियों को कन्ट्रोल रूम से कम्यूनिकेट कर चलने की बात कही. उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए आवश्यक है कि हम सभी पूरी सजगता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करें ताकि दूसरे राज्यों से यहां आने वाले लोग हमारे राज्य की एक अच्छी छवि लेकर अपने घरों की ओर जाए. इसके अलावा उनके द्वारा श्रावणी मेला के तीनों सोमवारी के सफल संचालन के लिए मेला में प्रतिनियुक्त सभी दण्डाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, सुरक्षाकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी व अन्य को धन्यवाद देते हुए कहा गया कि आप सभी के सहयोग से हीं अभी तक तीनो सोमवारी का सफल संचालन संभव हो सका है.

सभी इसी प्रकार पूरे तत्परता एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निवर्हन करें, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा मुहैया कराते हुए उनका सुगम जलार्पण कराया जा सके. पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मेला में प्रतिनियुक्त बाहर से आए सभी पुलिस पदाधिकारी एवं सुरक्षाकर्मी यहां के माहौल से परिचित हो गये हैं. ऐसे में उन्हें कार्य करने में किसी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए.

आर मित्रा प्लस 2 विद्यालय के प्रांगण में लगाये गये सहायता शिविर के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा श्रावणी मेला में भूले-भटके एवं असहाय कांवरियों को फूडिगं एवं टैवलिंग की सहायता प्रदान की जा रही है, ताकि यहाँ आगतुंक कांवरियों में से जो अपने परिजनो से बिछड़ जाते हैं और असहाय होते हैं एवं उनके पास भोजन करने अथवा अपने घर जाने के लिए पैसे नहीं होते हैं, उन्हें इस शिविर के माध्यम से सहायता देकर घर भेजा जा सके.

इसके तहत यहां क्रमश: तीन पाली में दण्डाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है, जो की 24 घंटे केन्द्र में मौजूद रहकर श्रद्धालुओं की हर संभव मदद कर रहे हैं. शिवगंगा तट की घेराबंदी की गयी है, ताकि अप्रिय घटना को पुन: घटित होने से रोका जा सके.

देवघर में सक्रिय है सहायता शिविर, कर रहा है कांवरियों की मदद

सहायता शिविर के द्वारा श्रावणी मेला में अभी तक 520 कांवरियों को रेल पास देकर उनके घर के लिए रवाना किया गया है एवं इनमें से कुछ कांवरियों को सहायता राशि भी प्रदान की गयी है. सहायता शिविर के द्वारा अभी तक भूल-भटके कांवरियों के बीच सहायता राशि के रूप में 18,020 रुपए वितरित किये जा चुके हैं. ये सभी वैसे कांवरिये थे, जो कि अपने साथी परिजनों से बिछड़ गये थे एवं इनके पास अपने घर जाने के लिए पर्याप्त यात्रा का पैसा भी नहीं था. ऐसे में सहायता शिविर द्वारा इन कांवरियों को रेल पास एवं सहायता राशि देकर उनके गंतव्य स्थान की ओर रवाना किया गया है.

जिला प्रशासन ने यहां आगन्तुक कांवरियों को प्राथमिक उपचार मुहैया कराने के लिए सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य केन्द्र एवं एम्बुलेन्स की व्यवस्था की गयी है. मेला क्षेत्र में लगाये गये इन स्वास्थ्य केन्द्रों में 28 जुलाई से 17 अगस्त तक ईलाज किये गये कांवरियों की कुल संख्या 96,823 है, जिसमें 65,807 पुरुष, 25,336 महिलाएं एवं 5,680 बच्चे शामिल हैं.

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