Take a fresh look at your lifestyle.

तीन नवजातों की अस्‍पताल में मौत, हंगामा

Support Journalism
0 6

Giridih: झारखंड में गिरिडीह जिले क चैताडीह स्थित मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य अस्पताल में तीन नवजात की मौत हुई. इसके बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अस्पताल पहुंचे. तोड़फोड़ की. ड्यूटी पर मौजूद डॉ गोविंद प्रसाद के साथ धक्कामुक्की भी की. साथ ही कुछ नर्सों के साथ मारपीट की भी सूचना है.

नवजात की मौत के बाद उनकी मां और महिला परिजन फूट-फूट कर रोती रहीं. एक के बाद एक कर तीन नवजात की मौत की खबर से ही स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. एकजुट होकर लोगों ने अस्‍पताल में हमला बोल दिया.

इस घटना के बाद अस्पताल की नर्सें और अन्य कर्मचारी हड़ताल पर चले गये. इससे अस्पताल में भर्ती महिला मरीजों के साथ बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा. इधर गिरिडीह के सिविल सर्जन ने डॉक्‍टर्स और नर्सेज के साथ बैठक कर हालात की जानकारी ली. उन्होंने नर्सों से काम पर लौटने का आग्रह किया है.

इंजेक्‍शन लगाने के बाद बिगड़ी तबियत

जानकारी के मुताबिक कैलीबाद गांव की राधा देवी, नगर थाना क्षेत्र की बाभनटोली की नेहा देवी और मंडरो की नीलम देवी ने दो दिनों पहले शिशु को जन्म (सामान्य प्रसव) दिया था. इन महिलाओं और उनके परिजनों का आरोप है कि जन्म के बाद अस्पताल के चिकित्सक डॉ गोविंद प्रसाद ने शिशुओं को इंजेक्शन लगाया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ती चली गयी. जबकि जन्म के हाद उनके नवजात ठीक थे.

एक साथ तीन नवजात की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टर तथा नर्सों के साथ मारपीट की. स्थानीय लोगों का कहना था कि कौन सी सुई लगाई गई इसकी जांच हो. इंजेक्शन लगाने के बाद ही बच्चों की हालत बिगड़ी. नर्सों और डॉक्टर के साथ धक्कामुक्की मारपीट में कई महिलाएं भी शामिल थीं.

इससे पहले तबीयत बिगड़ने के बाद तीनों नवजात को एसएनसीयू में बीती रात भर्ती कराया गया था. परिजनों का आरोप है कि वहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्‍टर और नर्सों ने इलाज में लापरवाही बरती. इसके बाद तीनों बच्चों ने एक-एक कर दम तोड़ दिया.

जबकि डॉ गोविंद प्रसाद ने मीडिया से कहा है कि जन्म के बाद नवजातों की तबीयत बिगड़ने लगी थी. उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्होंने रात को ही तीनों को पीएमसीएच धनबाद रेफर कर दिया था.

नीलम कुमारी के बच्चे को उसके परिजन रात को ही ले गए थे, जबकि अन्य दोनों बच्चों को उसके परिजन बाहर नहीं ले गए. मौत के बाद नवजात के शव परिजन घर ले गये. इसके बाद हंगामा किया गया. हालांकि घटना की सूचना मिलते ही गिरिडीह स्थित पचंबा थाना की पुलिस अस्पताल पहुंची, लेकिन तब तक हंगामा करने वाले लोग जा चुके थे.

अस्पताल में तोड़फोड़ और मारपीट की घटना के बाद चैडाहीह स्वास्थ्य केंद्र की नर्सें और कर्मचारी सदर अस्पताल पहुंचे और सिविल सर्जन को एक आवेदन देकर कहा कि जब तक सुरक्षा व्यवस्था बहाल नहीं की जाती वे ड्यूटी नहीं करेंगे. तनूजा कुमारी, शुभ्रा राय, कविता कुमारी, हमीदा खातून एवं मीना देवी ने सदर अस्पताल के अधिकारियों से कहा है कि चैताडीह में बिना सुरक्षा के काम करना मुश्किल है.

इधर सिविल सर्जन डॉ रामरेखा प्रसाद ने कहा कि चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने इलाज में लापरावही नहीं बरती है. इसके बाद भी पांच सदस्यीय टीम गठित कर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. सदर अस्पताल के उपाधीक्षक बीएन झा ने कहा है कि तोड़फोड़ और मारपीट की घटना को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाएगी.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.