कोरोना से मरने वालों का उनके धर्म के हिसाब से होगा अंतिम संस्कार

Mumbai: महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के पांच और मामले बढ़ गए हैं, जिससे संक्रमितों की संख्या अब 225 हो चुकी है. मुंबई में दो, पुणे में एक और बुलढ़ाणा में कोरोना वायरस के दो नए मामले सामने आए हैं. इससे कोरोना पॉजिटिव की संख्या राज्य में बढक़र 225 हो गई है. ये आंकडे महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को सुबह जारी किए हैं.

महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना से मरने वालों को उनके धर्म के हिसाब से अंतिम संस्कार किए जाने का निर्णय लिया है. राज्य में अब तक कोरोना से 10 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें एक डॉक्टर भी शामिल है.

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विरोध के चलते मुख्यमंत्री का निर्णय वापस ले लिया

इससे पहले सोमवार की देर रात मुख्यमंत्री उद्घव ठाकरे ने राज्य में कोरोना से मरने वालों के शव जलाने का आदेश जारी किया था. लेकिन महाआघाड़ी सरकार में मुख्यमंत्री के इस आदेश का जोरदार विरोध किया गया है.

अल्पसंख्यक मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि इसाई और मुस्लिम समुदाय का अंतिम संस्कार दफना कर किया जाता है. इस निर्णय को वापस लिया जाना चाहिए.

इसी विरोध के चलते मुख्यमंत्री का निर्णय वापस ले लिया गया और अब कोरोना से मरने वाले व्यक्ति का अंतिम संस्कार उसके धार्मिक रीति रिवाजों से किया जाएगा.

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कोरोना वायरस के कुल 225 मरीजों का इलाज

महाराष्ट्र राज्य कंट्रोल रूम के मुताबिक मुंबई में 94, पुणे में 43, सांगली में 25, नागपुर में 13 सहित राज्य के अन्य हिस्सों में कोरोना वायरस के कुल 225 मरीजों का इलाज चल रहा है.

स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि अब तक 39 लोग कोरोना से ठीक हुए हैं. इसलिए लोग पैनिक न हों और अपने घरों में रहकर सरकार को सहयोग दें.

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