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India के इन खिलाड़ियों से है Asian Games में Medals की पक्‍की उम्‍मीद

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पिछले एक दशक में India में एथलेटिक्स के अलावा बैडमिंटन, निशानेबाजी, कुश्ती, मुक्केबाजी, तीरंदाजी और टेनिस में Asian Games के लिए कुछ उम्मीद जगी है. इस बार युवा खिलाड़ी Jakarta और Palembang के Asian Games में India का मान बढ़ा सकते हैं.

फिलहाल सवाल यही है कि क्या शनिवार से इंडोनेशिया की राजधानी Jakarta और Palembang में 18 अगस्त से शुरू हो रहे Asian Games में India सीना तानकर खड़ा हो सकेगा. वैसे मामला इतना निराशाजनक भी नहीं है.

युवा खिलाड़ियों में जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा, स्प्रिंटर हिमा दास, निशानेबाज मनु भाकर, एथलीट मोहम्मद अनस और पैडलर मनिका बत्रा इस बार India की झोली में सोने का Medal डाल सकते हैं. उनके अलावा सुशील कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की जमात तो है ही.

गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में India ने पदकों की संख्या में दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. लेकिन ज्यादातर खिलाड़ियों और उनके कोच ने स्वीकार किया है कि चीन, जापान और कोरिया जैसे ताकतवर देशों की मौजूदगी में उनके लिए चुनौती काफी मुश्किल होगी. हालांकि इससे न तो उत्साह और न ही उम्मीदों में कमी आई.

45 देशों के बीच है मुकाबला

इस बार Jakarta में 45 देश हिस्सा ले रहे हैं. जिनके करीब 10,000 एथलीट 40 खेलों के 465 स्पर्धाओं में जोर आजमाइश करेंगे. India ने इन खेलों के लिए 756 सदस्यीय दल को हरी झंडी दिखाई है. इसमें 572 खिलाड़ी 184 कोच व सहयोगी स्टाफ शामिल हैं. तो क्या India इस बार इंचियोन 2014 में जीते 11 स्वर्ण पदकों (इसके अलावा 10 रजत और 36 कांस्य) को पीछे छोड़ सकता है. हां, ये हो सकता है अगर सभी दावेदार खिलाड़ियों को अनुकूल ड्रॉ मिले. वैसे खुद आईओए अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने इस बार 65 से 70 तक Medal जीतने की उम्मीद जताई है. भारतीय दल अगर शीर्ष पांच देशों में जगह बनाने में कामयाब हो जाए तो इसे सम्मानजनक माना जा सकता है. क्योंकि इंचियोन में India आठवें और ग्वांग्झू Asian Games में छठे स्थान पर रहा था. India पिछली बार 1986 में पांचवें स्थान पर रहा था, हालांकि तब वो केवल पांच स्वर्ण Medal ही जीत सका था.

India का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन 2010 के ग्वांग्झू Asian Games में रहा था, जब उसने 14 स्वर्ण Medal सहित 65 Medal जीते थे. 2010 के ग्वांग्झू एशियाई खेल 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद आयोजित किए गए थे इसलिए उनके लिए की गई तैयारियों का लाभ India को वहां मिला था. India के ओवरऑल प्रदर्शन पर नजर डाली जाए तो वो 1951 के पहले यानी दिल्ली Asian Games में दूसरे स्थान पर रहा था. तब उसने 15 स्वर्ण Medal सहित 52 Medal जीते थे.

एथलेटिक्स में युवाओं का दम

India के स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा Jakarta में स्वर्ण Medal के सबसे बड़े दावेदार हैं. नीरज ने पिछले दिनों फिनलैंड में सावो खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण Medal हासिल कर अपने दावे को पुख्ता किया था. वहीं साढ़े सोलह वर्षीय हिमा दास पिछले दिनों विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 400 मीटर दौड़ का स्वर्ण जीतकर अपनी धाक जमा चुकी हैं.

यह गौरव पाने वाली वह पहली भारतीय हैं. मोहम्मद अनस 400 मीटर दौड़ में इस वार सभी को चौंका सकता है. उनके रहने से पुरुषों की 4 गुणा 400 मीटर रिले में भारतीय टीम काफी दमदार दिखाई दे रहे हैं.

ऐन मौके पर पेस ने लिया नाम वापस

टेनिस दल को खेल शुरू होने से पहले ही नाटक का सामना करना पड़ रहा है और यह हर बड़े टूर्नामेंट में उसका ट्रेडमार्क बनता जा रहा है. लिएंडर पेस के अंतिम समय पर हटने से कोच और कप्तान जीशान अली को पुरुष और मिक्स्ड डबल्स के जोड़ीदारों का चयन करना होगा.

हालांकि इस अनुभवी स्टार के इस कदम से कितना असर पड़ता है, यह देखना दिलचस्प होगा. क्योंकि लिएंडर पेस Asian Games के सबसे सफल भारतीय टेनिस खिलाड़ी हैं. वह अब तक पांच स्वर्ण सहित सात Medal जीत चुके हैं. 1994 के हिरोशिमा Asian Games में उन्होंने गौरव नाटेकर के साथ पुरुष डबल्स का गोल्ड जीतकर अपना अभियान शुरू किया था. उनकी गैरहाजिरी में डबल्स में रामकुमार रामनाथन पर पूरा दारोमदार होगा. रामनाथन डबल्स में तो दावेदार हैं ही, साथ ही सिंगल्स का स्वर्ण Medal भी जीत सकते हैं.

शटलर खुद को साबित करने को तैयार

कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार खेल के बाद Asian Games में भारतीय शटलर खुद को साबित करने के लिए तैयार है. 2014 Asian Games में India को बैडमिंटन में सिर्फ एक कांस्य Medal मिला था. भारतीय बैडमिंटन टीम में जहां पीवी सिंधु, सायना नेहवाल, किदांबी श्रीकांत जैसे खिलाड़ी शामिल है, वहीं भारतीय कोच पुलेला गोपीचंद की बेटी गायत्री गोपीचंद, अस्मिता चालिहा जैसे युवा खिलाड़ियों को भी जगह दी गई है. महिला टीम की अगुआई रियो ओलिंपिक सिल्वर मेडलिस्ट पीवी सिंधु करेंगी, वहीं पुरुष टीम किदांबी श्रीकांत के नेतृत्व में उतरेगी.

सुशील कुमार और बजरंग पर नजर

स्टार पहलवान सुशील कुमार की निगाहें Asian Games में स्वर्ण Medal हासिल करने पर लगी हैं, जिसकी तैयारी के लिए वह जॉर्जिया में कड़ा अभ्यास कर रहे हैं. लंदन ओलंपिक खेलों के 66 किग्रा वर्ग के रजत Medalधारी फ्रीस्टाइल पहलवान ने कुश्ती में चार साल बाद वापसी करके ऑस्ट्रेलिया में राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान की 74 किग्रा में स्वर्ण Medal जीता था.

सुशील विश्व और एशियाई चैंपियन हैं, लेकिन Asian Games में स्वर्ण नहीं जीत सके हैं, इसके लिए वह तपस्या में लगे हुए हैं. वह पिछले ग्वांग्झू और इंचियोन Asian Games में भाग नहीं ले पाए थे. सुशील ने 2006 दोहा Asian Games में कांस्य Medal अपने नाम किया था. बजरंग भी स्वर्ण Medal के दावेदार हैं. वहीं महिलाओं में साक्षी मलिक और वीनेश फोगट भी स्वर्ण Medal की दावेदारों में शामिल हैं.

कबड्डी में दो Gold Medal पक्के!

India का कबड्डी में हमेशा दबदबा रहा है. कबड्डी की इन खेलों में शुरुआत से से अब तक के सभी नौ स्वर्ण Medal India के ही खाते में गए हैं. India के सामने ईरान की चुनौती ही दमदार नजर आती है. महिला कबड्डी टीम ने भी पिछले खेलों में स्वर्ण Medal जीता था.

जिम्नास्टिक्स में दीपा करमाकर

इन खेलों में कुछ खिलाड़ी वापसी करके अपनी प्रतिष्ठा बहाल करना चाहेंगे. इनमें रियो ओलिंपिक में जिम्नास्टिक्स में चौथा स्थान पाने वाली दीपा करमाकर प्रमुख हैं. दीपा रियो ओलिंपिक के बाद घुटने में चोट लगने की वजह से कॉमनवेल्थ गेम्स में वापसी नहीं कर सकीं थीं. उन्होंने पिछले माह तुर्की में हुई एफआईजी आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक वर्ल्ड चैलेंज कप में महिलाओं की वॉल्ट स्पर्धा का स्वर्ण Medal जीतकर Jakarta में कुछ बड़ा करने का संकेत दे दिया है.

निशानेबाजी में मनु और अनीश से आस

राष्ट्रमंडल खेलों में धूम मचाने वाले भारतीय निशानेबाज यहां भी सोने पर निशाना लगाने के लिए तैयार हैं. निशानेबाजी में सभी की निगाहें दो युवाओं पर हैं. पहले 15 साल के अनीश भानवाला और दूसरा 16 साल की सनसनी मनु भाकर. पिस्टल शूटर मनु भाकर इस साल की शुरुआत में मेक्सिको आईएसएसएफ विश्व कप में दोहरा गोल्ड मेडल जीतकर धमाल मचा चुकी हैं. यह कमाल करते वक्त वह मात्र 16 साल की थीं और आईएसएसएफ विश्व कप में गोल्ड जीतने वाली सबसे कमउम्र निशानेबाज बनी थीं.

इस पिस्टल निशानेबाज से Asian Games में दोहरे स्वर्ण Medal की उम्मीद की जा सकती है. अपने पहले राष्ट्रमंडल खेल में ही स्वर्ण Medal जीत कर अनीश ने इतिहास रचा. साथ ही 15 साल की उम्र में सोना जीतने वाले अनीश पहले खिलाड़ी भी बने. 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा में अनीश ने कमाल की निशानेबाजी की. वह Asian Games के रैपिड फायर स्पर्धा में ही चुनौती पेश करेंगे. इसके अलावा अपूर्वी चंदेला, श्रेयसी सिंह और राही सरनोबत से भी देश को Medal की उम्मीद है. गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन से निशानेबाज भी उत्साहित हैं. हालांकि उन्हें यहां Medal के लिए ज्यादा मेहनत करनी होगी.

हॉकी में नजर ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने पर

पुरुष हॉकी टीम स्वर्ण Medal जीतकर सीधे 2020 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने पर नजर लगाए होगी. टीम हाल में चैंपियंस ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया के बाद उपविजेता रही थी और उसके सामने ज्यादा कड़ी चुनौतियां नहीं होंगी इसलिए अगर वह स्वर्ण के बिना लौटती है तो यह निराशाजनक ही होगा. महिला टीम विश्व कप के सेमीफाइनल में ऐतिहासिक स्थान से चूक गई, लेकिन रानी रामपाल की अगुआई वाली टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है और वह इंचियोन में  मिले कांस्य Medal के रंग को बदलना चाहेगी.

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