43 साल की महिला के सीने में धड़केगा 16 साल के लड़के का दिल

Kolkata: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आठवां सफल दिल प्रत्यारोपित(Successful Heart Transplant) किया गया है. मुंबई में एक 16 साल के लड़के को दिमागी तौर पर मृत घोषित कर दिये जाने के बाद मंगलवार रात विशेष विमान से उसका दिल कोलकाता लाया गया था और वहां से ईएम बाईपास के फोर्टिस अस्पताल (Heart Transplant Hospital) में भर्ती 43 वर्षीया अनुषा अधिकारी के शरीर में प्रत्यारोपित किया गया है.

बुधवार सुबह अस्पताल की ओर से बताया गया है कि प्रत्यारोपण बिल्कुल सफल रहा है. निगरानी के लिए अनुषा को वेंटिलेशन पर रखा गया है. इसके पहले कोलकाता के विभिन्न अस्पतालों में 7 बार सफलतापूर्वक दिल प्रत्यारोपित किये जा चुके हैं.

दरअसल पिछले कुछ समय से  अंगदान के प्रति कोलकाता समेत बंगाल के लोगों में जागरूकता बढ़ी है. बंगाल सरकार ने भी इसे सरकारी तौर पर बढ़ावा देने के लिए अंगदान को सरकारी पाठ्यक्रम में शामिल करा दिया है.

इसके बाद बंगाल में एक के बाद एक सफल अंग प्रत्यारोपण की घटनाएं सामने आती रही  हैं. डॉक्‍टरों ने बताया है कि दमदम की रहने वाली अनुषा अधिकारी लंबे समय से दिल के रोग की समस्या से ग्रसित थीं.

डॉक्‍टरों ने दिल प्रत्यारोपण का सुझाव दिया था लेकिन कोई दाता नहीं मिल रहा था. वह फोर्टिस अस्पताल में भर्ती थीं. इस बीच मुंबई में सड़क दुर्घटना में एक 16 साल का किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया था. लाख कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका.

डॉक्‍टरों ने मंगलवार देर शाम उसे दिमागी तौर पर मृत घोषित कर दिया. उसके परिजनों ने अंगदान की इच्छा जताई थी.

सूचना मिलने के बाद कोलकाता के फोर्टिस अस्पताल की ओर से उसका दिल यहां लाने की प्रक्रिया शुरू की गयी. पश्चिम बंगाल सरकार के क्षेत्रीय अंगदान समिति की अनुमति मिलने के बाद विशेष विमान से दिल दमदम हवाई अड्डे पर लाया गया.

वहां से कोलकाता पुलिस और बिधाननगर पुलिस टीम ने मिलकर अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया और 18 किलोमीटर की दूरी एंबुलेंस चालक ने 16 मिनट 20 सेकंड में पूरी कर रात के समय दिल को अस्पताल में पहुंचा दिया था.

पिछले साल कोलकाता में झारखंड निवासी दिलचांद सिंह के शरीर में पहले सफल दिल प्रत्यारोपण को अंजाम देने वाले डॉक्‍टर तापस राय चौधरी के नेतृत्व में एक बार फिर अनुषा के शरीर में दिल प्रत्यारोपण की प्रक्रिया रात को ही शुरू हो गई थी और करीब 4 घंटे के ऑपरेशन के बाद दिल को सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित कर दिया गया है.

बुधवार सुबह अनुषा की हालत स्थिर बतायी जा रही है. निगरानी के लिए उन्हें वेंटीलेशन पर रखा गया है. उनकी हालत में सुधार भी देखा जा रहा है. डॉक्‍टरों ने कहा है कि 24 घंटे तक अगर अनुषा स्वस्थ रहीं तो वेंटीलेशन से हटाया जाएगा.

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