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झारखंड राज्‍य सहकारी बैंक लिमिटेड के महाप्रबंधक निलंबित, कई अधिकारियों की सेवा वापस

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Ranchi: सहकारिता विभाग की निबंधक सुचित्रा सिन्‍हा ने झारखंड राज्‍य सहकारी बैंक लिमिटेड में वित्‍तीय अनियमितता की शिकायत के बाद इसकी जांच करायी. कमिटी ने जांच के बाद ढाई सौ पन्‍नों एक रिपोर्ट तैयार की. इस रिपोर्ट में करोड़ों रूपये की गड़बड़ी की बात कही गयी. साथ ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इसकी जांच सीबीआई से जांच कराई गयी तो और इससे भी बड़ी अनियमितता उजागर होगी. इस रिपोर्ट को सुचित्रा सिन्‍हा ने सीबीआई जांच की सिफारिश की.

इस मामले में सहकारिता विभाग द्वारा अधिसूचना जारी की गयी है. इसमें झारखंड राज्‍य सहकारी बैंक लिमिटेड के महाप्रबंधक जयदेव प्रसाद सिंह को निलंबित किया गया है. अधिसूचना में कहा गया है कि पत्रांक 1360 दिनांक 03 मई 2019 के जांच रिपोर्ट के तहत झारखंड राज्‍य सहकारी बैंक लिमिटेड रांची में वित्‍तीय अनियमिता बरतने का आरोप है.

विभाग की ओर से एक दूसरा आदेश पत्र भी जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि वैसे पदाधिकारी जिनकी प्रतिनियुक्ति झारखंड राज्‍य सहकारी बैंक लिमिटेड में है, उनकी सेवाएं तत्‍काल प्रभाव से वापस ली जाती हैं.

घोटाला उजागर करने वाली अधिकारी के तबादले की तैयारी

मीडिया की खबरों में कहा गया है कि इस घोटाले को उजागर करने वाली और सीबीआई जांच की सिफारिश करने वाली सहकारिता विभाग की निबंधक सुचित्रा सिन्‍हा के तबादले की तैयारी चल रही है.

इस संबंधत में आरटीआई कार्यकर्ता एनामुल हक ने मुख्‍य सचिव झारखंड सरकार को एक आवेदन सौंपा है. उन्‍होंने अपने आवेदन में मीडिया की खबरों का हवाला देते हुए सुचित्रा सिन्‍हा के तबादले को साजिश बताते हुए रोकने की मांग की है.

उन्‍होंन कहा है कि झारखंड राज्य सहकारी बैंक की वित्‍तीय अनियमितता की प्रारंभिक जांच में अभी सिर्फ सरायकेला-खरसांवा ब्रांच में लगभग 20 करोड़ रुपए का घोटाला का उजागर हुआ है. अभी आगे की जांच की प्रक्रिया जारी है.

एनामुल हक ने कहा है कि जांच प्रक्रिया में निबंधक सहयोग समितियां के द्वारा कंक्रीट ऑडिट कराने के लिए झारखंड राज्य स्तर का एक टीम गठन किया गया है. जिससे बौखला कर कुछ अधिकारी निबंधक को हटाने की साजिश रच रहे हैं. अभी 106 ब्रांच का जांच के लिए टीम गठन की गई है. उन्‍होंने कहा कि जांच होने पर 100-150 करोड़ का घोटाला का उजागर होने वाला है.

ऐसे कर्त्तव्य, निष्ठावान,ईमानदार और साफ छवि के अधिकारी को हटाने की जो साजिश इसलिए चल रही है ताकि भ्रष्टाचार में जो लूट-खशोट जो हुआ है उसको दबाया जा सके. ये झारखंड के लिए बहुत बड़ा दुर्भाग्य होगा कि बैंक घोटाला की अनुशंसा करने वाले ईमानदार अधिकारी को ही हटाने की साजिश रची जा रही है ताकि भ्रष्ट अधिकारियों का काला करतूतों को छिपाया जा सके.

उन्‍होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री महोदय, राज्यपाल महोदया, मुख्य सचिव महोदय से आग्रह किया है कि अपने स्तर से संज्ञान में लेते हुए निबंधक सहयोग समितियां के द्वारा बैंक घोटाले की जांच की अनुशंसा को बरकरार रखते हुए सीबीआई जांच कराई जाए और निबंधक सहयोग समितियां झारखंड रांची को हटाने की जो साजिश चल रही है उसे अबिलम्ब रोक लगाई जाये और भ्रष्ट अधिकारियों पे कार्यवाई की जाये.

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