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देश की पहली रेलवे यूनिवर्सिटी के ब्‍लू प्रिंट पर काम शुरू, भारतीय रेल को मॉर्डनाइज करना लक्ष्‍य

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रेलवे यूनिवर्सिटी – रेलवे में हर साल रेलवे में हजारों जॉब की वेकेंसी निकलती है जिसके लिए लाखों विद्यार्थी एप्लाई करते हैं. लेकिन कुछ छात्रों का ही हो पाता है. ऐसा इसलिए कि एक तो रेलवे में कई तरह की वेकेंसी होती हैं. लेकिन लोको पायलट का ही हर किसी को नॉलेज होता है. ज्यादा से ज्यादा रेलवे पुलिस और क्लर्क के लिए ही सब एप्लाई करते हैं. जबकि रेलवे में अन्य पदों के लिए भी कई सारी वेकेंसी निकलती है. लेकिन लोगों को इसके बारे में ज्यादा मालूम नहीं होता है जिसके कारण लोग इसमें एप्लाई नहीं कर पाते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार रेलवे यूनिवर्सिटी खोल रही है.

वडोदरा में खुल रही ये रेलवे यूनिवर्सिटी

गुजरात के वडोदरा में देश का पहला रेलवे यूनिवर्सिटी खुलेगा. इसके लिए वहां काम शुरू हो चुका है. यह काम 05 सितम्बर 2018 को शिक्षक दिवस के अवसर पर शुरू किया गया. फिलहाल यह वडोदरा स्थित भारतीय रेल राष्ट्रीय अकादमी से ही काम कर रहा है. कैलिफॉर्निया, बर्कले और कॉर्नेल विश्वविद्यालय जैसे विदेशी पार्टनर्स के साथ काम कर रहे इस रेलवे विश्वविद्यालय ने अभी 2 ग्रैजुएट प्रोग्राम शुरू किए हैं.

इस प्रोग्राम बीएससी ट्रांसपोर्टेशन टेक्नोलॉजी और बीबीए ट्रांसपोर्टेशन मैनेजमेंट में शुरू किए जा रहे हैं. प्रत्येक कोर्स के लिए 50 छात्रों का चुनाव किया जाएगा. इन सीट्स के लिए आवेदन जारी किए जाएंगे और एंट्रांस एक्ज़ाम होगा. इस एक्ज़ाम का पास करने पर ही यूनिवर्सिटी में छात्रों को एडमिशन मिलेगा.

2017 में इस रेलवे यूनिवर्सिटी को दी गई थी मंजूरी

यूनिवर्सिटी बनाने की मंजूरी 2017 में दी गई थी. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसके लिए मानव संसाधन कौशल और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए गुजरात के वडोदरा में देश की पहली रेल यूनिवर्सिटी की स्थापना को 20 दिसम्बर 2017 को मंजूरी दी थी. फिलहाल इस यूनिवर्सिटी की स्थापना करने के लिए भारतीय रेल की राष्ट्रीय अकादमी (एनएआईआर) की मौजूदा जमीन का इस्तेमाल किया जा रहा है जो वडोदरा में स्थित है. 2014 में पीएम मोदी ने भारत की रेलवे प्रणाली के रिसर्च और आधुनिकीकरण के लिए रेलवे यूनिवर्सिटी की घोषणा की थी. जिसके बाद ही बीजेपी सरकार ने आते ही इस यूनिवर्सिटी पर काम शुरू कर दिया था.

2017 में सबसे पहले इसकी जानकारी रेल राज्य मंत्री राजेन गोहांई ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी थी. उन्होंने जवाब दिया था कि रेल मंत्रालय ने गुजरात के वडोदरा में इस यूनिवर्सिटी को स्थापित करने के लिए ब्लू प्रिंट बना लिया है.

ब्लू प्रिंट पर हुआ काम शुरू

इस ब्लू प्रिंट पर बीते 05 सितम्बर 2018 को काम शुरू हो गया था. यह यूनिवर्सिटी यूसीजी की नोवो श्रेणी (मानित विश्‍वविद्यालय संस्‍थान) नियमन, 2016 के अंतर्गत मानित विश्‍वविद्यालय के रूप में स्‍थापित हुई है.

मॉर्डनाइज़ होगी रेलवे

यह यूनिवर्सिटी भारतीय रेलवे को मॉर्डनाइज़ करेगी और इससे प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी. जिससे ‘मेक इन इंडिया’ के टैगलाइन को प्रोत्साहन मिलेगा. विश्‍वविद्यालय कुशल मानव शक्ति संसाधन का पूल बनाएगा और भारतीय रेल में बेहतर सुरक्षा, गति और सेवा प्रदान करने के लिए अत्‍याधुनिक प्रौद्योगिक का लाभ उठायेगा. इससे ‘स्‍टार्ट अप इंडिया’ तथा ‘स्किल इंडिया’ को समर्थन मिलेगा.

इस यूनिवर्सिटी का लोगों को बेसब्री से इंतजार

इस यूनिवर्सिटी का लोगों को बेसब्री से इंतजार है. इससे रोजगार बढ़ेगा और लोगों की नॉलेज में भी वृद्दि होगी.

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