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रिम्स में डॉक्‍टर की फिर दिखी दबंगई, गोली लगे शख्‍स के परिजन को दौड़ा-दौड़ा का पीटा

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#Ranchi: झारखंड के सबसे बड़े अस्‍पताल रिम्‍स में एक बार फिर से एक डॉक्‍टर की दबंगई सामने आई है. गुंडागर्दी को लेकर एक वीडियो भी सामने आया है. इस वीडियो में रिम्‍स के एमरजेंसी में एक डॉक्‍टर मरीज के परिजन को गाली गलौज के साथ पीटते-पीटते दौड़ाकर बाहर करते दिखाई दे रहे हैं. मौके पर रिम्‍स में तैनात सुरक्षाकर्मी भी दिखाई दे रहे हैं.

जानकारी के अनुसार चुटिया में अमरावती कॉलोनी के पास अभिजित कुमार को 2 सितंबर की शाम को अज्ञात अपराधी गोली मार कर फरार हो गये. इसी क्रम में उनके दोस्‍त अभिजित को लेकर रिम्‍स आये. रिम्‍स में गोली लगे अभिजित के त्‍वरित इलाज को लेकर डॉक्‍टर और दोस्‍तों के बीच कहासुनी हो गई. इसी बीच डॉक्‍टर ने रिम्‍स के गार्ड को उसे बाहर ले जाने को कहा. रिम्‍स अभिजित के दोस्‍त को वहां से बाहर ले जा रहे थे कि डॉक्‍टर अपना आपा खो दिया और उसकी धुनाई कर दी और पीटते हुए रिम्‍स के बाहर तक ले गया. इस दौरान डॉक्‍टर ने उसे भद्दी गालियां भी दी.

इसके पहले भी कई बार रिम्‍स में मरीजों और परिजनों के साथ हुई है मारपीट

12 जनवरी 2018: इस दिन रिम्स के तीन डॉक्टर आपस में ही भिड़ गये. कार्डियोलॉजी विभाग के दो वरिष्ठ डॉक्टरों ने मामूली विवाद में अपने एचओडी की पिटाई कर और पैर तोड़ दिया. इस घटना में एक डॉक्टर का हाथ भी टूटा.

13 जनवरी 2018: रिम्स परिसर में एक बार फिर उस वक्त हड़कंप मच गया जब एंबुलेंस के चालकों ने आपस में जमकर मारपीट की. मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया.

14 अप्रैल 2018: रिम्स के इमरजेंसी में जूनियर डॉक्टरों और रोगी के परिजनों के बीच मारपीट की घटना हुई. मारपीट के बाद फिर एक बार जूनियर डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार कर दिया. जूनियर डॉक्टर रिम्स की इमरजेंसी में भर्ती दर्जनों मरीजों को भगवान भरोसे छोड़ गए.

1 जून 2018: मेडिसिन वार्ड में भर्ती महिला मरीज की मौत के बाद नर्स औ

र परिजन भिड़ गये थे.

2 जून 2018:  रिम्स में इलाजरत एक महिला की मौत हो गयी. मृतका के परिजनों ने नशे की हालत में इंजेक्शन देने का आरोप लगाया. मारपीट की घटना के बाद रिम्स की करीब 350 नर्सें हड़ताल पर चली गयी.

कैसी है रिम्‍स की सुरक्षा व्‍यस्‍था

रिम्स प्रबंधन अस्पताल की सुरक्षा के नाम पर हर महीने करीब 50 लाख रुपये खर्च करता है. इसके बावजूद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था बेहद लचर है. आये दिन मरीजों के परिजन और नर्सों/डॉक्टरों के बीच विवाद हो जा रहा है. इस पर चिंता करते हुए रिम्स निदेशक डॉ आरके श्रीवास्तव ने 10 जून 2018 को एसएसपी कुलदीप द्विवेदी को पत्र लिखा था. उस पत्र में उन्‍होंने रिम्‍स की सुरक्षा व्‍यवस्‍था का ऑडिट कराने का आग्रह किया था.

जिला पुलिस द्वारा तैयार की गयी ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर ही रिम्स प्रबंधन नये सिरे से अस्पताल परिसर की सुरक्षा का खाका तैयार की गई.  वहीं रिम्स ने सेवानिवृत्त सैनिकों को सुरक्षा में तैनात करने की भी योजना बनायी. साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड से रिम्स की सुरक्षा के लिए 200 सेवानिवृत्त सैनिकों की मांग की.

इसके बाद 15 जून को रिम्स उपाधीक्षक डॉ संजय कुमार ने अस्पताल, हॉस्टल और कॉलोनी की सुरक्षा का जायजा लिया. इस ऑडिट में उन्होंने रिम्स में 350 सुरक्षा गार्डों की तैनाती की जरूरत बतायी.

डॉ संजय ने अपनी ऑडिट रिपोर्ट में बताया कि रिम्स में सुबह की पाली में 150, शाम  की पाली 100 और रात की पाली में 100 गार्डों की तैनाती की जानी चाहिए. जिन जगहों पर इन गार्डों की तैनाती की जरूरत बतायी गयी, उनमें महत्वपूर्ण वार्ड, ब्लड बैंक, ओपीडी, पंजीयन काउंटर, सुपर स्पेशियलिटी विंग, कैंसर विंग, अंकोलॉजी विंग आदि शामिल हैं.

1 जुलाई से रिम्‍स में हुई सैप जवानों की तैनाती

एक ओर रिम्‍स जहां सुरक्षा के लिए रिटायर्ड सैनिकों की मांग कर रहा था, वहीं 1 जुलाई 2018 से वहां सैप के जवानों की तैनाती कर दी गई. रिम्‍स में 25 सैप के जवानों की नियुक्ति कर दी गई. उनके रहने के लिए अस्थाई बैरक का निर्माण रिम्स के डेंटल कॉलेज में किया गया. जिसका उद्घाटन डीजीपी डीके पांडेय ने किया.

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