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पिता लालू प्रसाद यादव से नहीं मिलने दिये जाने पर भड़के तेजस्वी यादव

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Ranchi: बिहार में नेता प्रतिप्रक्ष तेजस्वी यादव तमाम कोशिशों के बाद भी अपने पिता लालू प्रसाद यादव से नहीं मिल सके. चारा घोटाले में राजद प्रमुख सजायाफ्ता लालू प्रसाद रांची स्थित राजेंद्र आर्युविज्ञान संस्थान में भर्ती हैं.

शनिवार की शाम तेजस्वी अपने पिता से मिलने अस्पताल पहुंचे थे. लेकिन लालू की सुरक्षा में तैनात पुलिस अधिकारियों ने तेजस्वी यादव को बताया कि जेल मैनुअल के हिसाब से शाम पांच बजे तक ही मुलाकात हो सकती है. और पांच बजे के बाद मिलने के लिए जेल अधिकारी से किसी किस्म की अनुमति नहीं मिली है. इसलिए मिलने नहीं दिया जा सकता.

इस मामले को लेकर राजद और विपक्षी दलों के नेताओं ने बीजेपी और उसकी सरकारों पर निशाने साधने शुरू कर दिए हैं. तेजस्वी यादव ने भी ट्वीट करके कहा है कि ईंट से ईंट बजा दूंगा.


इससे पहले तेजस्वी यादव काफी देर तक अपने पिता लालू प्रसाद यादव से मिलने पर अड़े रहे.

अस्पताल के पेइंग वार्ड में सुरक्षा में तैनात पुलिस अधिकारियों से उन्होंने यह भी कहा कि जेल के अधीक्षक से बात करा दी जाये. तेजस्वी ने यह भी कहा कि वे खुद बार-बार जेल अधिकारी से संपर्क स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन बात नहीं हो पा रही है. इसलिए आप ही लोग(पुलिस अधिकारी) बात करा दीजिए.

पुलिस अधिकारी तेजस्वी से बार-बार कहते रहे कि पांच बजे जेल के अधिकारी से बात की गयी है. मुलाकात के बारे में मनाही है, तो वे कैसे अंदर जाने दे सकते हैं. मिलने की अनुमति जेल देता है. उनका काम सुरक्षा देखना है.

जबकि तेजस्वी बार-बार यह भी कहते रहे कि बेटा होने के नाते तो पांच मिनट के लिए अपने पिता से मिल ही सकते हैं. इससे पहले शनिवार को अपने पिता से मिलने के समय भी ले रखा था, लेकिन की कारणों से अस्पताल पहुंचने में थोड़ा विलंब हुआ. तेजस्वी यह भी कहते रहे कि पिता से मिलने के लिए उन्हें नहीं रोका जा सकता.

इस बीच तेजस्वी यादव ने अस्पताल परिसर में मीडिया से बातें की. उन्होंने कहा कि यह सब साजिश के तहत किया जा रहा है. उनके पिता को मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने का यह हथकंडा भी है. उन्होंने कहा लालू जी मुख्यमंत्री रहे हैं. रेल मंत्री रहे हैं. अन्य़ कई बड़े पदों पर रहे हैं. अस्पताल में वे किस हाल में हैं, क्या उनके घर-परिवार के लोग नहीं जान सकते. और वे तो पुत्र की हैसियत से मिलना चाहते हैं.

तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि झारखंड प्रशासन का कोई अधिकारी उनसे बात करने को तैयार नहीं है. वे धैर्य के साथ गुजारिश कर रहे हैं और जिस तरह का रुख अपनाया जा रहा है, वह सबके सामने है.

पलामू से आए

इससे पहले वे पलामू में चुनावी सभा करने गए थे. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि साजिश के तहत सभास्‍थल से पांच किमी दूर उनका हेलीपैड बनाया गया था. पूरा पलामू शहर जाम था. उनका हेलिकॉप्टर रांची चला आया. फिर पलामू गया.  मौसम खराब होने की वजह से वे रांची देर से पहुंचे. अब उन्‍हें समय का हवाला देते हुए अपने पिता से नहीं मिलने दिया जा रहा है. उन्‍होंने सवाल उठाया कि आखिर एक पिता से उसके बेटे को मिलने से कैसे रोका जा सकता है.

उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है. जनता की अदालत में ही इन बातों का फैसला होगा. वहां न समय देखा जाता है और ना तारीख तय होती है. सीधे फैसला होता है.

ये क्या चीज हैं

जेल सुपरिंटेंडेंट मोबाइल नहीं उठा रहे, तो क्या वजह हो सकती है, इस सवाल पर उन्होंने मीडिया से कहा कि जहां सीबीआई डायरेक्‍टर को एक झटके में बदल दिया जाता है, वहां जेलर और अधीक्षक क्‍या चीज है. सब कुछ उनके आका के इशारे पर हो रहा है.

इसी दौरान तेजस्वी यादव ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर टिप्‍पणी करते हुए कहा कि विधायक अनंत सिंह के आरोपों पर पर उन्‍होंने क्यों चुप्‍पी साध ली है. जेल में रहकर जब अनंत सिंह से नीतीश कुमार खुद बात करते थे. और यहां मेरे पिता के कमरे में बार-बार पुलिस की तलाशी कराई जा रही है.

उन्‍होंने कहा कि मेरे पिता के साथ अच्‍छा व्‍यवहार नहीं हो रहा है. उनका इलाज, उनकी जांच को भी प्रभावित की जा रही है. उन्हें एक्सरे के लिए दूसरी बिल्डिंग में इसलिए नहीं भेजा जाता है कि एक तस्वीर बाहर निकल जाएगी, तो बीजेपी की मुश्किलें बढ़ जाएगी. क्योंकि लालू जी तो जन के नेता हैं.

तेजस्वी रांची में रूक गए हैं. रविवार को उनकी मुलाकात लालू प्रसाद से हो सकती है.

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