तबाही मचाने 175 किमी रफ्तार से आ रहा है तौकाते चक्रवात

by

New Delhi: भारत के तटीय इलाकों में भयंकर चक्रवात आने की संभावना है. इसके पीछे अरब सागर में बन रहे दबाव माना जा रहा है. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की ओर से ‘तौकाते’ चक्रवात को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. बताया जा रहा है कि 17 मई यानी की सोमवार को Tauktae गुजरात में विकराल रूप ले सकता है, जहां पर 175 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलेंगी और भारी बारिश भी होती दिख जाएगी. इस चेतावनी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशैष बैठक करने जा रहे हैं.

Read Also  कोरोना फाउंडेशन के नाम पर हो रहा है ऑनलाइन ठगी

बैठक में केंद्र सरकार के शीर्ष अधिकारी होंगे शामिल

सरकारी सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के अधिकारियों समेत केंद्र सरकार के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे. बता दें, आईएमडी ने एक दिन पहले यानी शुक्रवार (13 मई) को कहा कि अरब सागर में बने दबाव के क्षेत्र के 17 मई को ‘अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान’ में तब्दील होने और एक दिन बाद इसके गुजरात तट को पार करने की संभावना है.

आईएमडी की चेतावनी

आईएमडी ने आगे कहा कि मौसम स्थिति गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गई है और इसके शनिवार सुबह तक चक्रवाती तूफान ‘तौकाते’ में तब्दील होने की संभावना है. वहीं, शनिवार रात तक इसके अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है.

Read Also  Modi 2.0: 7 राज्यों की विधानसभा चुनाव के पहले कैबिनेट में बड़े बदलाव की तैयारी

150 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी हवा

आईएमडी के चक्रवात चेतावनी प्रभाग ने कहा कि 16-19 मई के बीच पूरी संभावना है कि यह 150-160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ एक ‘‘अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान’’ में तब्दील होगा. हवाओं की रफ्तार बीच-बीच में 175 किलोमीटर प्रति घंटा भी हो सकती है.

तूफान को ‘तौकाते’ नाम म्यांमार ने दिया

इसके मद्देनजर मौसम विभाग ने पश्चिमी तटीय राज्य को सतर्क किया है और एनडीआरएफ के 53 दलों को राहत व बचाव कार्य के लिए लगाया है. बताते चलें कि तूफान को ‘तौकाते’ नाम म्यांमार ने दिया है, जिसका मतलब ‘छिपकली’ होता है. इस साल भारतीय तट पर यह पहला चक्रवाती तूफान होगा.

Read Also  आदिवासियों में होने वाले सिकल सेल आनुवांशिक बीमारी के उन्‍मूलन के लिए मुहिम शुरू

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.