ओआईसी की बैठक में सुषमा स्‍वराज ने कहा- आतंकवाद सबके लिए बड़ी चुनौती

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New Delhi: ओआईसी की बैठक में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने संबोधन में कहा कि आतंकवाद सबके लिए बड़ी चुनौती बन गयी है. यह अलग-अलग तरीके से चलाए जा रहे है. जिन देशों में आतंकी कैम्प चलाए जा रहे हैं उन्हें आश्रय को बंद करना होगा. आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी धर्म के खिलाफ लड़ाई नहीं है.

इससे पहले बीच पाक के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि भारत की विदेश मंत्री को गेस्ट ऑफ ऑनर बुलाया गया है, लिहाजा वह बैठक में शामिल नहीं होंगे. ओआईसी के विदेश मंत्रियों की इस बैठक का यह 46वां सत्र है. इस्लामिक सहयोग संगठन 56 देशों का प्रभावशाली समूह है. इसमें पहली बार भारतीय मंत्री को बतौर गेस्ट ऑफ ऑनर बुलाया गया है.

पहले दिए बयान से पलटे कुरैशी

शाह महमूद कुरैशी ने गुरुवार को कहा था कि अगर सुषमा इस बैठक में शामिल होंगी तो वे इस मीटिंग से बॉयकॉट करेंगे. उन्होंने कहा, “ओआईसी हमारा घर है, इसलिए वहां जाऊंगा जरूर, लेकिन सुषमा के साथ कोई बातचीत नहीं होगी.”

पाकिस्तान का समर्थक रहा ओआईसी

पाकिस्तान के कहने पर 1969 की ओआईसी बैठक में भारत को आमंत्रित नहीं किया गया था. यह बैठक मोरक्को में हुई थी. ओआईसी आमतौर पर पाकिस्तान का समर्थन करता रहा है. वह अक्सर कश्मीर मुद्दे पर इस्लामाबाद का पक्षधर रहा है.

पुलवामा हमले के बाद भारत-पाक के बीच तकरार

भारत और पाकिस्तान के बीच 14 फरवरी को पुलवामा में हुए फिदायीन हमले के बाद से ही तकरार चल रही है। इस हमले में 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे। हमले की जिम्मेदारी पाक से संचालित आंतकी संगठन जैश ने ली थी। इसके बाद भारत ने 26 फरवरी को जैश के ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। इस हमले में करीब 350 आतंकी मारे गए। इसके अगले दिन पाकिस्तान ने भारत पर हवाई हमले किए, जिसे भारतीय वायुसेना ने नाकाम कर दिया।

 

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