बिहार में सुशील कुमार मोदी को भाजपा ने क्‍यों किया साइड

Patna: नीतीश कुमार ने आज सातवीं बार बिहार के सीएम पद की शपथ ली. उनके साथ एनडीए के 14 नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली. लेकिन एक शख्स जिनके नाम की चर्चा लगातार हो रही है, वो सुशील कुमार मोदी हैं.

सुशील कुमार मोदी (Sushil Modi) शुरुआती समय से ही बीजेपी से ही जुड़े हुए हैं. उनके पास लगभग 40 सालों का राजनीतिक अनुभव है. 15 सालों तक लगातार सुशील कुमार मोदी उपमुख्यमंत्री भी रहे लेकिन इस बार बीजेपी (BJP) ने उन्हें ना चुनकर तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी को बिहार का उपमुख्यमंत्री बनाया है.

बीजेपी के इस फैसले ने हर किसी चौंकाया है. लेकिन, इसे बीजेपी की सोची समझी रणनीति मानी जा रही है.

सुशील मोदी को उपमुख्यमंत्री नहीं बनाने का कारण

बीजेपी से ज्यादा नीतीश के करीबी

सुशील मोदी और नीतीश कुमार को बिहार की राजनीति की सबसे सुपरहिट जोड़ी मानी जाती रही है. लेकिन, सुशील मोदी की नीतीश कुमार से निकटता बीजेपी के लिए परेशानी का सबब बनते जा रही थी. कहा जाता है कि सुशील मोदी के कारण बीजेपी बिहार में अपना एजेंडा ठीक से लागू नही कर पा रही थी. क्योंकि नीतीश कुमार जब भी रोकते थे तो सुशील मोदी हमेशा नीतीश कुमार को सपोर्ट करते थे.

बीजेपी में बनी विरोध में लॉबी

सुशील मोदी की नीतीश कुमार के करीबी शुरू से ही रहे हैं. वहीं, बिहार बीजेपी में सुशील मोदी के खिलाफ एक बड़ी लॉबी जगह बना चुकी है. संगठन में ज्यादातर बड़े नेताओं के सुशील कुमार मोदी दुश्मन बने हुए थे और एक कारण है कि सुशील मोदी को उपमुख्यमंत्री नहीं बनाना ही बीजेपी को उचित लगा.

सुशील मोदी का बढ़ता कद

सुशील मोदी का कद बिहार बीजेपी में धीरे-धीरे बीजेपी से भी बड़ा होने लगा था. सुशील मोदी जो चाहते थे, वही फैसला बीजेपी में लिया जाता था. यहां तक कि बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल और तारकिशोर प्रसाद मोदी की ही पसंद हैं. लेकिन सुशील मोदी को हटाकर बीजेपीने मैसेज दिया की पार्टी से बढ़कर कोई नहीं है.

बीजेपी की रणनीति

बिहार में बीजेपी अब फ्रंट फुट पर आ गई है. अब बीजेपी इस तैयारी में है कि बिहार में बीजेपी को और भी मजबूत बनाया जाए. इसलिए बीजेपी अब बिहार में सेकेंड लाइन के नेताओं को आगे लाने की तैयारी कर रही है.

2025 की तैयारी में बीजेपी

नीतीश कुमार ने पहले ही घोषणा कर दी है कि उनका ये आखिरी चुनाव है. ऐसे में बतौर मुख्यमंत्री उनका ये आखिरी कार्यकाल भी है. इसलिए बीजेपी अब आगे की तैयारी कर रही है. 2025 चुनाव में बीजेपी का सीएम ही बनें इसकी तैयारी में बीजेपी जुट गई है. इसलिए भी बीजेपी अभी से बनेगा.

लालू के खिलाफ बयानबाजी ने बढ़ाई मुश्किल

सुशील मोदी लंबे अरसे से लालू यादव के खिलाफ सक्रिय रहे हैं. ये एक कारण है कि बिहार में यादव समाज उन्हें अपना दुश्मन तक मानने लगा था. सुशील मोदी को हटाकर यादवों के बीच सहज स्थिति बनाने की कोशिश की जा रही है.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.