जनसाधारण को मजबूत बनाकर बिनोद बाबू के सपने साकार करेंगेः सुदेश कुमार महतो

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Ranchi: आजसू प्रमुख सुदेश कुमार महतो (Sudesh Kumar Mahto) ने कहा है कि झारखंड आंदोलन के प्रणेता और लड़ों तथा पढ़ो का नारा देने वाले बिनोद बिहारी महतो की धरती में बहुत जान है.

अलग राज्य गठन के बाद वह दौर भी आया है कि अब जनसाधारण को राजीनीतिक तौर पर मजबूत बनाकर महान सपूतों के साकर किए जाएं.

टुंडी का हर आम आदमी अब अगली कतार में आकार राजनीति को जवाबदेह बनाएगा. इसी अभियान को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने चूल्हा प्रमुखों के साथ सीधा संवाद करने का अभियान तेज किया है.

आज टुंडी और सिंदरी विधानसभा क्षेत्र में चूल्हा प्रमुखों के सम्मेलन में आजसू अध्यक्ष ने ये बातें कही. उन्होंने कहा कि हमने राजनीति की परिपाटी बदलने की कोशिशें तेज की है. इसे हमारा साहस करें या गुस्ताखी. हम लगातार अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जा रहे हैं. चूल्हा प्रमुखों और कार्यकर्ताओं की लामबंदी देखकर उत्साह और बदलाव का वातावरण बनता दिख रहा है.

उन्होंने कहा कि बिनोद बिहारी महतो ने सामाजित और राजनीतिक चेतना का अलख जगाया था. उसे नए सिरे से और आम जन की भागीदारी से सुलगाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि हमने राजनीति की परिपाटी बदलने की कोशिशें तेज की है.

हम लगातार अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जा रहे हैं. चूल्हा प्रमुखों और कार्यकर्ताओं की लामबंदी देखकर उत्साह और बदलाव का वातावरण बनता दिख रहा है.

श्री महतो ने कहा कि वोट शब्द के बदले हम मतदान शब्द को प्रमुखता दे. यानी मत देना. मत का मतलब अपना विचार और फैसला देना. जब आम आदमी अपना विचार और फैसला सुनाएगा, तो वह ज्यादा प्रभावी होगा. आप जिसके लिए मतदान करें, उसे यह अहसास हो कि आपने विचार और फैसला दिया है. वोट तो सिर्फ एक होता है. फैसला और विचार का व्यापक दायरा होता है.  

उन्होंने कहा कि चंदनकियारी की यह लामबंदी एक दिन का परिणाम नहीं है. सब एक नई उम्मीद के साथ मेहनत में जुटे हैं. इस एकजुटता का मकसद यही हो कि गरीब गुरबों के जीवन में आमूलचूल बदलाव के लिए और लोकतंत्र में आम लोगों का विश्वास स्थापित करने के लिए राजनीति को अपने हाथों में लिया जाए.

आजसू प्रमुख ने कहा कि चूल्हा प्रमुख की जिम्मेदारी पांच से छह घरों के बीच पारिवारिक और राजनीतिक रिश्ता बनाने की है. यह रिश्ता सिर्फ चुनाव तक का नहीं होगा. अगले पांच साल के लिए होगा. उन पांच घरों को विकास की मुख्य धारा से कैसे जोड़े जाएं, उनका मत और विचार कैसे विधानसभा में गूंजे, यह हक और अधिकार चूल्हा प्रमुख का होगा. विधायक और सांसद उनकी हुक्म बजाएगा. सेवा करेगा. 

इस अवसर पर टुंडी विधायक राज किशोर महतो, कंद्रीय प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत, संतोष महतो, हलधर महतो इत्यादि मुख्य रूप से उपस्थित थे.  

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