आजसू पार्टी की केंद्रीय सभा में सुदेश महतो बोले- झारखंड के शहीदों का सपना पूरा करने के लिए जारी रहेगा संघर्ष

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Madhupur: आजसू ने बुढ़ई, मधुपुर में पार्टी की केंद्रीय सभा की बैठक आयोजित की.इसमे हजारों की संख्या में राज्य के सभी जिला के पदाधिकारी, नेताओं एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया. केंद्रीय सभा के बैठक में मुख्य रुप से तीन बिंदुओं पर चर्चा हुई.

  • पार्टी के पूरे वर्ष की कार्य योजना पर चर्चा एवं नीतिगत निर्णय
  • राज्य सरकार के एक वर्ष के कामकाज का विस्तृत मूल्यांकन
  • बंगाल चुनाव तथा मधुपुर उप-चुनाव पर विशेष चर्चा

झारखंड स्वाभाविक राज्य नहीं

देवभूमि देवघर में आयोजित केंद्रीय सभा की बैठक में सभी का अभिनन्दन करते हुए राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो में कहा कि झारखण्ड स्वाभाविक राज्य नहीं है. यह संघर्ष से उपजा हुआ राज्य है और इसकी तुलना किसी अन्य राज्य से करना उचित नहीं है. कहा कि यह केंद्रीय सभा आने वाले चार सालों तक के लिए पार्टी के भावी कार्यक्रमों एवं योजनाओं पर मंथन एवं चिंतन करने को लेकर है. यह सभा झारखंड एवं झारखंडियत के संरक्षण को लेकर है. उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों एवं हमारे वीर शहीदों के सपनों का राज्य जबतक नहीं बनेगा, हम संघर्ष करते रहेंगे.

जनता का राज स्थापित करना हमारी प्राथमिकता, तुष्टिकरण की राजनीति को खत्म करने की जरुरत.

देवघर की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि तुष्टिकरण को लेकर देवघर से मंत्री दिया गया. आदरणीय हाजी हुसैन साहब को मंत्री तो बनाया गया लेकिन उनका दायरा सीमित रखा गया. यह तुष्टिकरण नहीं तो और क्या है? जनता जबतक समझदार नहीं बनेगी तबतक यह तुष्टिकरण का खेल चलता रहेगा.

राज्य की खनिज संपदाओं का हो रहा दोहन

झारखंड प्राकृतिक सम्पदाओं से भरा-पूरा प्रदेश है. जिन खनिज सम्पदाओं और जल, जंगल, ज़मीन के संरक्षण के लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने जीवन का बलिदान देकर अंग्रेजों से दो-दो हाथ किया, जिसके संरक्षण के लिए हमारे आंदोलनकारियों ने बाहरी लोगों से लड़ाई की, आज हमारे अपने लोग ही इन खनिज संपदाओं की तस्करी में लगे हैं. अबुआ दिशुम, अबुआ राज के सपनों के साथ ये खिलवाड़ कोई बाहरी नहीं बल्कि अपने ही कर रहें. यह चिंतनीय विषय है. झारखंड के पास खनिज सम्पदाओं का भंडार है और अगर इसका सही उपयोग किया जाए तो गऱीबी, भूखमरी, बेरोज़गारी आदि समस्याओं का खात्मा संभव है.

पंचायत चुनाव न कराना सरकार की सबसे बड़ी विफलता

पंचायत चुनाव कराने में सरकार विफल रही. गांव की सरकार अफसरों के जिम्मे कर दी गई. पारा शिक्षकों की नियुक्ति नियमावली नहीं बनी। अनुबंध और मानदेय पर काम करने वाले लाखों झारखंडी युवा अपने हाल पर पड़े रहे. अलबत्ता आंदोलन करते युवाओं को लाठी और दमन का सामना करना पड़ रहा है.

किसानों के पैसे फ़ाइलों से बाहर नहीं निकल पाए

चुनाव से पहले किसानों की कर्जमाफी का वादा किया गया था. किसानों पर सात हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज हैं. इस साल दो हजार करोड़ माफ करने की तैयारी है लेकिन अब तक फाइलों से पैसे नहीं निकले.

राज्य सरकार अपनी आमदनी के स्रोत को मजबूत करने के लिए सिस्टम डेवलप करने में नाकाम रही

जीएसटी कंपनसेशन के नाम पर सरकार केंद्र सरकार से टकराव लेते रहे. जबकि दूसरे राज्यों ने केंद्र की सलाह पर कर्ज लेकर विकास की गति को जारी रखा. राज्य सरकार अपनी आमदनी के स्रोत को मजबूत करने के लिए सिस्टम डेवलप करने में नाकाम रही. राज्य सरकार ने 86 हजार 370 करोड़ का बजट पास किया, लेकिन पैसे खर्च हों, योजनाएं गति पकड़े इसके लिए जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकी.

केंद्रीय सभा में सभी का अभिनंदन करते हुए पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत ने कहा कि आजसू पार्टी संघर्ष से उपजी हुई पार्टी है और आज बाबा की नगरी देवघर से एक नए झारखंड के निर्माण एवं यहां की सभ्यता, संस्कृति तथा जल, जंगल, जमीन के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए संघर्ष की नयी गाथा लिखी जाएगी. कहा कि वर्तमान सरकार ने जनता को ठगने का काम किया है. यह सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है. चुनाव पूर्व इन्होंने लोगों से बड़े-बड़े वादे किए लेकिन अभी तक उन वादों के अनुरुप एक कार्य भी नहीं हुआ. हमने अलग राज्य की लड़ाई लड़ी है और लोगों के दर्द को बखूबी समझते हैं. अतः जनता के अरमानों को पूर्ण करने के लिए एक बार पुनः संघर्ष का वक़्त आ चुका है.

बैठक में लिए गए सांगठनिक प्रस्ताव-

  • बैठक में पार्टी के निचले ईकाई से लेकर केंद्रीय समिति तक पुनर्गठन करने एवं नए लोगों को दायित्व देने का निर्णय लिया गया.
  • 22 जून तक एक लाख सक्रिय सदस्य तथा 10 लाख साधारण सदस्य प्रदेश में  बनाने का निर्णय लिया गया. 
  • 22 जून तक सभी जिला, प्रखंड, पंचायत एवं सभी अनुषंगी ईकाई का सम्मेलन करने का निर्णय लिया गया.

राजनैतिक प्रस्ताव

पश्चिम बंगाल का जंगल महल इलाका दशकों से सबसे उपेक्षित क्षेत्र रहा है. यहां सरकारें कई आई-गई, लेकिन वृहत झारखंड का यह क्षेत्र-बांकुड़ा, झाड़ग्राम, मिदनापुर, पुरुलिया हाशिये पर रहा है. आजसू पार्टी मांग करती है कि जंगल महल के इस इलाके को मानभूम-जंगलमहल क्षेत्रीय प्रशासन- & (MJTA) Manbhum-Junglemahal Territorial Administration के रूप में अविलंब गठन किया जाय. जिससे इस इलाके के राजनीतिक, सामाजिक, और आर्थिक पहचान तथा तरक्की के मार्ग प्रशस्त हो सके. आजसू पार्टी इसके गठन के लिए उस इलाके में जनमत संग्रह एवं संघर्ष को मुकाम तक पहुंचाएगी.

सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री सह पार्टी के प्रधान महासचिव श्री रामचंद्र सहिस ने सभी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को नमन किया जिन्होंने कोरोना संकटकाल में अपने-अपने क्षेत्र में मानवता की सेवा हेतु अपना बहुमूल्य योगदान दिया. उन्होंने कहा कि गांव की सरकार सिर्फ हमारा नारा नहीं बल्कि हमारी विचारधारा है और इस विचारधारा को पूरे झारखंड में स्थापित करना है.

साथ ही कहा कि वृहत झारखंड का क्षेत्र बांकुड़ा, झाड़ग्राम, मिदनापुर, पुरुलिया के लोग झारखंड बनने के पश्चात् अपने आप को उपेक्षित महसूस करते हैं. आज इनका अस्मिता अस्तित्व खतरे में है. झारखंड आंदोलन में इस क्षेत्र के लोगों की भूमिका अतुल्य रहा है. आजसू पार्टी वृहत झारखंड के इस इलाके के सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक स्वायत्ता के लिए पहल करेगी.

सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक कुशवाहा शिवपूजन मेहता ने कहा कि आज झारखंड में ट्वीटर, बैनर, पोस्टर वाली सरकार है. बड़े-बड़े पोस्टर में ‘हेमंत है तो हिम्मत है’ कि लाइनें छपी रहती है लेकिन यथार्थ में जब सरकार धरातल पर उतरकर देखेगी तो पता चलेगा कि ‘हेमंत है तो दिक्कत है’ राज्य के युवा सड़क पर हैं, हमारी माताएं-बहनें असुरक्षित महसूस करती हैं, रोज़ बलात्कार की घटनाएं हो रहीं. आंदोलनकारियों का पेंशन बंद है. माफियाओं के राज है. खनिज सम्पदाओं की लूट मची हुई है. राज्य में अपराधी बेलगाम हैं और जनता का बुरा हाल है. लेकिन जल्द ही संथाल का दरवाजा मधुपुर उपचुनाव से खुलेगा और झारखंड में नेतृत्व परिवर्तन की शुरुआत होगी.

सभा में केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो, गिरिडीह के सांसद सह पार्टी के वरीय उपाध्यक्ष चन्द्र प्रकाश चौधरी, पूर्व मंत्री सह पार्टी के प्रधान महासचिव रामचंद्र सहिस, पूर्व मंत्री सह पार्टी के उपाध्यक्ष उमाकांत रजक, विधायक सह पार्टी के महासचिव लम्बोदर महतो, मुख्य केंद्रीय प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत, पूर्व विधायक सह पार्टी के उपाध्यक्ष कमल किशोर भगत, कुशवाहा शिवपूजन मेहता एवं अकिल अख्तर, मधुपुर विधानसभा प्रभारी गंगा नरायण सिंह इत्यादि मुख्य रूप से मौजूद थे.

इसके अलावा सभा में आजसू पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारी, केंद्रीय सदस्य, आमंत्रित सदस्य, जिला प्रभारी, जिलाध्यक्ष एवं सचिव, जिला परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्य, प्रमुख एवं उपप्रमुख, नगर अध्यक्ष एवं सचिव, सभी अनुषंगी इकाई (आजसू बुद्धिजीवी मंच, अखिल झारखंड महिला संघ, अखिल झारखंड छात्र संघ, अखिल झारखंड श्रमिक संघ, अखिल झारखंड किसान संघ, अखिल झारखंड अधिवक्ता संघ, अखिल झारखंड उद्योग एवं व्यापार संघ, अखिल झारखंड पिछड़ा वर्ग महासभा, अखिल झारखंड अल्पसंख्यक महासभा, अखिल झारखंड अनुसूचित जनजाति महासभा, अखिल झारखंड अनुसूचित जाति महासभा एवं आजसू पार्टी कला संस्कृति प्रकोष्ठ) के केंद्रीय पदाधिकारी एवं जिला के पदाधिकारी उपस्थित रहें.

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