‘शनिवार नो कार’ कार्यक्रम के तहत 13 मार्च से साइकिल पर दफ्तर पहुंचेंगे अफसर

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Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में एक अनोखी मुहिम शुरू होने जा …

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CO Transfer Posting Jharkhand: झारखंड में एक साथ 161 अंचलाधिकारियों तबादला, देखें LIST और जानिए कौन कहां गए

CO Transfer Posting Jharkhand

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कोरोना काल के स्कूल फीस मामले में झारखंड HC में सुनवाई, कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

Hearing in Jharkhand HC in school fees case

Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में गुरुवार को …

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Jharkhand Cabinet: बजट सत्र 2021 के पहले CM हेमंत सोरेन के कैबिनेट ने 28 फैसलों पर मुहर लगाई

बजट सत्र के पहले 28 फैसलों पर मुहर

Ranchi: झारखंड मंत्रालय में 25 फरवरी 2021 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक …

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Amisha Patel पर ढाई करोड़ रुपये धोखाधड़ी मामले पर अंतरिम राहत बरकरार, दोनों पक्षों से Jharkhand Highcourt ने कही ये बात

amisha patel jharkhand high court

Ranchi: फिल्‍म एक्‍ट्रेस अमीषा पटेल (Amisha Patel) पर ढाई करोड़ रुपये धोखाधड़ी …

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झारखंड में पहली मार्च से स्कू‍ल खोलने को लेकर सरकार ने जारी किया गाइडलाइन

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Ranchi: एक मार्च से आठवीं नवमी तथा 11वीं की कक्षाएं शुरू करने …

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JPSC Exam Date: जेपीएससी प्रारंभि‍क परीक्षा और मुख्य परीक्षा की तारीखें घोषित

JPSC Exam Date: जेपीएससी प्रारंभि‍क परीक्षा और मुख्य परीक्षा की तारीखें घोषित

Ranchi: JPSC Exam Date 2021 झारखंड लोक सेवा आयोग की संयुक्त सिविल सेवा …

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विवादित बयान पर राहुल गांधी के बचाव पर उतरे झारखंड के कांग्रेसी नेता

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RMC द्वारा की जा रही प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ डिप्‍टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने मोर्चा खोला

रांची नगर निगम के प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ डिप्‍टी मेयर ने मोर्चा खोला

Ranchi: नगर निगम (Ranchi Municipal Corporation) अक्‍सर विवादों में रहता है. अब यहां के डिप्‍टी मेयर ने रांची नगर निगम के द्वारा की जा रही प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. संजीव विजयवर्गीय ने नगर निगम के उस आदेश के खिलाफ मोर्चा खोला है, जिसमें लॉज, हॉस्टल और बैंक्वेट हॉल को रजिस्‍ट्रेशन के लिए कहा गया है. अपनी बात कहने के लिए संजीव विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत झारखंड सरकार के सभी प्रमुख अधिकारियों को पत्र लिखा है.

दरअसल, बिना लाइसेंस वाले लॉज, हॉस्टल और बैंक्वेट हॉल को सील करने साथ ही उन्‍हें तोड़ने का नोटिस निगम प्रशासन की ओर से जारी किया जा रहा है. इसके लिए 27 फरवरी तक का समय लॉज, हॉस्टल और बैंक्वेट हॉल के संचालकों को दिया गया है. निगम के इसी आदेश के खिलाफ रांची के उपमहापौर संजीव विजयवर्गीय ने आपत्ति जाहिर जताई है.

डिप्‍टी मेयर ने कहा कि आए दिन नगर निगम के अधिकारी रांची की जनता को परेशान करने वाला फरमान जारी कर देते हैं. उन्हें उजाड़ने का संदेश दिया जाता है, जिससे जनता खुद को बेबस महसूस कर रही है. पिछले दिनों लॉज, हॉस्टल और बैंक्वेट हॉल को लेकर भी यह बात सामने आई है. उन्‍होंने कहा कि अधिकांश लॉज, हॉस्टल और बैंक्वेट हॉल के संचालक पहले से ही रजिस्ट्रेशन कराने के लिए परेशान हैं, लेकिन रांची नगर निगम में आने से पता चलता है कि नियमावली में जो उल्लेख है उसके तहत उनका रजिस्ट्रेशन संभव नहीं है.

जटिल नियम से बढ़ी है परेशानी

मौजूदा नियमों का हवाला देते हुए संजीव विजयवर्गीय ने कहा कि इस हिसाब से संचालक अप्लाई नहीं कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि लगातार तीन से चार वर्षो से बोर्ड की बैठक में नियमावली संशोधन का प्रस्ताव पारित हो रहा है, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है. डिप्‍टी मेयर ने बताया कि इसीलिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर इस पूरे मामले से अवगत कराया है, जिससे कि वर्तमान नियमावली में संशोधन कराने की मांग की है, ताकि सालों से रह रहे लोगों को राहत मिल सके.

जब हो रहे थे अवैध निर्माण तब कहां थे अधिकारी

इसके साथ ही उन्होंने शहर में चल रहे अतिक्रमण अभियान को लेकर भी निगम के अधिकारियों और जिला प्रशासन के पदाधिकारियों को फटकार लगाई है. उन्होंने कहा कि जब बगैर नक्शे के अवैध निर्माण हो रहे थे, तब शहर के सौंदर्यीकरण करने का बोझ अपने कंधो पर उठाए पदादिकारी और अधिकारी कहां थे, तब लोगो को अवैध निर्माण से क्यों नही रोका गया. वहीं उन्होंने कहा कि जो भी लोग सालों से बस गए हैं उनके आशियाने को उजाड़ा न जाए. बल्कि उसे नियमित करने का उपाय सोचा जाए.

चार फ्लेवर में मेधा का एनर्जी ड्रिंक कृषि मंत्री बादल ने किया लॉन्च

मेधा का एनर्जी ड्रिंक कृषि मंत्री बादल ने किया लॉन्च

Ranchi: मेधा दुग्ध संयंत्र में एक कृषि गोष्ठी सह अभिनंदन कार्यक्रम का …

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Indian Army Recruitment: सेना में भर्ती का मौका, 10 मार्च से रांची में शुरु हो गी प्रक्रिया, कोरोना मुक्त और नो रिस्क सर्टिफिकेट पेश करना जरुरी

रांची में 10 मार्च से सेना बहाली

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कांग्रेस दफ्तर में हंगामे के बाद तमतमाए प्रदेश अध्‍यक्ष रामेश्‍वर उरांव मीडिया पर बरसे, कहा- आपको किसने बुलाया?

प्रदेश अध्‍यक्ष रामेश्‍वर उरांव मीडिया पर बरसे

Ranchi: सोमवार को कांग्रेस भवन रांची में भी प्रदेश अध्यक्ष रामेश्‍वर उरांव के सामने ही खूब हंगामा हुआ. कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय में हुई तू-तू, मैं-मैं को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने पार्टी का अंदरूनी मामला बताया है. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, हर परिवार में झगड़ा होता है. कांग्रेस भी एक परिवार है, इसे ज्यादा तूल देने की जरूरत नहीं है.

कांग्रेस प्रदेश अध्‍यक्ष ने कहा कि कांग्रेस जिंदा पार्टी है, आप यहां देख रहे हैं मैंने तो देश में देखा है. यह आपका विषय है भी नहीं. यह हमारा अंदरूनी मामला है.

प्रदेश अध्यक्ष ने मीडिया की उपस्थिति पर भी आपत्ति जताई कहा, हमारी मीटिंग खत्म हो जाती है तब हम आपको बुलाते हैं. लेकिन आपने नाजायज फायदा उठा लिया. हमने कहां बुलाया था आपको. ऐसा थोड़ी न है, मेरा घर है मैं न बुलाऊंगा आपको. इस प्रकरण को ले अनुशासनात्मक कार्रवाई के सवाल पर साफ कहा कि यह आपसे जुड़ा मामला नहीं है. उन्होंने कई बार दोहराया कि हर घर में लड़ाई नहीं होती है. यह हमारा परिवार है. आपको आना ही नहीं चाहिए. आपको किसने बुलाया.

झारखंड कांग्रेस मुख्‍यालय में हंगामा क्‍यों हुआ

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में सोमवार को बैठक के दौरान खूब हंगामा मचा. बैठक में महंगाई के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार की जानी थी, लेकिन वास्तविक तैयारियां कुछ और ही थी. लंबे समय से एक दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश में लगे दो धड़े आपस में भिड़ गए. शुरुआत एक धड़े ने की तो दूसरा धड़ा भी अड़ गया. कार्यकारी अध्यक्षों और प्रवक्ताओं की टोली ने प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव के सामने ही जमकर अपनी भड़ास निकाली.

झड़प का अंदाज आक्रामक था और नौबत मारपीट तक की आ गई थी. यही वजह रही कि पार्टी विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने चुपचाप पीछे के दरवाजे से निकलने में ही अपनी भलाई समझी. हालांकि मन की भड़ास निकालने के बाद दोनों ही गुट शांत हो गए. रामेश्वर उरांव ने भी इस दौरान हस्तक्षेप किया.

पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमत के खिलाफ आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए बुलाई गई इस बैठक के शुरू होते ही कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने सवाल उठाया कि बैठकों में जो बातें तय नहीं हो पाती, वह मीडिया तक कैसे पहुंच जाती हैं? सोमवार की बैठक का एजेंडा तय नहीं होने के बावजूद मीडिया में कैसे आ गया.

इसपर प्रवक्ता आलोक दुबे बिफर उठे और ऊंची आवाज में बोलना आरंभ कर दिया. कुछ व्यक्तिगत आरोप भी लगाए. प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव के सामने ही कार्यकारी अध्यक्षों को यहां तक कह डाला कि तुम सबको उंगली पकड़कर कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है.

इतना सुनते ही कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर उठ खड़े हुए और मर्यादा में रहने की नसीहत दी. बात आगे बढ़ी तो दोनों गुट आमने-सामने आ गए और एक दूसरे की तमाम कमियों को गिनाना शुरू कर दिया. शोरगुल बढ़ा तो कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम पिछले दरवाजे से निकल लिए. दोनों ही गुटों ने कुछ देर तक आरोप-प्रत्यारोप लगाए और फिर शांत हो गए. इसके बाद बैठक की औपचारिकता पूरी की गई.

प्रदेश अध्यक्ष नहीं संभाल पा रहे गुटबाजी

झारखंड प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रामेश्वर उरांव संगठन में गुटबाजी को नहीं संभाल पा रहे हैं. हंगामा करने वाला धड़ा उनका समर्थक है. हंगामे की वजह लंबे समय से चली आ रही खींचतान है.

बताया जाता है कि यह गुट अक्सर पार्टी लाइन से इतर मनमानी करना चाहता है. लगातार शिकायतों के बावजूद इनपर अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं होती, जिससे गुटबाजी को बढ़ावा मिल रहा है. उधर, हंगामे की शिकायत प्रदेश कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह को पहुंचा दी गई है. आरपीएन सिंह राज्य के दौरे के बाद सोमवार की सुबह दिल्ली के लिए रवाना हुए.

रांची में कांग्रेसी भूल गए सीनियर-जूनियर का लिहाज, एक-दूसरे पर खूब निकाली भड़ास, लात-घूसे भी चले

रांची में कांग्रेसी भूल गए सीनियर-जूनियर का लिहाज, एक-दूसरे पर खूब निकाली भड़ास

Ranchi: कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता खुद को गांधी जी के सबसे बड़े अनुयायी मानते हैं. और अहिंसा के पुजारी कहते हैं. लेकिन ये क्‍या कांग्रेस के ये नेता बापू के सभी सिद्धांतों को तिलांजलि देकर आपस में ही सब के सामने लड़ बैठे. ये अपनी लड़ाई में इतने मग्‍न हो गये कि सीनियर जूनियर का लिहाज भी भूल गए. ये भी भूल गए कि मीडिया के कई कैमरे उनकी हरकतों को रिकॉर्ड कर रहा है.

क्‍या है पूरा मामला

दरअसल रांची स्थित कांग्रेस मुख्‍यालय में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार करने को लेकर बैठक बुलाई गई थी. यहां कांग्रेसी नेता बैठक भूल कर आपस में ही लड़ बैठे. कांग्रेस के नेता प्रदेश अध्यक्ष रामेश्‍वर उरांव के के सामने ही एक दूसरे पर हमलावर हो गए और नेताओं के बीच हाथापाई की नौबत आ गई.

मीडिया के कैमरों से रिकॉर्ड की गई वीडियो में देखा जा सकता है कि बात यहीं तक नहीं रुकी और कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और प्रवक्ताओं ने एक दूसरे का कॉलर भी पकड़ लिया. कांग्रेस भवन में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्षों और प्रवक्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली.  

कांग्रेस का ऐसा अतरकलह पहली बार नहीं है. पहले भी कई मौकों पर कांग्रेस के नेता आपस में लड़े और उस पर खूब राजनीति गरमाई. अब सत्‍ता में काबिज होने के बाद यह यह नया मामला क्‍या रंग दिखाता है इस पर सबकी नजर रहेगी.

कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर ,केशव महतो कमलेश, मानस सिन्हा और संजय पासवान एवम प्रदेश प्रवक्ता आलोक दुबे राजेश गुप्ता छोटू और किशोर सहदेव के बीच जमकर बीच जमकर नोकझोंक हुई इस दौरान सभी ने एक-दूसरे पर कई गंभीर टिप्पणियां की और आरोप-प्रत्यारोप लगाए. हंगामी का आलम इतना ज्यादा था कि विधायक दल के नेता आलमगीर आलम को कांग्रेस भवन के पीछे के रास्ते से निकलना पड़ा. सारा हल्ला हंगामा और आरोप-प्रत्यारोप कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव की मौजूदगी में हुआ.

किसी तरह नेताओं को किया गया अलग

प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव और विधायक दल के नेता आलमगीर आलम लगातार उन्हें शांत रहने और मर्यादाओं का पालन करने का आग्रह करते रहे लेकिन तू-तू मैं-मैं धक्का-मुक्की तक पहुंच गई. पार्टी के अन्य नेताओं के प्रयास से उन्हें अलग कर मामला शांत कराया गया. विधायक दल के नेता आलमगीर आलम और कार्यकारी अध्यक्ष बैठक से बाहर निकल गए. बाद में  प्रदेश अध्यक्ष के आग्रह पर वे लौटे और बैठक पूरी हुई. आपस में मेल मिलाप भी हुआ.

नहीं है कोई मनमुटाव, निकला फ्रस्ट्रेशन: डॉ रामेश्वर उरांव

प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि पार्टी में किसी के बीच कोई मनमुटाव नहीं है. मन में जो फ्रस्ट्रेशन था वह बाहर निकल गया है.  कांग्रेस जिंदा पार्टी है और जिंदा पार्टी होती है वहां ही हॉट टॉक होता है. ऐसे में कुछ बातें होती है, जिससे तू-तू मैं-मैं हो जाती है. जब दो पहलवान मिलते हैं तब वह और मजबूत होते हैं. यह घर की लड़ाई है, इसे सुलझा लिया गया है. आलाकमान तक इस तरह की बातें पहुंचाने की आवश्यकता नहीं है.

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FJCCI ने वित्त मंत्री रामेश्‍वर उरांव के साथ बैठक कर झारखंड बजट 2021-22 को लेकर दिये आवश्‍यक सुझाव

झारखंड बजट 2021-22 आश्वयक सुझाव

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School Reopening in Jharkhand: स्कूल प्रबंधन बोले निश्चिंत होकर पैरेंट्स बच्चोंं को भेजे स्कू‍ल

स्कूल प्रबंधन बोले निश्चिंत होकर पैरेंट्स बच्चोंं को भेजे स्कू‍ल

Ranchi: सरकार से अनुमति मिलने के बाद पहली मार्च से झारखंड के स्कूलों में 8वीं से उपर की सभी कक्षाएं शुरू हो जाएंगी. निजी स्कूल इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं. यहां सरकार द्वारा जारी कोविड गाइडलाइन के अनुसार कक्षाएं शुरू करने की तैयारी पूरी है. स्कूल प्रबंधकों ने दावा किया है कि पैरेंट्स निश्चिंत होकर अपने बच्चों को स्कूल भेज सकते हैं. स्कूल में नियमित सेनेटाइजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया जाएगा.

कोरोना महामारी के लॉकडाउन में बंदी के करीब एक साल बाद स्कूलों में पठन-पाठन शुरू किया जा रहा है. सरकार से अनुमति मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन इस कोशिश में जुटे हैं कि पैरेंट्स कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए अपने बच्चों को स्कूल भेजें. ताकि, स्कूल क्लासरूम में पहले की तरह कक्षाएं शुरू की जा सके.