झामुमो-कांग्रेस जनता को कर रही है दिग्भ्रमित: दीपक प्रकाश

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Ranchi: पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर संबोधित करते हुए दीपक …

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कमीशन का खेल: झारखंड आवास बोर्ड के 500 करोड़ के 2300 घरों पर कब्‍जा

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Ranchi: झारखंड आवास बोर्ड भ्रष्‍टचार (Jharkhand Housing Board) का अड्डा बना हुआ …

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रांची में 2500 सहायक पुलिसकर्मियों का आंदोलन खत्‍म

रांची में 2500 सहायक पुलिसकर्मियों का आंदोलन खत्‍म

Ranchi: रांची में 2500 सहायक पुलिस‍कर्मियों का 12 दिनों से चला आ रहा आंदोलन 23 सिंतबर की शाम को खत्‍म हो गया. इसके पहले झारखंड सरकार के मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर की सहायक पुलिसकर्मियों के साथ कई दौर की वार्ता हुई.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर मंत्री पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर के प्रयासों से सहायक पुलिसकर्मियों ने आज हड़ताल समाप्ति की घोषणा की है. सहायक पुलिसकर्मियों ने हड़ताल स्थगित करने व काम पर लौटने की बात कही है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री मिथिलेश कुमर ठाकुर के आवास पर हड़ताली सहायक पुलिसकर्मियों ने हड़ताल खत्म करते हुए डयूटी पर जाने की घोषणा की.

तीन मांगों पर बनी सहमति

मंत्री मिथिलेष कुमार ठाकुर ने कहा है कि सभी सहायक पुलिसकर्मियों को फिलहाल दो वर्षों की सेवा अवधि विस्तार दिया गया है. इसके अलावे मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने बताया कि सरकार हड़ताली सहायक पुलिसकर्मियों की तीन मांगों पर तैयार है जिसमें सेवा विस्तार, मानदेय में वृद्धि और पुलिस नियुक्ति में वेटेज (अंक) संबंधी लाभ दिया जायेगा. इसके अतिरिक्त इनकी जो जायज मांगे होंगी वह सचिवों की उच्चस्तरीय समिति तय कर के इनकी मांगों पर सुझाव देंगे.

मिथिलेश ठाकुर ने सीएम संग की बैठक

मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने हड़ताली सहायक पुलिसकर्मियों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास में हेमंत सोरेन के साथ बैठक की. मुख्यमंत्री से मिलकर लौटने के बादमंत्री मिथिलेश ठाकुर ने दोबारा हड़ताली सहायक पुलिसकर्मियों के साथ वार्ता की. जिसके बाद हड़ताली सहायक पुलिसकर्मियों ने हड़ताल तोड़ने की घोषणा की.

मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने मिठाई खिलाकर सहायक पुलिसकर्मियों का हड़ताल खत्म कराया. हड़ताली सहायक पुलिसकर्मियों का प्रतिनिधिमंडल मंत्री मिथिलेश ठाकुर के आवास पर सुबह से ही जुटा हुआ था. हड़ताली सहायक पुलिसकर्मियों ने कहा है कि वे अब सरकार के साथ हैं. उन्हें सरकार से कोई शिकवा-शिकायत नहीं है. अब सभी जवान अपने जिले में लौटेंगे और अपनी सेवा देंगे.

इस पूरे मामले पर मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने सकारात्मक रूख अपनाया था और निरंतर हड़ताली सहायक पुलिसकर्मियों के संपर्क में थे. विदित है कि कुछ दिनों पूर्व हड़ताली सहायक पुलिसकर्मियों का हड़ताल तुडवाने के लिये मंत्री मिथिलेश ठाकुर मोरहाबादी मैदान भी गये थे.

वर्तमान सरकार नहीं चाहती कि स्थानीय युवा नौकरी करें – रघुवर दास

वर्तमान सरकार नहीं चाहती कि स्थानीय युवा नौकरी करें – रघुवर दास

Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट द्वारा नियोजन नीति को रद्द किये जाने के फैसले …

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हाईकोर्ट के फैसले से आहत शिक्षकों के कानूनी लड़ाई में साथ देंगे भाजपा विधायक

हाईकोर्ट के फैसले से आहत शिक्षकों के कानूनी लड़ाई में साथ देंगे भाजपा विधायक

Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट के सोमवार को नियोजन नीति को लेकर आये फैसले के बाद अचानक नौकरी से हटाए गए शिक्षक  सड़कों पर नजर आ रहे हैं. यह सभी शिक्षक पिछली सरकार में नियोजन नीति के लागू होने के बाद नियुक्त किए गए थे, लेकिन झारखंड हाई कोर्ट के एक फैसले ने इनकी तकदीर एक रात में बदल दी.

मंगलवार को विधानसभा मानसून सत्र के बाद विधानसभा के पास इकट्ठा हुए शिक्षकों से चंदनकियारी विधायक अमर कुमार बाउरी, हटिया विधायक नवीन जायसवाल, भवनाथपुर विधायक भानु प्रताप शाही ने मुलाकात की. नेताओं ने शिक्षकों को आश्वासन दिया कि सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ जो उनकी नौकरी गई है. उस लड़ाई में वह अंत तक उनका साथ देंगे.

18000 शिक्षकों के घरों में नहीं जला चूल्हा

मौके पर शिक्षकों ने बताया कि पूरे राज्य के 18000 शिक्षकों के घरों में कल से चूल्हा नहीं जला है. कईयों के शादियां टूट गई, कईयों के परिवार इस सरकार के फैसले से आहत है. ऐसे में वे लोग विधानसभा के पास अपनी फरियाद लेकर सरकार से मांग करने पहुंचे हैं कि उनकी नौकरी को बचा लिया जाए.

मौके पर हटिया विधानसभा के विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि वर्तमान की हेमंत सरकार सिर्फ इस बात को लेकर अपनी जिद पर है कि वह रघुवर दास की नीतियों को गलत साबित कर सकें. जबकि रघुवर दास ने झारखंड के युवाओं को नौकरियां दी है, ना की किसी की नौकरी लेने का काम किया है. उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वे युवाओं के भविष्य की चिंता करें.

सदन में कार्यस्थगन

पूर्व मंत्री सह चंदनकियारी विधायक अमर कुमार बाउरी ने कहा कि जैसे ही सोमवार को माननीय हाईकोर्ट का निर्णय आया उसके बाद उन्होंने आज सदन में इस मुद्दे को लेकर कार्यस्थगन लाया.

उन्होंने बताया कि सोमवार को झारखंड हाई कोर्ट के द्वारा शिक्षक नियुक्ति को रद्द करने और फिर से उसकी प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है. कोर्ट ने कहा है कि सरकार की तरफ से नियोजन नीति को लेकर स्पष्ट बिंदु नहीं रख पाई है. जिस कारण यह फैसला लिया गया है.

उन्होंने कहा कि इस विषय पर सदन के अंदर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि जब वर्तमान सरकार 1985 के आधार वाली नियोजन नीति को लागू नहीं कर पा रही है तो 1932 पर आधारित नियोजन नीति कैसे लागू कर पाएगी. क्या यह जुमला सिर्फ चुनावी मुद्दा था, ताकि वे सत्ता पर आसीन हो सके.

उन्होंने बताया कि 2014 से लेकर 2019 तक रघुवर दास वाली सरकार ने शत प्रतिशत झारखंड के लोगों को नौकरियां दी. यह नौकरियां ग्रेड 3 और ग्रेड 4 के लिए ही आरक्षित थी. जबकि ग्रेड 1 और ग्रेड 2 के लिए इसमें कोई प्रावधान नहीं है और यह मात्र 10 वर्षों के लिए ही लागू की गई थी.

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से नहीं रखने के कारण आज शत-प्रतिशत झारखंड के मूलवासियों की नौकरियां खतरे में है. कोर्ट ने भी माना है कि किसी भी राज्य में शत-प्रतिशत स्थानीय को नौकरी देना संभव नहीं है.

उन्होंने कहा कि जब 1985 को आधार बनाकर तैयार किया गया नियोजन नीति को यह सरकार लागू नहीं कर पा रही तो 1932 को आधार बनाकर नियोजन नीति तैयार कर स्थानीयों को नौकरी देने की बात अपने चुनावी सभा में कैसे किया.

उन्होंने सरकार से मांग किया है कि वे झारखंड के युवाओं की नौकरी को किसी भी तरह से बचा ले. वहीं उन्होंने सभी शिक्षकों को एक जुट हो कर सुप्रीम कौर में अपील करने का सुझाव भी दिया.

सरकार रघुवर दास की नीतियों को गलत साबित करने पर आतुर

मौके पर विधायक भानु प्रताप शाही ने कहा कि हजारों शिक्षकों के घरों में आज चूल्हा नहीं जल रहा. परिवार की स्थिति राज्य सरकार के गलत नीति के कारण अचानक से दयनीय हो गई और यह सरकार की सोची समझी साजिश के कारण हुआ. सरकार रघुवर दास की नीतियों को गलत साबित करने पर आतुर है. सरकार ने 10000 युवाओं का कत्ल करने का काम किया है, जबकि अगर सरकार चाहती इन युवाओं की नौकरियों को बचाते हुए नियोजन नीति को रद्द करने का काम कर सकती थी.

उन्होंने सरकार को सचेत करते हुए कहा कि झारखंडियों के नाम पर सत्ता पर बैठी हेमंत सरकार के सत्‍ता का कब्र यही 10000 युवा खोदने का काम करेंगे.

झारखंड विधानसभा मानसून सत्र 2020 के आखिरी दिन हंगामेदार, सत्‍ता और विपक्ष दोनों कर रहे हैं प्रदर्शन

झारखंड विधानसभा मानसून सत्र 2020 के आखिरी दिन हंगामेदार, सत्‍ता और विपक्ष दोनों कर रहे हैं प्रदर्शन

Ranchi: झारखंड विधानसभा मानसून सत्र के अंतिम दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने विरोध प्रदर्शन किया. स्‍पीकर ने हंगामे के दौरान बीजेपी विधायक रणधीर सिंह को सदन से बाहर जाने को कहा. एक तरफ जहां सत्ता पक्ष किसान बिल के खिलाफ प्रदर्शन कर रही थी वही विपक्ष नियोजन नीति, युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दे पर विरोध कर रही थी.

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विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे बीजेपी विधायक अमर कुमार बाउरी ने हेमंत सरकार पर निशाना साथ हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के द्वारा दिए गए नौकरी को भी सरकार बचा नहीं पा रही है. झारखंड हाई कोर्ट ने सरकार के द्वारा मजबूती से पक्ष नहीं रखा गया, जिसके कारण 18000 हाई स्कूल शिक्षक की नियुक्ति को रद्द करने का फैसला आया है. हेमंत सरकार के द्वारा झारखंड हाईकोर्ट में मजबूती से पक्ष नहीं रखने के कारण आज युवा बेरोजगार हो गए हैं. उन युवाओं के साथ भारतीय जनता पार्टी हमेशा खड़ा रहेगी.

वहीं केंद्र सरकार के द्वारा पास कृषि विधेयक का विरोध करते सत्ता पक्ष के विधायक मिथलेश ठाकुर ने केंद्र सरकार के द्वारा लागू किए गए कृषि बिल को काला कानून बताया है.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हर एक चीज को निजीकरण कर दी है अब जो खेती किसानी बची हुई थी उसे भी बड़े उद्योग कॉर्पोरेट घराने को हाथों में देने का काम कर रही है यह कानून देश विरोधी है किसान विरोधी है इस कानून का भरसक विरोध किया जाएगा.

विधायक रणधीर सिंह ने विधान सभा सत्र के अंतिम दिन गोकुल मित्र के बकाया मानदेय के अविलंब भगतान की मांग के साथ प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा कि राज्य में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने में गोकुल मित्र की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. ऐसे में उनके मानदेय का भगतान नही होने से काफी परेशानी हो रही है. उन्होने सरकार से मांग किया कि गोकुल मित्रों का मानदेय भुगतान जल्द किया जाए.

झारखंड के स्‍थानीय 18 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया रद्द

झारखंड के स्‍थानीय 18 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया रद्द

Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट ने नियोजन नीति मामले में आज बड़ा फैसला दिया है. झारखंड सरकार द्वारा बनाए व लागू किए गए नियोजन नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर कोर्ट की पूर्ण पीठ ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए 18 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द कर दिया है. इसके अलावा नियोजन नीति को भी हाई कोर्ट ने निरस्त कर दिया है. कुछ दिन पूर्व ही इस मामले में अंतिम सुनवाई करते हुए अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने राज्य की नियोजन नीति को सही ठहराते हुए अदालत में कहा कि झारखंड की कई परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही यह नीति बनाई गई है.

प्रार्थी सोनी कुमारी व अन्य ने राज्य की स्थानीय नीति को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका दायर कर नियोजन नीति को चुनौती दी है. पूर्ण पीठ में न्यायमूर्ति हरीश चंद्र मिश्रा, न्यायमूर्ति एस चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति दीपक रोशन शामिल हैं. पिछली सुनवाइयों के दौरान अदालत ने 11 जिलों से स्थगन हटा दिया था. अदालत के फैसले पर इनका भविष्य टिका हुआ था.

राज्य के अनुसूचित 13 जिलों के सभी पद स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित करने के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी. पूर्व में सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था. सुनवाई के दौरान पूर्ण पीठ के सभी जज इस बात पर एकमत हुए कि विज्ञापन संख्या 21 के कुछ खंड को अनुसूचित जिले के लिए नए सिरे से विज्ञापन प्रकाशित करने का निर्देश दिया. राज्‍य के अनुसूचित जिलों में पहले से की गई नियुक्तियां भी रद्द कर दी गई हैं. इसके अलावा राज्‍यपाल के द्वारा जारी अधिसूचना को भी खारिज कर दिया गया. गैर अनुसूचित जिलों में नियुक्ति होती रहेगी.

झारखंड विधानसभा मॉनसून सत्र 2020: सहायक पुलिस लाठीचार्ज और लैंड म्‍यूटिशन बिल पर हंगामा

झारखंड विधानसभा मॉनसून सत्र 2020: सहायक पुलिस लाठीचार्ज और लैंड म्‍यूटिशन बिल पर हंगामा

Ranchi: झारखंड विधानसभा मॉनसून सत्र 2020 के दूसरे दिन सहायक पुलिस पर लाठीचार्ज और लैंड म्‍यूटिशन बिल पर खूब हंगामा हुआ. भाजपा विधायक भानुप्रताप शाही और आजसू के विधायक सुदेश कुमार महतो ने दोनों मामले को सदन में जोरदार तरीके से उठाया. वहीं सदन के अंदर संससदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम और मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने जवाब दिया. इसके बावजूद विपक्ष सरकार के जवाब से संतुष्‍ट नहीं दिखा और सदन के अंदर हंगामा होता रहा.

Live: झारखंड विधानसभा मानसून सत्र 2020 में सरना धर्म कोड और झारखंड सहायक पुलिस मामले पर हंगामा के आसार

Live: Jharkhand Assembly Monsoon Session 2020

Ranchi: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र का आज दूसरा दिन है. सत्र के दूसरे दिन विपक्षी दल भाजपा सत्तारुढ़ दल को झारखंड लैंड म्यूटेशन बिल समेत कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है. कोरोना संकट के बीच झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र तीन दिनों के लिए आयोजित किया गया है.

झारखंड विधानसभा मानसून सत्र 2020 | सरना धर्म कोड | झारखंड सहायक पुलिस

Live Updates:

पूर्व मंत्री अमर बाउरी, भाजपा विधायक नवीन जायसवाल समेत कई सदन शुरू होने से पहले कई मुद्दों को लेकर धरने पर बैठे.

धरने पर बीजेपी विधायक

झारखंड के सहायक पुलिसकर्मियों का आंदोलन का मामला हो, लैंड म्यूटेशन बिल या विधि-व्यवस्था का मसला हो. विपक्षी दल भाजपा इन मुद्दों पर हेमंत सरकार को घेरेगी. नेता प्रतिपक्ष की मान्यता का मामला भी सदन में भाजपा उठा सकती है. काफी दिनों से इस पर विवाद चल ही रहा है. आपको बता दें कि झारखंड विधानसभा सचिवालय ने इस मामले में बाबूलाल मरांडी, प्रदीप यादव और बंधु तिर्की से जवाब तलब किया है और इन्हें सात अक्टूबर तक का समय दिया गया है.

झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान आज मुख्यमंत्री प्रश्नकाल नहीं होगा. पूर्व में विधानसभा सत्र के दौरान सोमवार को मुख्यमंत्री प्रश्नकाल के लिए आधा घंटा समय निर्धारित रहता था. इस दौरान विधायक मुख्यमंत्री से सीधे नीतिगत सवाल पूछते थे.आज सिर्फ प्रश्नकाल होगा, जिसमें विधायक तारांकित और अल्पसूचित प्रश्न पूछेंगे. इसके अलावा वर्ष 2020-2021 के पहले अनुपूरक बजट पर बहस होगी.