झारखंड के राज्‍यपाल दिल्‍ली रवाना, सांसद के रहस्‍यमयी ट्वीट के बाद अटकलें तेज

Ranchi: गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने ट्वीटर पर पोस्‍ट किया- जोहार, जय श्रीराम आखिर झारखंड में हो गया काम? सस्‍पेंश भरा यह पोस्‍ट ऐसे समय में किया गया है जब झारखंड में राजनीतिक उथल-पथल मची हुई है और झारखंड के गवर्नर रमेश बैश दिल्‍ली रवाना हो गए हैं. बताया जा रहा है कि राज्‍यपाल दिल्‍ली में पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे.

राज्‍यपाल रमेश बैस दिल्‍ली ऐसे समय में गए हैं जब झारखंड में मुख्‍यमंत्री की सदस्‍यता को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही है. भारत निर्वाचल आयोग सीएम हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्‍यता को फैसला सुनाने वाला है.

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मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन पर आरोप है कि उन्‍होंने विभागीय मंत्री रहते अपने नाम से पत्‍थर खनन लीज आवंटित करा लिया है. भाजपा ने चुनाव आयोग से जनप्र‍तिनिधितव कानून का उल्‍लंघन बताते हुए हेमंत सोरने की विधायकी रद्द करने की मांग की है. भारत निर्वाचन आयोग इस मामले पर अपना फैसला कभी भी सुना सकता है.

रमेश बैस 24 अगस्‍त को दिल्‍ली से लौटेंगे

जानकारी के अनुसार, राज्यपाल रमेश बैस रविवार को शाम में दिल्ली गए. बताया जाता है कि वे निजी कार्यक्रम को लेकर वहां गए हैं. हालांकि वे वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं.

झारखंड में वर्तमान राजनीतिक गतिविधियों के कारण राज्यपाल के दिल्ली जाने पर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता को लेकर भारत निर्वाचन आयोग का फैसला आना है. इसलिए सभी की निगाहें राजभवन पर टिकी हैं. यदि आयोग का फैसला मुख्यमंत्री के विरुद्ध आता है तो राजभवन की सक्रियता बढ़ जाएगी. राज्यपाल 24 अगस्त को रांची वापस लौटेंगे.

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बैठक में विधायकों के नहीं आने से अटकलें

मालूम हो कि हेमंत सोरेन ने शनिवार को झामुमो और कांग्रेस विधायकों की बैठक बुलाई थी. इस बैठक में कई विधायक निजी कारणों का हवाला देते हुए शामिल नहीं हुए थे, जबकि सभी विधायकों को बैठक में आने के लिए कहा गया था. इतना ही नहीं विधायकों को रांची से बाहर नहीं जाने की हिदायत भी दी गई थी. बावजूद विधायकों की अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं.

हालांकि, कांग्रेस और झामुमो इस बैठक का विषय झारखंड में सुखाड़ की स्थिति पर चर्चा बता रहे हैं. लेकिन राजनीति के गलियारों में इसे कुछ और नजरिए से देखा-समझा जा रहा है. इसमें कोई दो राय नहीं कि इस बैठक के ठीक दूसरे दिन राज्यपाल की दिल्ली यात्रा से चर्चाओं को और बल मिला है.

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