जेएनयू की सोना झरिया मिंज बनीं सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर

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Ranchi: प्रोफेसर सोना झरिया मिंज को सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त किया गया है. झारखंड के राज्यपाल सह कुलाधिपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्य के चार विश्वविद्यालयों में कुलपति और प्रतिकुलपति की नियुक्ति की हैं. रांची यूनिवर्सिटी की वर्तमान प्रोवीसी डॉ कामिनी कुमार की पुनर्नियुक्ति हुई है.

ये सारी नियुक्तियां झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश एचसी मिश्र की अध्यक्षता में बनी सर्च कमेटी की सिफारिश और सीएम हेमंत सोरेन की सहमति पर हुई हैं. राज्यपाल ने नीलांबर-पीताबंर विवि में डॉ रामलखन सिंह को कुलपति बनाया है. डॉ सिंह राममनोहर लोहिया अवध यूनिवर्सिटी, अयोध्या में प्रोफेसर हैं. इसी विवि में डॉ दीप नारायण यादव को प्रतिकुलपति बनाया गया है. वे डीडीयू गोरखपुर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं.

ये बने हैं वीसी एंव प्रोवीसी

जानकारी के मुताबिक डॉ. मुकुल नारायण देव को विनोबा भावे विवि का नया कुलपति बनाया गया है. वे भाभा एटोमिक रिसर्च सेंटर, मुंबई में साइंटिफिक ऑफिसर रह चुके हैं. उन्हें डॉ रमेश शरण की जगह कुलपति बनाया गया है.

सोना झरिया मिंज का परिचय

एक जनजाति वर्ग की महिला को कुलपति बनाया जाना वाकई गर्व की बात हैं. डॉ सोना झरिया मिंज सिदो कान्हू विवि दुमका की कुलपति बनाई गई हैं. वे जेएनयू दिल्ली में प्रोफेसर हैं. प्रो. सोनाझरिया मिंज जेएनयू में स्कूल ऑफ कम्प्यूटर एंड सिस्टम्स साइंसेज में प्रोफेसर पद पर कार्यरत हैं.

योग्यता-

पीएच.डी. (कम्प्यूटर साइंस) जवाहरलाल नेहरू यूनवर्सिटी, नई दिल्ली

एम.फिल. (कम्प्यूटर साइंस) जवाहरलाल नेहरू यूनवर्सिटी, नई दिल्ली

एमएससी. (गणित) मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज, तांबरम, चेन्नई, टीएन

सोशल मीडिया पर बधाई

सोनाझरिया मिंज की नियुक्ति पर सोशल मीडिया पर उन्हें बधाइयों का तांता लगा है. झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने जेएनयू की कम्प्यूटर साइंस विभाग की आदिवासी प्रोफेसर और जेएनयू शिक्षक संघ की पूर्व अध्यक्ष प्रो सोनाझरिया मिंज को सिदो कानू मुर्मू विश्वविद्यालय झारखंड का नया वाइस चांसलर नियुक्त किये जाने के लिए हेमंत सरकार को लोग धन्यवाद दे रहे हैं.

सोशल मीडिया पर सोना झरिया मिंज को देश की पहली आदिवासी महिला वाइस चांसलर बताया जा रहा है और बधाईयां दी जा रही हैं. यहां यह स्‍पष्‍ट कर देना चाहेंगे कि सोना झरिया मिंज देश की पहली आदिवासी महिला वाइस चांसलर नहीं हैं. इससे पहले इंदु धान रांची यूनिवर्सिटी और सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय की आदिवासी महिला वाइस चांसलर रह चुकी हैं.

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