बेटा सरहद पर हुआ शहीद,परिजन अब भी लड़ रहे हैं हक की लड़ाई

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#BOKARO : 76 बटालियन के जवान स्व: कनक कुमार सिंह की पुण्यतिथि  बोकारो थर्मल थानांतर्गत जारंगडीह स्थित ढोरी माता चर्च ग्रांउड में मनायी गयी . इस कार्यक्रम में वीर कनक सिंह के साथ- साथ उन वीर जवानों का श्रद्धांजलि दी गयी जिन्होने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिये. कार्यक्रम का आयोजन “आसरा संस्था” ने किया था. “आसरा ” हर साल  जवानों को नमन करने के लिए इस तरह का आयोजन करती है.

सरहद पर शहीद जवानों के परिजन अब भी लड़ रहे हैं हक की लड़ाई

शहीद के परिजनो को सम्मान मिला लेकिन सरकारी अनदेखी  उनमें रोष भर रही है. इस मंच से शहीद के परिजनों ने जनप्रतिनिधियों के सामने   अपनी समस्या रखी. शहीद विनोद यादव की पत्नी ने बताया कि किस तरह उनके पति के शहीद होने के बाद उन्हें दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं. उन्हें ना पेंशन मिल रहा है और ना ही सरकार के द्वारा दी जाने वाली नौकरी. कई जगह कागज आगे नहीं बढ़ते सिर्फ आश्वासन मिलते हैं. बच्चों की पढ़ाई , घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है. कई लोगों ने आश्वासन दिये लेकिन किसी ने मदद नहीं की.

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शहीद पप्पू प्रसाद  के पिता भुवनेश्वर प्रसाद ने कहा, हमें 15 साल हो गये सरकार से अपना हक मांगते- मांगते.  हमें कोई सरकारी मदद नहीं मिली सिर्फ पैसे मिले लेकिन नौकरी अबतक नहीं मिली. हमें आश्वासन दिया गया था लेकिन इतने सालों तक कोई ठोस काम नहीं हुआ.

शहीद शशिकांत पांडेय के पिता बताते हैं कि अबतक उन्हें भी सरकार से कोई खास मदद नहीं मिली. जमीन के लिए आश्वासन दिया गया था. कुछ जमीन मिली कुछ अभी भी अटकी हुई है. सरकारी अधिकारी घूस मांगते हैं सरकारी अधिकारियों को लगता है अपने बेटे को खोने के बाद हमें ढेर सारे पैसे मिले. इसकी शिकायत हमने  मुख्यमंत्री से मिलकर की थी. उन्होंने डीसी को फोन किया और काम करने का आदेश दिया. आधी जमीन मिली लेकिन  अब भी  नौकरी और शहर में जमीन का काम नहीं किया है.

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नेताजी ने दिया आश्वासन , बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाया

बेरमो विधायक योगेश्वर महतो ने इन समस्याओं पर कहा कि मैं कोशिश करूंगा इनकी समस्या दूर कर सकूं. कार्यक्रम में गोमिया विधानसभा से चुनाव लड़ चुके आजसू पत्याशी डॉ लंबोदर महतो ने इसी मंच से शहीद के परिजनों की समस्या को दूर करने का भरोसा दिया. शहीद विनोद यादव की पत्नी को मदद के लिए कुछ पैसे दिये और बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने का भरोसा जताया और शहीद के परिजनों की समस्या डायरी में लिखकर ले गये.

कौन – कौन हुए कार्यक्रम में शामिल

1 शहीद शशिकांत पांडेय के पिता राजेश्वर पांडेय और मां शामिल हुई . 7 दिसंबर 2016 को सेना के जवानों से भरे बस में हुए आतंकी हमले में जवान शशिकांत पांडेय शहीद हो गये थे.

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2 शहीद पप्पू प्रसाद  के पिता भुवनेश्वर प्रसाद और मां शामिल रहीं. 17 नवंबर 2003  को जम्मू कश्मीर के श्रीनगर स्थित अनंतनाग में शहीद हो गये.

3 शहीद विनोद यादव  की पत्नी श्रीमती अंजू देवी अपने दो छोटे बच्चों के साथ शामिल हुई. 4 अप्रैल 2014 को छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुए  नक्सली  हमले में शहीद हो गये थे.

शहीद के परिजनों के साथ- साथ बेरमो विधायक योगेश्वर महतो ( बाटूल ). आजसू नेता डॉ लंबोदर महतो, जिला कांग्रेस के महामंत्री वरुण कुमार सिंह, आजसू के संतोष महतो सहित कई अन्य लोग शामिल रहे.

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