पूर्वोत्तर में सुधरे हालात, गुवाहाटी में कर्फ्यू हटा

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Guwahati: नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर असम समेत पूरे पूर्वोत्तर में विरोध-प्रदर्शनों का सिलसिला थम रहा है. पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में मंगलवार को स्थिति सामान्य रही. हालांकि, कुछ राज्यों में नए कानून को रद्द करने की मांग को लेकर हल्का विरोध-प्रदर्शन हुआ. रेल यातायात भी धीरे-धीरे बहाल हो रहा है.

पूर्वोत्तर में हालात सामान्य होने के बाद मंगलवार से पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने पैसेंजर ट्रेनों समेत लगभग 53 ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया है. अरुणाचल प्रदेश में इनर लाइन परमिट की व्यवस्था होने के बावजूद अखिल अरुणाचल प्रदेश छात्र संस्था (आपसू) और नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन (नेसो) संयुक्त रूप से सीएए को रद्द करने की मांग को लेकर प्रतिदिन विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. हालांकि, राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से बहाल है और स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है.

मणिपुर में इनर लाइन परमिट व्यवस्था बहाल किए जाने के बाद विरोध-प्रदर्शन रुक गया है. हालांकि, वामपंथी और अन्य इक्का-दुक्का संगठन नए कानून के विरुद्ध रह-रहकर आवाज उठा रहे हैं. नगालैंड में भी छात्र संगठन नेसो के समर्थन से विरोध-प्रदर्शन जारी है. हालांकि, राज्य की स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है.

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मिजोरम में भी इनर लाइन परमिट की व्यवस्था होने के कारण छात्र संगठनों के अलावा अन्य कोई संगठन विरोध के लिए सामने नहीं आया. फिलहाल, राज्य में पूरी तरह से शांति बहाल है. त्रिपुरा में भी सरकार की सख्ती के बाद राज्य में शांति बहाल हो गई है और आंदोलनकारियों ने आंदोलन वापस ले लिया है. राज्य में मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल है और शांति व्यवस्था भी कायम है.

मेघालय की राजधानी शिलांग और रि-भोई जिले में नए कानून को लेकर उग्र प्रदर्शन के बाद मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई और कई जगह कर्फ्यू जैसे हालात बन गए हैं. आंदोलन में छात्र संगठनों के साथ अन्य संगठन भी शामिल हैं. राज्य में इनर लाइन परमिट व्यवस्था लागू करने के लिए विधानसभा से सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया है, जिसे केंद्र को भेजा जाएगा. राज्य में स्थिति सामान्य हो रही है.

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सीएए को लेकर सबसे अधिक उग्र प्रदर्शन असम में हुआ. लगभग 3000 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिसमें से सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. राजधानी गुवाहाटी के हालात सामान्य होने के बाद मंगलवार की सुबह से कर्फ्यू को पूरी तरह से हटा लिया गया. डिब्रूगढ़ में रात आठ बजे से सुबह छह बजे तक कर्फ्यू बहाल है. तिनसुकिया जिला शहर में भी शाम चार बजे से सुबह पांच बजे तक कर्फ्यू जारी है. दिन के समय कर्फ्यू में ढील मिलने से लोगों ने राहत की सांस ली है.

गुवाहाटी हाई कोर्ट में दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने राज्य सरकार को मंगलवार की शाम तीन बजे से मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल करने का निर्देश दिया था. हालांकि, राज्य सरकार ने हालात बिगड़ने का हवाला देते हुए इंटरनेट सेवा बहाल करने से इंकार कर दिया. इस मामले में गुरुवार को पुनः सुनवाई होगी. राज्य के ब्रह्मपुत्र घाटी में नए कानून को लेकर हल्का विरोध-प्रदर्शन हुआ, जिसकी अगुवाई अखिल असम छात्र संस्था (आसू) और असम जातीयतावादी युवा छात्र परिषद (अजायुछाप) कर रहा है. राष्ट्रद्रोह के आरोप में गिरफ्तार केएमएसएस के मुखिया अखिल गोगोई को रिहा करने को लेकर समर्थकों ने प्रदर्शन किया.

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राज्य में शांति व्यवस्था बहाल होने से बाजार, दुकान और प्रतिष्ठान पूरी तरह से खुल गए हैं. सड़कों पर लंबी दूरी की बसें भी चलने लगी हैं. पुलिस प्रशासन और नागरिक प्रशासन हालात को सामान्य बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है.

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