सिमी के आतंकी मंजर और दानिश सहित 18 को सात साल की सजा

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#रांची : स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के आंतकी प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेने के आरोप में एर्नाकुलम (केरल) की विशेष अदालत ने बरियातू के जोड़ा तालाब निवासी मंजर इमाम और दानिश रियाज सहित 18 लोगों को सात साल की सश्रम कारावास की सजा सुनायी है। अदालत ने सभी दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

गौरतलब है कि दानिश रियाज को मई 2011 में बड़ोदरा स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था। वह हैदराबाद की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। वहीं मंजर को 2013 में कांके से एनआईए ने पकड़ा था। वह रांची विश्वविद्यालय से उर्दू का गोल्ड मेडलिस्ट रहा है।

मालूम हो कि केरल के मुंडाकायम में 21 जून 2008 को 43 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। फिर 21 जनवरी 2010 को एनआईए ने एफआईआर दर्ज की। इसके मुताबिक आतंकी संगठन सिमी ने गुप्त प्रशिक्षण शिविर लगाया गया था। इसमें केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड और उत्तर प्रदेश से सिमी के कार्यकर्ता शामिल हुए थे। शिविर में शारीरिक प्रशिक्षण, फायरिंग अभ्यास, विस्फोटक का प्रशिक्षण, मोटर बाइक रेसिंग, रस्सी से उतरने-चढ़ने और पूरे देश में जिहाद का प्रशिक्षण दिया गया था।

इस मामले में एनआईए की ओर से 30 आरोपियों के खिलाफ पहला चार्जशीट 13 जनवरी 2011 को दाखिल किया गया था। मामले में सोमवार को अदालत ने केरल के सदुली पी, कर्नाटक का हाफिज हुसैन, मध्य प्रदेश का सफदर नगौरी, आमिल परवेजश, कमरुद्दीन नगौरी, केरल का पीए शिबली, मोहम्मद अनसार, अब्दुल सत्तार, कर्नाटक का मोहम्मद समी, डॉ एचए अब्दुल्ला, नदीम सैय्यद, यूपी का मुफ्ती अब्दुल बशार, शकील अहमद, डॉ. मिर्जा अहमद बेग, महाराष्ट्र का मो. अबु फैजल खान और गुजरात का आलम जेब अफरीदी सहित 18 को दोषी करार दिया था।

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