Take a fresh look at your lifestyle.

सिल्‍ली उपचुनाव : सीमा को विपक्ष का साथ मिलने के बाद सुदेश को मिल रहा जनता का साथ

0

#रांची : झारखंड में दो विधानसभा सीटों सिल्‍ली और गोमिया को लेकर उपचुनाव होने जा रहे हैं। झारखंड की राजनीतिक धुरी इन्‍हीं जगहों पर टिकी है। एक तरह से इसे मिशन 2019 का ट्रेलर के रूप में देखा जा रहा है। इसी लिए सभी राजनीतिक दलों ने इन सीटों पर अपनी मौजूदगी दिखाने के लिए जी जान लगा दिया है।

वहीं सिल्‍ली विधानसभा सीट से झारखंड के पूर्व उपमुख्‍यमंत्री सुदेश कुमार महतो उपचुनाव लड़ रहे हैं। यहां से आजसू एनडीए सरकार में शामिल होते हुए भी अकेले पड़ गया हैं। सरकार का मुख्‍य सत्‍ताधारी पार्टी भाजपा सिर्फ उपर-उपर साथ होने की बातें कहता तो है, पर ऐसा अभी तक कहीं दिखा नहीं है।

बिना भाजपा के साथ के आजसू उम्‍मीदवार सुदेश महतो के नामांकन के लिए सिल्‍ली विधानसभा की जनता उमड़ पड़ी थी। वहीं सुदेश के के लिए जनता का साथ के खिलाफ पूरा विपक्ष एकजुट हो गया है, जो झामुमो प्रत्‍याशी सीमा महतो के नामांकन के दौरान दिखा। भीड़ सीमा के साथ भी थी, लेकिन वह सिल्‍ली की नहीं बल्कि विपक्षी पार्टी के समर्थकों की भीड़ थी।

विपक्षी दलों के कैडर बन गये आजसू समर्थक

महाभारत के अभिमन्‍यु की तरह सुदेश के अकेल पड़ जाने के सिल्‍ली विधानसभा का वोटरों का साथ आजसू को मिलता दिख रहा है। सिल्‍ली विधानसभा सीट में अनगड़ा, सिल्‍ली, सोनाहतू और राहे प्रखंड के वोटर वोटिंग करते हैं। जानकारी के अनुसार अमित महतो के कई समर्थक उनकी पत्‍नी को उम्‍मीदवार बनाये जाने के निर्णय के बाद नाराज होकर आजसू और दूसरे दलों का दामन थाम लिया है। वहीं भाजपा और कांग्रेस जैसे दूसरे विपक्षी दलों के कैडर जो सालों से चुनाव की तैयारी कर रहे थे और गठबंधन के तहत उम्‍मीदवार नहीं दिये जानके कारण वहां के कैडर आजसू समर्थक हो गये हैं।

विपक्षी ताकतों के खिलाफ जनता आई सुदेश के साथ

कई लोगों से बातचीत के बाद यह बात भी सामने आई है कि जितनी तेजी से विपक्षी पार्टियां सुदेश महतो के खिलाफ खड़ हो रहे हैं। सिल्‍ली सीट के वोटर्स का सहानुभूति आजसू की तरफ दिख रहा है। लोगों का कहना हे कि सुदेश में कुछ तो बात है, तभी तो विरोधी एक हो गये हैं।

वहीं विपक्ष समर्थित झामुमो प्रत्‍याशी सीमा महतो के बारे में अक्‍सर लोग यह कह रहे हैं कि पिछले चार सालों में सिल्‍ली विधानसभा क्षेत्र के लिए अमित महतो ने विधायक रहते कुछ नहीं किया, ऐसे में उनकी पत्‍नी भी एक साल में कितना कमाल दिखा लेंगी। सिल्‍ली का कुछ विकास हो न हो दोनो पति-पत्‍नी आजीवन पेंशन का हकदार बन जायेंगी।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More