250 ग्रामीणों ने जलसंरक्षण के लिए चार घंटे श्रमदान से किया चार बोरी बांध का निर्माण

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Khunti: सेवा वेलफेयर सोसाइटी और ग्राम सभाओं के माध्यम से जिले में जनशक्ति से जल शक्ति अभियान की दिशा में सफल प्रयास जारी हैं. इसी कड़ी में मुरहू प्रखंड के इंदिरा कॉलोनी और करंजटोली में लगभग 250 से ज्यादा ग्रामीणों ने श्रमदान कर तकरीबन चार घण्टों में चार बोरी बांध का निर्माण किया.

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अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ किया श्रमदान

ग्रामीणों का उत्साहवर्धन करने और उनके साथ मिलकर बोरी बांध निर्माण कार्य में अनुमंडल पदाधिकारी हेमन्त सती और प्रखण्ड विकास पदाधिकारी प्रदीप भगत द्वारा भी श्रमदान किया गया.

मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि बोरीबांध अपने आप में एक अनोखी पहल है. इससे जिले का सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास हो रहा है. साथ ही लोगों को सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक लाभ हो रहा है.

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उन्होंने कहा कि बांध बनाने के क्रम में पूरे गांव के लोग एकजुट होते हैं. जिससे सामाजिक बंधन और भी मजबूत हो रहा है. उनका कहना है कि खूंटी में बोरीबांध की जो संकल्पना की गई है, इसे पूरे राज्य में लागू करना चाहिए. स्थानीय लोगों को छोटी-छोटी चीजों के लिए किसी पर निर्भर ना रहना पड़े.

उन्होंने कहा कि मवेशियों को पानी मिलेगा, कपड़ा धोने, बच्चों के नहाने-धोने और सांस्कृतिक कार्यों के लिए बोरीबांध का पानी इस्तेमाल किया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि इससे गांव का चौमुखी विकास हो रहा है. यह एक अच्छी संकल्पना है.

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बत्‍तख पालन और सिंचाई करेंगे ग्रामीण

जिला प्रशासन और सेवा वेलफेयर सोसाइटी के संयुक्त प्रयासों से ग्रामीणों के बीच जाकर इन्हें जल संरक्षण के संबंध में जानकारी दी गयी है. इन्हें आत्मनिर्भर बनने और जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया. इससे गांव के लोग काफी उत्साहित थे.

अब गांव के लोग इस पानी में मत्स्य और बत्तख पालन करने के लिए अग्रसर हैं. यह चार बोरीबांध लगभग 15 से 20 एकड़ भूमि को सिंचित करने का काम भी करेगें.

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