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शत्रुघ्न सिन्हा ने टीवी शो में कही बड़ी बात- अमित शाह इस हाल में नहीं कि किसी से मिल सकें

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New Delhi: अपनी पार्टी बीजेपी से लगातार और सख्त नाराज चल रहे पटना साहिब के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा है कि उत्तप्रदेश में मायावती और अखिलेश यादव के बीच हुए गठबंधन के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह इस हाल में नहीं हैं कि वे किसी से मिल सकें.

मंगलवार को पटना में एक निजी समाचार चैनल एबीपी के द्वारा आयोजित बिहार शिखर सम्मेलन में शत्रुघ्न सिन्हा ने कई सवालों का जवाब दिया. उन्होंने यह भी कहा कि लालकृष्ण आडवाणी के कैंप का था इसलिए उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया.

अमित शाह से मुलाकात

क्या बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात होती है,  चैनल के इस सवाल पर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि तीन राज्यों के चुनावों के दौरान वे व्यस्त रहे इसलिए मुलाकात नहीं हो पाई. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मायावती और अखिलेश यादव के बीच गठबंधन के बाद अमित शाह इस हालत में नहीं है कि किसी से मिल सकें. सिन्हा ने मायावती और अखिलेश यादव के गठबंधन को सोने पर सुहागा बताया.

बीजेपी क्यों नहीं निकाल देती

‘बिहारी बाबू’ के नाम से मशहूर बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा का कहना था कि बीजेपी को वे हमेशा परिवार की तरह देखते हैं. अगले सियासी कदम से जुड़े सवाल पर उन्होंने शायराना अंदाज में कहा कि ‘हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में है.’
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा-लोग कहते हैं आप बीजेपी क्यों नहीं छोड़ देते, मैं पूछता हूं बीजेपी मुझे क्यों नहीं निकाल देती. अच्छे दिन अब तक नहीं आए.

क्या है रणनीति

इस सवाल के जवाब में शत्रुध्न सिन्हा ने शायराना अंदाज में कहा कि हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में है. हालाकि उन्होंने कहा कि वह चुनाव पटना साहिब से ही लड़ेंगे. उन्होंने कहा, ”यह बात सच है कि मुझे मां गंगा ने बुलाया है लेकिन मेरी पहली, दूसरी और आखिरी पसंद पटना साहिब है.

सत्तारूढ़ दल में रहकर विपक्ष की भूमिका निभाते हैं, इस सवाल के जवाब में उनका कहना था, शायद मेरी यही फितरत है. मैं कई लोगों से ट्रेनिंग लेकर आया हूं, मैं राजनीति में कुछ पाने नहीं आया इसलिए सच्चाई के साथ सब कहता हूं. मैं पहले भारत की जनता का हूं. मुझे जो जनहित में लगता है वहीं करता हूं”.

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि बीजेपी जो अटल जी वाली थी और अब जो पीएम मोदी वाली है, दोनों बिलकुल अलग है.

जब छलका दर्द

टीवी चैनल के कार्यक्रम में ‘शॉटगन’ का केंद्रीय मंत्री न बनाए जाने का दर्द भी छलका. उन्होंने एक सवाल के जवाब में तंज कसते हुए कहा, “मंत्री बनाना प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है, मगर किसी टेलीविजन नायिका को सीधे मानव संसाधन विकास मंत्रालय की जिम्मेवारी देना कहां तक उचित है जबकि मुझे क्यों कहा जाता है कि आप फिल्मों से हैं आपका अनुभव नहीं. क्या मुझ पर कोई भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे”?
कौन सा फैसला देश हित में?

एक और सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि व्यक्ति पूजा ठीक नहीं. लोकतंत्र में तानाशाही नहीं होती. अगर नोटबंदी ठीक नहीं लगी तो हमने बोला. लोग बेघर हो गए नोटबंदी की वजह से, उनकी नौकरी चली गई और हम एक व्यक्ति की पूजा करते रहे ये नहीं होगा मुझसे.

पीएम मोदी से बात

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा,” मैं बहुत सिद्धांतबादी हूं. मुझे पार्टी का मंच ही नहीं मिल रहा तो कहां अपनी बात कहूं. पीएम मोदी से एक बार फिडबैक देने के लिए मिलने को कहा तो मुझे बताया गया कि पार्टी अध्यक्ष से मिलिए. मैं शिकायत नहीं कर रहा बल्कि आपके सवाल का जवाब दे रहा हूं. मैं बस आइना दिखा रहा हूं. व्यक्ति से बड़ा पार्टी और पार्टी से बड़ा देश होता है. मैं देश हित की बात करता हूं. मीडिया में इसलिए बात कर रहा हूं क्योंकि लोकतंत्र का यह चौथा स्तंभ है. ‘मेरा विरोध पीएम मोदी से नहीं मुद्दों से है ”

चाय बेचने की बात

मोदी जी के चाय बेचने वाली बात पर भी उन्होंने निशाना साधा और इसे एक स्टंट करार दिया. शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा इसका सिर्फ वह इस्तेमाल कर रहे हैं. यह एक स्टंट है. उन्होंने कभी चाय नहीं बेची.

राहुल में परिपक्वता

शत्रुध्न सिन्हा ने एक बार फिर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कहा कि उनमें जबरदस्त परिपक्वता दिखाई है. अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने तीन राज्यों में जीत दर्ज की इससे ज्यादा और क्या चाहिए.

 

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