Take a fresh look at your lifestyle.

Teacher’s Day पर अपने फ्रेंड्स के बीच शेयर करें डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के ये 10 मैसेज

0

क्‍या आप इस शिक्षक दिवस (Teacher’s Day) 5 सितंबर के दिन कुछ डिफ्रेंट करना चाहते हो. ताकि आपके फ्रेंड्स और टीचर्स के सामने आपका क्रेज बढ़े. तो सिर्फ अपने टीचर्स को गिफ्ट ने से ऐसा नहीं होगा. आपको इसके लिए कुछ अलग सोचना होगा और करना होगा.

Like पर Click करें Facebook पर News Updates पाने के लिए

हम आपको यहां कुछ ऐसे आसान टिप्‍स बता रहे हैं, जो आप करोगे तो रियल में आपके फ्रेंड्स और टीचर्स के साथ-साथ आपको भी गुड फील होगा.

आपको पता होगा ही कि टीचर्स डे को इंडिया के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (Sarvepalli Radhakrishnan) के बर्थडे के मौके पर सेलिब्रेट किया जाता है. राधाकृष्णन इंडियन कल्‍चर को फॉलो करने वाले पॉपुलर शिक्षाविद और ग्रेड फिलॉशिफर थे. ऐसे में आपको उनके ऑपिनियन और थॉट्स वाले मैसेजेज, कॉट्स मिल जाय तो आपका टीचर्स डे यकीनन बहुत शानदार हो सकता है. आप इन मैसेज को व्‍हाट्सअप, फेसबुक जैसे इंटरनेट के सोशल मीडिया में शेयर करके अपने फ्रेंड्स और टीचर्स के बीच में सबके फेवरेट हो सकते हो.

सर्वपल्ली राधाकृष्णन के 10 विचार (Teacher’s Day Quotes)

  1. भगवान की पूजा नहीं होती बल्कि उन लोगों की पूजा होती है जो उनके नाम पर बोलने का दावा करते हैं.
  2. शिक्षक वह नहीं जो छात्र के दिमाग में तथ्यों को जबरन ठूंसे, बल्कि वास्तविक शिक्षक तो वह है जो उसे आने वाले कल की चुनौतियों के लिए तैयार करें.
  3. शिक्षा के द्वारा ही मानव मस्तिष्क का सदुपयोग किया जा सकता है. अत: विश्व को एक ही इकाई मानकर शिक्षा का प्रबंधन करना चाहिए.

    4. किताबें पढ़ने से हमें एकांत में विचार करने की आदत और सच्ची खुशी मिलती है.

    5. कोई भी आजादी तब तक सच्ची नहीं होती है, जब तक उसे पाने वाले लोगों को विचारों को व्यक्त करने की आजादी न दी जाये.

    6. पुस्तकें वह माध्यम हैं, जिनके जरिये विभिन्न संस्कृतियों के बीच पुल का निर्माण किया जा सकता है.

    7. शिक्षा का परिणाम एक मुक्त रचनात्मक व्यक्ति होना चाहिए, जो ऐतिहासिक परिस्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के खिलाफ लड़ सके.

    8. ज्ञान के माध्यम से हमें शक्ति मिलती है. प्रेम के जरिये हमें परिपूर्णता मिलती है.

    9. हमें तकनीकी ज्ञान के अलावा आत्मा की महानता को प्राप्त करना भी जरूरी है.

    10. शांति राजनीतिक या आर्थिक बदलाव से नहीं आ सकती बल्कि मानवीय स्वभाव में बदलाव से आ सकती है.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More