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श्रीकृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी में बारिश का मतलब, खास मौके पर भेजें खास संदेश

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भगवान श्रीकृष्‍ण का जन्‍म जब हुआ था. तब आधी रात का समय था. घोर अंधेरी काली रात. श्रीकष्‍ण के जन्‍म के दौरान वासुदेव को उन्‍हें सबकी नजरों से बचाते हुए उसी समय नंदगांव पहुंचाना था. बादल-गरजने लगे, तेज बारिश शुरू हो गई. काली रात और भयावह हो गई. कारागार के दरबार बेहोश हो गये. इसी बीच वासुदेव भगवान श्रीकृष्‍ण को गोद में लेकर वहां से निकल लिये.

2 और 3 सितंबर को श्रीकृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी मनाने की तैयारी

तब का और अभी का समय और महौल वैसा ही दिख पड़ रहा है. एक ओर 2 और 3 सितंबर को श्रीकृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी मनाने की तैयारी हो रही है. वहीं दूसरी तोर मौसम ने भी अपना मूड बदल दिया है. भारत के कई शहरों में मुसलाधार बारिश हो रही है. संभवत: ऐसा ही माहौल उस समय भी रहा होगा जब वासुदेव श्रीकृष्‍ण को कारागार से गोकुलधाम देकर जा रहे थे.

श्रीकृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी के मौके पर भेजें शुभकाना संदेश

श्रीकृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी का यह मौका बिल्‍कुल खास है. तो ऐसे खास मौकों पर अपने दोस्‍तों, रिश्‍तेदारों और करीबियों को फेसबुक, व्‍हाट्सअप के जरिये शुभकाना संदेश तो भेजना बनता है न. आप अपनों को ऐसे संदेश भेजे जिसे देखकर वो कह उठें ‘क्‍या बात है’.

आइये आपके लिए पेश करते हैं ऐसे ही श्रीकृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी से जुड़ी वाट्सअप मैासेज, जिसे आप व्‍हाट्सअप स्‍टेटस और फेसबुक स्‍टेटस के रूप में भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं.

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