गांधी जयंती पर माही केयर फाउंडेशन की आत्‍मनिर्भर महिलाओं ने श्रद्धासुमन अर्पित किया

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Ranchi: महात्‍मा गांधी महिलाओं का अबला कहने के सख्त खिलाफ थे. उन्होंने अपने घर, निजी जिंदगी के अनुभवों से महिलाओं के लिए सम्मान करना सीखा था. महिलाओं को बराबरी का दर्जा देने को लेकर आज नारे बुलंद किए जाते हैं. आज गांधीजी के इन्‍हीं विचारों से प्रेरित होकर रांची की माही केयर फाउंडेशन महिलाओं के आत्‍मनिर्भरता के लिए काम कर रही है. यह संस्‍था पिछले दो सालों में एक लाख से अधिक महिलाओं को स्‍वरोजगार से जोड़कर आत्‍मनिर्भर बनाया है. गांधी जयंती के मौके पर मा‍ही केयर फाउंडेशन के सदस्‍यों ने रांची के मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका पहुंचकर श्रद्धा सुमन अर्पित किया.

महात्‍मा गांधी ना सिर्फ शांति और अहिंसा के पक्षधर रहे, बल्कि महिलाओं के प्रति उनका नजरिया भी काफी अहमियत रखता था. वे महिलाओं को लेकर अपने समय से आगे की सोच रखते थे. वो महिलाओं को पुरुषों की तुलना में सुपीरियर मानते थे. ऐसी ही बातें माही केयर फाउंडेशन के प्रयासों को भी देखकर लगता है. बापू के स्‍वच्‍छता अभियान को सैनिटरी पैड के इस्‍तेमाल को महिला जागरूगता से जोड़ते हुए उनके बीच स्‍वरोजगार का सृजन किया. जो एक आज बड़ा अभियान के रूप में स्‍थापित हो चला है.

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