झारखंड बजट 2020: श्‍वेत पत्र पर सरयू राय ने खड़ा किया सवाल, आजसू ने कहा- जिम्‍मेदार लोगों पर कार्रवाई करे सरकार

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Ranchi: हेमंत सरकार द्वारा राज्य की वित्तीय स्थिति पर विधानसभा में श्वेत पत्र लाया गया. इस पर कई राजनीतिक दलों और उनके नेताओं ने प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त किया है. पूर्व मंत्री सह विधायक सरयू राय ने कहा है कि इसे उन अधिकारियों ने ही तैयार किया जिन्होंने पिछली सरकार के पांच वर्ष के कार्यकाल में काम किया. उन्‍होंने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि ऐसे में श्वेत पत्र में सही चीज आने की उम्मीद कैसे की जा सकती है.

सरयू राय ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अच्छा होता सरकार विशेषज्ञों की तटस्थ समिति बनाकर उनसे श्वेत पत्र तैयार करवाती.

सरयू राय ने यह भी कहा कि श्वेत पत्र में वित्तीय स्थिति का ही विवरण है, भौतिक स्थिति का नहीं. विभिन्न योजनाओं पर कितना खर्च हुआ और उसका प्रतिफल क्या मिला, यह बात इसमें आनी चाहिए थी.

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उन्होंने पिछली रघुवर सरकार पर क्षमता से अधिक दोगुना ऋण लेने का आरोप लगाया. कहा कि मंगलवार को प्रस्तुत होने वाले राज्य के बजट में कोशिश होनी चाहिए कि राजस्व कैसे बढ़े. बजट की राशि का बेहतर उपयोग कैसे हो. यदि हेमंत सरकार भी पिछली सरकार की तरह ही बजट लाती है तो यह स्वयं के साथ-साथ राज्य के साथ धोखा होगा.

आजसू ने की जिम्‍मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग

सरकार द्वारा श्‍वेत पत्र जारी होने के बाद आजसू के केंद्रीय प्रवक्‍ता डॉ देवशरण भगत द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है. इसमें कहा गया है कि इसमें मुख्य रूप से वर्तमान में सरकार की संकटग्रस्त अर्थव्यवस्था एवं अभावग्रस्त राजकोष को दर्शाया गया है. सरकार की मंशा है कि इस श्वेत पत्र के माध्यम से जनता को पारदर्शिता के साथ राज्य की वित्तीय स्थिति से अवगत कराना और इस परिस्थिति से राज्य को बाहर लाने के लिए अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन निराकरण की कार्रवाई करना.

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आजसू ने कहा है कि श्वेत पत्र में आंतरिक स्रोतों के राजस्व संग्रहण में कमी बताई गई है. सरकार इस परिस्थिति के लिए जिम्मेवार लोगों को चिन्हित करे और कार्रवाई सुनिश्चित करे ताकि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो. सरकार जनता की कसौटी पर खरा उतरे ये अपेक्षा है.

श्वेत पत्र पर किसने क्या कहा

‘राज्य के खजाने की हालत काफी दयनीय है जिसे जनता को बताना जरूरी था. जनता की कई अपेक्षाएं होती हैं. खजाना खाली होने के कारण सरकार उन अपेक्षाओं पर खरा उतरने में विफल हो सकती है. सरकार आय का स्रोत बढ़ाकर तथा वित्तीय प्रबंधन के माध्यम से वित्तीय स्थिति को सुधारेगी.’ -स्टीफन मरांडी, झामुमो विधायक.

‘श्वेत पत्र सिर्फ आय-व्यय का ब्योरा है. इसके नाम पर राजनीति की जा रही है. सरकार को विकास का काम करना होता तो कर्ज लेती है. बाहर से भी कर्ज लिया जाता है. क्या हेमंत सरकार सरकार बताएगी कि अगले पांच साल में कोई कर्ज नहीं लेगी?’ -बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री.

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‘पिछली सरकार ने राज्य का खजाना बिल्कुल खाली कर दिया है. इसे जनता के सामने लाने के लिए श्वेत पत्र जरूरी था. पिछली सरकार हाथी उड़ा रही थी. राज्य को चारागाह बनाकर जनता को लूटने का काम किया. अब विपक्ष दूसरा बहाना बनाकर सदन नहीं चलने दे रहा है. असंसदीय आचरण कर लोकतंत्र की हत्या कर रहा है.’ -बन्ना गुप्ता, स्वास्थ्य मंत्री.

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