रूपा तिर्की की मां ने न्‍याय के लिए राज्यपाल से लगाई गुहार, पत्र में कहा- बेटी की मौत की सीबीआई जांच हो

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Ranchi: साहिबगंज की महिला थाना प्रभारी रूपा तिर्की की संदिग्‍ध मौत की सीबीआई जांच की मांग को लेकर परिवार ने राज्‍यपाल से गुहार लगाई है. मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर रूपा तिर्की की मां ने राज्‍यपाल द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन पत्र भी सौंपा है. मौके पर भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष आरती कुजूर भी मौजूद रहीं.

ज्ञापन देते हुए स्व रूपा तिर्की की मां पद्मावती उराइन ने कहा कि मेरी बेटी स्वर्गीय रूपा तिर्की जो साहिबगंज जिला में महिला थाना प्रभारी के पद पर कार्यरत थी, उसकी हत्या 3 मई 2021 को उसके सरकारी आवास में कर दी गई. चूंकि साहेबगंज पुलिस प्रशासन शुरू से ही उक्त हत्याकांड को आत्महत्या घोषित करने में लगी हुई है, इसलिए मैंने बेटी की हत्या की सीबीआई जांच की मांग की. किंतु पुलिस- प्रशासन ने बेटी के हत्यारों को पकड़ने के बजाय बेटी के चरित्र पर ही सवालिया निशान लगा इसे आत्महत्या का रूप दे दिया.

आगे उन्होने कहा कि हद तो अब ये हो गई है कि पुलिस ने मेरे पति अर्थात रूपा के पिता को ही हत्या का आरोपी बना दिया है तथा बेटी की हत्या के असली आरोपियों को बचाने में लगी हुई है.

आगे उन्होंने कहा कि साहेबगंज पुलिस प्रशासन द्वारा शुरू से ही लापरवाही बरती जा रही है, जिसका नतीजा यह है कि मेरी बेटी रुपा के पार्थिव शरीर का जब पोस्टमार्टम किया गया तो बिसरा तक सुरक्षित नहीं रखा गया और न ही मेडिकल कॉलेज में एक्सपर्ट के द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया. कमरे में जब उसका शव हमने देखा था उस वक्त उसके नाक से झाग भी निकल रहे थे, जिससे हमें संदेह है कि उसे जहर भी दिया गया था. और उसके साथ मारपीट भी की गई थी, जिसके निशान उस वक्त उसके शरीर पर साफ-साफ दिखाई पड़ रहे थे. गले पर भी दो रस्सी के निशान थे, जिसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नजरअंदाज किया गया है.

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उन्होंने कहा कि मेरी बेटी के गुप्तांग से अत्यधिक रक्त श्राव (हेवी ब्लीडिंग) का होना भी संदेह पैदा करता है कि कहीं मेरी बेटी के साथ सामुहिक दुष्कर्म तो नहीं हुए हैं? चूंकि मेरी बेटी का अंतिम संस्कार 5 मई 2021को हुई थी और अब 45 दिन हो चुके हैं, अगर जल्द ही रिपोस्टमार्टम नहीं हुआ तो सारे सबूत खत्म हो जाएंगे.

आरती कुजूर ने कहा कि राज्य सरकार ने बेटी के लिए न्याय मांगने वाले पिता को ही आरोपी बनाकर अपना असली चेहरा दिखा दिया है. हेमन्त सरकार इस केस को रफा दफा करने के लिए कितना भी प्रयास कर ले राज्य की जनता रूपा को न्याय दिलाने के लिए आखिरी दम तक संघर्ष करते रहेगी. दिवंगत दरोगा स्व रूपा तिर्की के परिजन महामहिम राज्यपाल से मुलकात कर ज्ञापन सौंपा.

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इस मौके पर रूपा के पिता देवानंद उराँव, बहन निर्मला तिर्की, मौसा प्रेम तिर्की, तीर्थ नाथ आकाश, सामाजिक कार्यकर्ता कुदरसी मुंडा, मंजुलता उपस्थित थी.

राज्‍यपाल को सौंपा गया ज्ञापन

सविनय पूर्वक कहना है कि मैं पद्मावती उराइन, पति श्री देवानन्द उरांव,ग्राम-डंडई हेहल, पोस्ट + थाना रातू, जिला- रांची( झारखंड) के स्थायी निवासी हूं और वर्तमान मे मैं और मेरा पूरा परिवार रातु के तिलता, टेंडर बगीचा स्थित आवास में रहते हैं. मेरी बेटी स्वर्गीय रूपा तिर्की जो साहिबगंज जिला में महिला थाना प्रभारी के पद पर कार्यरत थी, उसकी हत्या 3 मई 2021 को उसके सरकारी आवास में कर दी गई. चूंकि साहेबगंज पुलिस प्रशासन शुरू से ही उक्त हत्याकांड को आत्महत्या घोषित करने में लगी हुई है, इसलिए मैंने बेटी की हत्या की सीबीआई जांच की मांग की. किंतु पुलिस-प्रशासन ने बेटी के हत्यारों को पकड़ने के बजाय बेटी के चरित्र पर ही सवालिया निशान लगा इसे आत्महत्या का रूप दे दिया. हद तो अब ये हो गई है कि पुलिस ने मेरे पति अर्थात रूपा के पिता को ही हत्या का आरोपी बना दिया है तथा बेटी की हत्या के असली आरोपियों को बचाने में लगी हुई है.

चूंकि साहेबगंज पुलिस प्रशासन द्वारा शुरू से ही लापरवाही बरती जा रही है, जिसका नतीजा यह है कि मेरी बेटी रुपा के पार्थिव शरीर का जब पोस्टमार्टम किया गया तो बिसरा तक सुरक्षित नहीं रखा गया और न ही मेडिकल कॉलेज में एक्सपर्ट के द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया. कमरे में जब उसका शव हमने देखा था उस वक्त उसके नाक से झाग भी निकल रहे थे, जिससे हमें संदेह है कि उसे जहर भी दिया गया था और उसके साथ मारपीट भी की गई थी, जिसके निशान उस वक्त उसके शरीर पर साफ साफ दिखाई पड़ रहे थे. गले पर भी दो रस्सी के निशान थे, जिसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नजरअंदाज किया गया है. मेरी बेटी के गुप्तांग से अत्यधिक रक्त श्राव (हेवी ब्लीडिंग) का होना भी संदेह पैदा करता है कि कहीं मेरी बेटी के साथ सामुहिक दुष्कर्म तो नहीं हुए हैं? चूंकि मेरी बेटी का अंतिम संस्कार 5 मई 2021को हुई थी और अब 45 दिन हो चुके हैं, अगर जल्द ही रिपोस्टमार्टम नहीं हुआ तो सारे सबुत खत्म हो जाएंगे.

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अतः महामहिम से आग्रह है कि राज्य सरकार को मेरी बेटी की हत्या की जांच सीबीआई से कराने एवं एक सप्ताह के अंदर पार्थिव शरीर का रिपोस्टमार्टम कराने का निर्देश  देने की कृपा की जाय.

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