झारखंड में नगर निगम चुनाव 2022 में मेयर पद आरक्षण का नियम और फार्मूला को जानिए

मेयर पद आरक्षण का नियम और फार्मूला

Ranchi: झारखंड में नगर निकाय चुनाव 2022 के प्र्स्‍ताव को राज्‍यपाल की मंजूरी मिलने के बाद अधिसूचना को लेकर असमंजस और सस्‍पेंस की स्थिति बनी हुई है. इधर आदिवासी संगठन रांची में मेयर पद को एससी के लिए आरक्षित किये जाने के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए हैं. इसके पहले आदिवासी नेताओं ने मुख्‍यमंत्री से मिलकर ज्ञापन सौंपा था.

झारखंड नगर निगम चुनाव आरक्षण नियमावली

झारखंड नगर निकाय चुनाव 2022 में आरक्षण रोस्‍टर का आदिवासी संगठन विरोध कर रहे हैं. झारखंड में होने वाले निकाय चुनाव में 9 क्षेत्रों में नगर निगम चुनाव होंगे. यहां सभी नगर निगम क्षेत्रों में मेयर पद के आरक्षण को लेकर बदलाव किया गया है. मेयर पदों के आरक्षण रोस्‍टर झारखंड राज्‍य निर्वाचन आयोग की ओर जारी की गई है.

17 नवंबर 2022 को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 की धारा 27 एवं झारखंड नगरपालिका निर्वाचन एवं चुनाव याचिका नियमावली 2012 के नियम-9 के उपनियम (2) के तहत आरक्षण रोस्‍टर जारी किया गया है.

मेदिनीनगर नगर निगम चुनाव 2022 के लिए मेयर पद अनारक्षित (UR) अन्‍य किया गया है. यानी यहां मेयर पद के लिए कोई भी चुनाव लड़ सकता है. इसके पहले भी मेदिनीनगर नगर निगम चुनाव 2018 में मेयर पद (UR) अनारक्षित था. लेकिन यह महिलाओं के लिए रिजर्व किया गया था.

हजारीबाग नगर निगम चुनाव 2022 के लिए मेयर पद अनुसूचित जन जाति (ST) अन्‍य के लिए आरक्षित किया गया है. यानी यहां मेयर पद के लिए अनुसूचित जन जाति के महिला-पुरुष और अन्‍य चुनाव लड़ सकते हैं. इसके पहले हजारीबाग नगर निगम चुनाव 2018 के लिए यहां का मेयर पद अनुसूचित जनजाति (ST) महिला के लिए रिजर्व था.

गिरिडीह नगर निगम चुनाव 2022 में मेयर पद अनारक्षित अन्‍य (UR) है. यहां पर क्षेत्र का कोई भी वोटर चुनाव लड़ सकता है. वहीं इसके पहले साल 2018 में यह सीट अनुसूचित जाति (SC) अन्‍य के लिए रिजर्व था.

देवघर निगर निगम चुनाव 2022 में मेयर पद को अनारक्षित (UR) अन्‍य किया गया है. इसके पहले 2018 में देवघर नगर निगम चुनाव में मेयर का पद अनारक्षित (UR) था, लेकिन महिला आरक्षित था.

धनबाद नगर निगम चुनाव 2022 में मेयर के पद को अनारक्षित (UR) महिला किया गया है. इसके पहले 2018 धनबाद नगर निगम चुनाव में मेयर का पद पिछड़ा वर्ग (OBC) अन्‍य के लिए रिजर्व किया गया था.

चास नगर निगम चुनाव 2022 में मेयर पद अनारक्षित (UR) है, लेकिन यह पद महिलाओं के लिए रिजर्व है. इसके पहले 2018 चास नगर निगम चुनाव में मेयर पद अनारक्षित (UR) अन्‍य था.

रांची नगर निगम चुनाव 2022 में मेयर का पद अनुसूचित जाति अन्‍य (SC) के लिए रिजर्व किया गया है. 2018 नगर निगम चुनाव अनुसूचित जनजाति (ST) अन्‍य के लिए आरक्षित था.

आदित्‍यपुर नगर निगम चुनाव 2022 में मेयर का पद अनुसूचित जनजाति (ST) महिला के लिए आरक्षित किया गया है. 2018 आदित्‍यपुर नगर निगम में मेयर का पद अनारक्षित (UR) अन्‍य था.

मानगो नगर निगम चुनाव 2022 में मेयर का पर अनारक्षित अन्‍य किया गया है. यहां पहली बार नगर निगम के चुनाव होंगे.

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चुनाव याचिका नियमावली 2012 के नियम-9 का उपनियम (2)

झारखंड राज्‍य निर्वाचन आयोग द्वारा 17 नवंबर 2022 को जारी अधिसूचना में मेयर पद आरक्षण को लेकर झारखंड नगरपालिका निर्वाचन एवं चुनाव याचिका नियमावली 2022 के नियम 9 के उपनियम-2 का हवाला दिया गया है. इस उपनियम 2 में कहा गया है कि आरक्षित/ अनारक्षित निर्वाचन क्षेत्रों की राज्‍य स्‍तर पर सूची झारखंड गजट में आयोग द्वारा प्रकाशित की जाएगी.

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झारखंड में नगर निगम के मेयर पद आरक्षण का नियम

झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 के धारा 27 में नगर निगम क्षेत्र में मेयर पद आरक्षण को लेकर नियम के बारे में बताया गया है.

धारा 27 के (2) (क) में कहा गया है कि राज्‍य के अंतर्गत यथस्थिति महापौर और अध्‍यक्ष के कुल पदों के 50% के यथाशक्‍य निकटतम किन्‍तु इससे अनधिक पद आरक्षित किये जाएंगे- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग और महिलाएं.

(ख) राज्‍य के अंतर्गत महापौर और अध्‍यक्ष पदों के लिए अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित पदों की संख्‍या राज्‍य में महापौर और अध्‍यक्ष पदों की कुल संख्‍या के यथाशक्‍य वही होगी जो अनुपात राज्‍य में अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्‍या का राज्‍य की कुल जनसंख्‍या में है, और ऐसे पद चक्रानुक्रम में भिन्‍न-भिन्‍न नगरपालिकाओं को राज्‍य निर्वाचन आयोग द्वारा यथा विहित रीति से आवंटित किये जाएंगे.

(ग) अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के लिए महापौर और अध्‍यक्ष के पदों के आरक्षण के पश्‍चात पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षित किये जाने वाले पदों की संख्‍या अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़े वर्गों के आरक्षण की कुल मिलाकर 50% की अधिसीमा के अंदर होगी, तथा ऐसे पद शेष नगरपालिकाओं में राज्‍य निर्वाचन आयोग द्वारा चक्रानुक्रम में यथा विहित रीति से आवंटित किये जाएंगे.

(घ) खंड (क) के अधीन आरक्षित पदों की कुल संख्‍या के पास प्रतिशत के यथाशक्‍य निकटतम किंतु इससे अनधिक पद यथा स्थिति अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों एवं पिछड़े वर्गों की महिलाओं के लिए आरक्षित किये जाएंगे.

(ड़) अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों एवं पिछड़े वर्गों के लिए जो पद आरक्षित नहीं किये गए हैं, उनमें से 50% यथाशक्‍य निकटतम किंतु इससे अनधिक पद महिलाओं के लिए आरक्षित किये जाएंगे.

(च) अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, पिछड़े वर्गों एवं अनारक्षित ऐसे समस्‍त पद राज्‍य में भिन्‍न-भिन्‍न नगरपालिकाओं को राज्‍य निर्वाचन आयोग के निदेशन, नियंत्रण तथा पर्यवेक्षण में यथा विहित रीति से चक्रानुक्रम से आवंटित किये जाएंगे.

स्‍पष्‍टीकरण: शंकाओं के निराकरण हेतु एतद द्वारा घोषणा की जाती है कि इस उपधारा के अधीन अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ी जाति तथा महिलाओं के लिये पदों के आरक्षण के प्रयोजनार्थ चक्रानुक्रम सिद्धांत इस अधिनियम के लागू होने के पश्‍चात हुए प्रथम निर्वाचन से प्रारंभ होगा.

(3) उपधारा (2) के खंड (क) के अधीन पदों के आरक्षण से संबंधित प्रकरण पर राज्‍य सरकार प्रत्‍येक 10 वर्ष पर समीक्षा करेगी.

(4) उपधारा (2) के खंड (क) के अधीन पदों का आरक्षण भारत के संविधान अनुच्‍छेद 334 सह पठित अनुच्‍छेद-243 T (5) में निनिर्दिष्‍ट अवधि समाप्‍त हो जाने पर प्रभावी नहीं रहेगा.

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