सेंट्रल फेब्रिकेशन यूनिट के लिए रोटरी इंटरनेशनल ने नारायण सेवा संस्थान को मंजूर की 1.34 करोड़ रुपए की रोटरी ग्लोबल ग्रांट

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New Delhi: रोटरी इंटरनेशनल ने नारायण सेवा संस्थान (NSS) को 1.34 करोड़ रुपये की रोटरी ग्लोबल ग्रांट की पेशकश की है. यह अनुदान उदयपुर में सेंट्रल फेब्रिकेशन यूनिट के लिए मंजूर किया गया है. इस यूनिट में दिव्यांगों के लिए प्रोस्थेटिक्स और ऑर्थोटिक्स बनाए जाते हैं और यहीं से इनकी सप्लाई भी की जाती है. इस इकाई के जरिये एनएसएस द्वारा देश के दूरदराज के इलाकों में संचालित किए जाने वाले शिविरों के माध्यम से दिव्यांगों को कृत्रिम अंग और ऑर्थोटिक्स निशुल्क वितरित किए जाएंगे. इस केंद्रीय निर्माण इकाई को स्थापित करने के पीछे दिव्यांगों को समाज की मुख्यधारा का हिस्सा बनने का अवसर प्रदान करने का मकसद भी था.

एनएसएस ने जॉर्जिया, अटलांटा, अमेरिका में वर्ष 2019 में बच्चों के माध्यम से ‘सेवा प्रोजेक्ट’ नाम से एक अभियान शुरू किया था, ताकि दिव्यांग लोगों की सहायता के लिए धन जुटाया जा सके. इस अभियान के माध्यम से बच्चों ने सामुदायिक सेवा के माध्यम से धन जुटाया, जहां उन्होंने सोडा, चाय, समोसा, पॉपकॉर्न बेचा और यहां तक कि ‘हग्स फॉर फ्री’ के माध्यम से ‘सेवा प्रोजेक्ट’ के बारे में भी लोगों को जानकारी दी. दिव्‍यांगों के लिए फंड जुटाने के इस अभियान में दूसरे तमाम लोगों के साथ दिव्यांग बच्चों के बीच मोटिवेटर के तौर पर ग्लोबल आइकन की पहचान बनाने वाले स्पर्श शाह भी जुड़े. स्पर्श के सहयोग से ‘सेवा प्रोजेक्ट’ के तहत 40,000 डॉलर की राशि एकत्र की गई.

रोटरी इंटरनेशनल के अध्यक्ष शेखर मेहता ने कहा, ‘‘नारायण सेवा संस्थान अपनी स्थापना के बाद से ही दिव्यांग लोगों के उत्थान की दिशा में काम कर रहा है. इसी सिलसिले में सेंट्रल फेब्रिकेशन यूनिट प्रोस्थेटिक्स और ऑर्थोटिक्स का निर्माण करेगी और नारायण सेवा संस्थान द्वारा संचालित शिविरों के माध्यम से इनकी सप्लाई करेगी. हमें उन छोटे बच्चों पर वास्तव में गर्व है, जिन्होंने धन जुटाने के लिए यह अभियान चलाया है. हम एक संगठन के रूप में नारायण सेवा संस्थान के प्रयासों के समर्थन में उनके साथ खड़े हैं.’’

टीमों के 2 साल के प्रयासों के बाद ‘सेवा प्रोजेक्ट’ सफलतापूर्वक पूरा किया गया, आखिरकार प्रोजेक्ट को स्वीकृति दी गई और इसे रोटरी इंटरनेशनल और रोटरी फाउंडेशन का भी जबरदस्त सपोर्ट मिला.

नारायण सेवा संस्थान के प्रेसीडेंट प्रशांत अग्रवाल ने कहा, ‘‘हमारे इस अभियान को सपोर्ट देने के लिए हम रोटरी इंटरनेशनल को धन्यवाद देते हैं. हमें इस बात की खुशी है कि हमारे प्रयासों के अच्छे नतीजे सामने आए हैं और इनसे दिव्यांग लोगों को बहुत लाभ होगा. हमें सेंट्रल फेब्रिेकेशन यूनिट की शुरुआत करने पर भी खुशी का अनुभव हो रहा है. निश्चित तौर पर यह इकाई दिव्यांग लोगों के लिए भविष्य में अवसरों का सृजन करेगी. इस इकाई के जरिये प्रोस्थेटिक्स और ऑर्थोटिक्स निशुल्क वितरित किए जाएंगे.’’

नारायण सेवा संस्थान पिछले 35 वर्ष से कृत्रिम अंग मापन और वितरण अभियान संचालित कर रहा है और इस दौरान संस्थान ने देशभर में 2,72,353 व्हीलचेयर, 2,93,539 बैसाखी, 55,004 हियरिंग एड्स, 5,220 सिलाई मशीनें, 15,262 कृत्रिम अंग, और 3,55,597 कैलिपर्स वितरित किए हैं.

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