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रेगुलर फॉगिंग होता तो नहीं होता डेंगू का अटैक

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#Ranchi: रांची के हिंदपीढ़ी समेत कई इलाकों में महामारी की तरह फैल रहे चिकनगुनिया ने नगर निगम के फॉगिंग की सारी पोल खोलकर रख दी है. नगर निगम फॉगिंग के नाम पर हर माह सात लाख छिड़काव पर दो लाख और अन्य व्यवस्थाओं पर एक लाख रुपए रुपए फूंक रहा है, पर मच्छरों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है. जिस तरह मच्छर धावा बोल रहे हैं, वह यह बताने के लिए काफी है कि फॉगिंग के नाम पर सिर्फ आई वॉश होता रहा. अगर सही तरीके से रेगुलर फॉगिंग कराई जाती तो शायद हजारों लोगों को लंगड़ा बुखार का अटैक नहीं झेलना पड़ता.

फॉगिंग के लिए बना था रोस्टर

वार्डो में फागिंग के लिए रोस्ट तैयार किया गया था. वहीं हर वार्ड के लिए एक-एक मोबाइल नंबर भी निगम ने जारी किया था, ताकि फागिंग नहीं होने की स्थिति में लोग कंप्लेन कर सके. लेकिन, फॉगिंग की अधिकतर मशीनें काम ही नहीं करती हैं. दो गाडि़यां वीआइपी इलाकों में फागिंग कराने के लिए रिजर्व रखी गई है. इसके बाद 15 गाडि़यों से सामान्य इलाकों में फॉगिंग कराई जाती है.

वार्ड बदला तो रोस्टर भी फेल

रांची नगर निगम क्षेत्र में पहले 55 वार्ड थे. लेकिन परिसीमन के बाद वार्ड घटकर 53 हो गए. वहीं कई वार्डो का इलाका भी बदल गया. जिससे कि रोस्टर के हिसाब से फागिंग ठप हो गई. जबकि, हफ्ते में दो दिन वार्डो में फागिंग कराया जाना था. हालांकि इसमें सुधार किया गया. इसके बावजूद रेगुलर फॉगिंग नहीं होने से लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही है. लंगड़ा बुखार व डेंगू की चपेट में लोगों के आने का सिलसिला जारी है.

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