कल्‍याण विभाग में साढ़े नौ करोड़ घोटाला मामले में अधिकारियों पर कार्रवाई की अनुशंसा

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#Ranchi : झारखंड के चतरा जिले में कल्याण विभाग में कथित तौर पर हुए करीब साढ़े नौ करोड़ के घोटाला मामले में आरोपी अधिकारियों व कर्मियों के विरुद्ध जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां बताया कि राज्य के कल्याण सचिव के निर्देश के बाद चतरा जिला के उपायुक्त जितेंद्र कुमार सिंह ने आरोपी दो पूर्व जिला कल्याण पदाधिकारी आशुतोष कुमार व भोलानाथ लागुरी समेत प्रधान सहायक वह नाजीर के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की अनुशंसा कर दी है.

उपायुक्त ने जहां नाजिर इंद्रदेव प्रसाद के अलावे प्रधान सहायक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए बर्खास्तगी को लेकर विभागीय अनुशंसा की है. दोनों जिला कल्याण पदाधिकारियों को भी निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की है.

उपायुक्त ने बताया कि कल्याण सचिव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी पदाधिकारियों व कर्मियों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए उसकी प्रतिलिपि आयोग को भेजने का निर्देश दिया था. उसके आधार पर कार्यवाही की गई है.

ऑडिट के बाद घोटाले का हुआ फर्दाफाश

गौरतलब है कि विकास भवन में संचालित कल्याण विभाग में आगलगी की घटना के बाद घोटाले का संदेश मिलने के बाद उपायुक्त ने विभाग का ऑडिट कराया था. इस दौरान तत्कालीन उप विकास आयुक्त जीशान कमर के नेतृत्व में गठित जांच कमेटी ने जांच के दौरान महज दो वर्षों के अल्पकाल में ही कल्याण विभाग में करीब साढ़े नौ करोड़ रुपये के महा घोटाले का पदार्फाश किया था.

उसके बाद दोनों कल्याण पदाधिकारियों समेत प्रधान सहायक व नाजिर के अलावे विभिन्न संस्थाओं व एजेंसियों के 17 लोगों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. चतरा जिला कल्याण पदाधिकारी द्वारा सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के बाद से नाजीर, प्रधान सहायक समेत दोनों कल्याण पदाधिकारी जिला मुख्यालय से फरार हैं.

प्राथमिकी के आधार पर चतरा पुलिस दोनों पूर्व कल्याण पदाधिकारियों समेत अन्य अभियुक्तों की तलाश कर रही है. उपायुक्त ने बताया कि राज कल्याण विभाग द्वारा निर्देश प्राप्त होते ही दोनों अधिकारियों समेत अन्य कर्मियों की सेवा समाप्ति की कार्रवाई भी की जाएगी.

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