आरबीआई का फैसला: रेपो रेट में कटौती, सस्ते होंगे लोन के ईएमआई

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New Delhi: भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए भारत की जीडीपी (GDP of India) का अनुमान घटाकर 6.9 फीसदी किया है. पहले चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी (GDP) सात फीसदी रहने का अनुमान रखा गया था.

रेपो रेट 0.35% घटाकर 5.40% किया गया और रिवर्स रीपो रेट 5.15% कर दिया गया है. यह लगातार चौथी बार है, जब आरबीआई ने रेपो रेट कम किया है. तीन दिनों की बैठक के बाद रेपो रेट में इतनी कटौती का फैसला लिया गया है. इसके अलावा, जीडीपी ग्रोथ रेट के अनुमान को 7% से घटाकर 6.9% कर दिया गया है. 

रेपो रेट (वह ब्याज दर, जिस पर RBI कमर्शल बैंकों को कर्ज देता है) अब तक 5.75 पर्सेंट था, जो सितंबर 2010 के बाद इसका सबसे निचला स्तर था. आरबीआई इस साल पहले ही रीपो रेट में तीन बार में 0.75 पर्सेंट की कटौती कर चुका था. आज कटौती का ऐलान होने के बाद यह 5.40 पर्सेंट पर आ गया है. ऐसा होने से कर्ज सस्ता होने का रास्ता आसान हो गया है.

लोन के EMI पर असर

रेपो रेट में कमी का कर्ज लेने वालों पर सीधा असर होगा, क्योंकि बैंक कर्ज पर ब्याज दर घटा सकते हैं. ऐसा इसलिए, क्योंकि रेपो रेट में कटौती का मतलब है कि बैंकों का मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) भी घट जाएगा. 

Categories Finance

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