आरबीआई रेपो रेट में कर सकती है कटौती, होम लोन व ऑटो लोन होंगे सस्‍ते

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New Delhi: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिन की बैठक आज खत्‍म होने जा रही है. आज आखिरी दिन आरबीआई आज मौद्रिक नीति समीक्षा के नतीजे की घोषणा करेगा.

मोदी सरकार (Modi Govt) के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए यह बड़ा कदम साबित हो सकता है. आज भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) आज मौद्रिक नीति समीक्षा के नतीजे की घोषणा करेगा.

बताया जा रहा है कि आरबीआई आज एकबार फिर ब्याज दरों में कटौती का ऐलान कर सकता है. केंद्रीय बैंक की इस घोषणा से होम लोन और ऑटो लोन वालों को बड़ी राहत मिलेगी.

बता दें कि अगस्त में की गई 0.35 फीसदी की कटौती के बाद रेपो दर (repo rate) इस समय 5.40 फीसदी है. उम्मीद की जा रही है कि RBI रेपो रेट को 5.25 फीसदी कर सकता है. बताया जा रहा है कि आईबीआई करीब सुबह 11 बजे क्रेडिट पॉलिसी जारी कर सकता है.  

1 अक्टूबर को शुरू हुई थी बैठक

MPC की छह सदस्यीय समिति की तीन दिन की बैठक एक अक्टूबर को शुरू हुई थी. दो अक्टूबर को गांधी जयंती का अवकाश रहा. बृहस्पतिवार को दूसरे दिन की बैठक हुई. बैठक के नतीजों की घोषणा शुक्रवार को की जाएगी. उल्लेखनीय है कि सरकार ने सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए हाल में कई कदम उठाए हैं. कॉरपोरेट कर की दर में बड़ी कटौती की गई है, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों पर लगाया गया बढ़ा सरचार्ज वापस ले लिया गया.

इस साल 4 बार घट चुकी है रेपो रेट

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर घटकर पांच फीसदी पर आ गई है, जो इसका छह साल का निचला स्तर है. रिजर्व बैंक इस साल लगातार चार बार में रेपो दर में 1.10 फीसदी की कटौती कर चुका है. अगस्त की मौद्रिक नीति बैठक में एमपीसी ने रेपो दर को 0.35 फीसदी घटाकर 5.40 फीसदी कर दिया.

एक और खास बात यह है कि MPC की बैठक ऐसे समय हो रही है, जब रिजर्व बैंक ने बैंकों से एक अक्टूबर से अपने सभी कर्ज को एक्सटर्नल बेंचमार्क मसलन रेपो रेट से जोड़ने को कहा है. इससे रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दर में कटौती का लाभ अधिक तेजी से उपभोक्ताओं को मिल सकेगा.

BofAML को 0.35% कटौती की उम्मीद

बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच (BofAML) ने एक रिपोर्ट में कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि MPC चार अक्टूबर को रेपो रेट में एक बार और गैर-परंपरागत यानी 0.35 फीसदी की कटौती करेगी. व्यस्त औद्योगिक सत्र के बीच इससे बैंकों के बीच अपनी ब्याज दरों को और कम करने के लिए मजबूत संदेश जाएगा.

Categories Finance

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