स्वास्थ्य विभाग की कुव्यवस्था ने ली रांची डिप्टी मेयर के चाचा की जान, संजीव विजयवर्गीय फोन करते रहे किसी अधिकारी ने नहीं सुनी बात

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Ranchi: राज्य में कोरोना तेजी से पांव पसार रहा है. राज्य की हालत बद से बदतर होती जा रही है. राज्य सरकार द्वारा कोरोना से लड़ने को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कही जा रही हैं किंतु जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स और सदर की हालत भी लचर है. रांची के डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय के चाचा की भी जान सरकारी कुव्यवस्था के कारण चली गई.

उन्होंने राजधानी राँची के तमाम अफसरों व प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन ना तो कोई अधिकारी फोन उठा रहे थे और ना ही मदद को कोई आगे आ रहा था. उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में खासकर रिम्स में ना तो ऑक्सीजन सिलेंडर है न हीं मरीजों को कोई मूलभूत सुविधा मिल पा रही है हाल तो ये है कि रिम्स के बड़े पदाधिकारी जिनका नंबर उपायुक्त महोदय इमरजेंसी के लिए अखबारों में जारी कर रहे है वो मेरा फ़ोन जिनका नंबर सेव है नही उठा रहे है आम आदमी तो फ़ोन में कैसे बात कर पायेगा ये समझ से परे है. जिला के उच्च पदाधिकारी हो या छेत्र मैजिस्ट्रेट कोई फ़ोन पिक करने की जहमत नही लेते मरीज के लिए जब प्राइवेट हॉस्पिटल में रखने की मिन्नत कर रहे है तो वो भी फ़ोन उठाना बंद कर देते है घर मे ऑक्सीजन cylender के लिए कोई व्यवस्था नही है वो तो मारवाड़ी सहायक समिति के सदस्यों को धन्यवाद है कि इस कठिन घड़ी में 2 cylender उपलब्ध कराए लेकिन हॉस्पिटल में जगह का इंतज़ाम का नही होना और इलाज की कमी के कारण उनकी मौत हो गयी. अब सवाल ये है कि हम भी शहर के जनप्रतिनिधि है क्या कर रहे है बहुत बड़ा सवाल जो लोगो के जहन में आता है और हमे इस के लिए अपने जनता से धिक्कार भी मिलता है लेकिन सबी व्यवस्था को सरकार और जिला प्रशाशन ने अपने अंदर समेट कर रखा है न तो आपदा या नीतिगत बैठक में बुलाया जाता है न ही राय ली जाती है. पता नही क्यों सरकार नगर निकायों के चुनाव करती है ये किसी भी पार्टी की सरकार ही लेकिन व्यवहार एक समान ही है गाली सुनने के लिए निकाय के जनप्रतिनिधि और निर्णय के लिए कोई और मेरी आम लोगो से अपील है स्तिथि बहुत विकट है कौन कब इस बीमारी के चपेट में आजायेगा पता नही लेकिन आज की परिष्तिथि में थोडा भी ज्यादा संक्रमणित अगर आपके नजदीक के लोग हो जाते है तो न तो अस्पताल में जगह मिलेगा न इलाज न ऑक्सीजन इसीलिए अपनी सुरक्षा स्वयं करे जरूरत न हो तो बिल्कुल घर से न निकले अगर बीमारी का कोई लक्षण दिखता है तो तुरंत घर के लोगो से भी दूरी बना ले और जो डॉक्टर या जानकार लोग घर मे इलाज की सलाह दे उसका पालन करे अगर स्तिथि बहुत खराब न हो तो मास्क का उपयोग सभी लोग घर के बाहर अवश्य करे एवं किसी भी कार्यक्रम सुख या दुख का करने से भी और जाने से भी परहेज करें.

इस बार के लहार में अगर सबसे ज्यादा प्रभावित होने वालों की संख्या देखेंगे जो अपना ब्यापार खुद करते है और ग्राहकों से उनका सीधा संबंध है अभी इस काम से बचे. जीवन बचा तो हम अपने ब्यपार को फिर कर लेंगे लेकिन अपने परिवार के विषय मे अवश्य सोचे आप सुरक्षित तभी घर सुरक्षित और भविष्य सुरक्षित.

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