Raksha Bandhan 2021: राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

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भारत में सभी त्योहारों की तरह रक्षाबंधन का त्योहार (Raskha Bandhan) भी हिन्दू धर्म में बहुत महत्व रखता है. हर साल की तरह 15 अगस्त यानि कि कल रक्षाबंधन का त्योहार (Raksha Bandhan 2021) मनाया जाएगा.

हर साल सावन की पूर्णिमा को यह पर्व मनाया जाता है. ये भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक है. इस दिन बहनें अपने भाई को राखी बांधती है और वजन लेती है कि भाई उनकी जीवन भर रक्षा करेगा और उनका खयाल रखेगा.

भले ही भाई-बहन आपस में कितना ही क्यों न नोक-झोंक करलें, लेकिन अगर किसी भी परेशानी दोनों एक दूसरे के लिए डट कर खड़े हो जाते हैं, बस रक्षाबंधन भाई-बहन के इसी प्रेम को दर्शाता है.

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

इस साल राखी कल यानी 22 अगस्त को पड़ रही है. इस साल राखी बांधने का शुभ मुहूर्त करीब 11 घंटे 31 मिनट तक रहेगा जो 22 अगस्त को सुबह 6.15 बजे शुरू होकर शाम 5.31 पर खत्म होगा. इस साल राखी का दिन सौभाग्यशाली है क्योंकि इस दिन न तो भद्र काल है और न ही कोई ग्रहण.

पूर्णिमा तिथि का शुभ मुहूर्त

रक्षाबंधन का इतिहास- भारत में रक्षाबंधन का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना है. राखी से जुड़ी एक नहीं बल्कि कई कहानियां हैं और ये सभी अपने आप में काफी विविध हैं. रक्षाबंधन मुख्य तौर पर हिन्दुओं का त्योहार माना जाता है, जो श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है. हालांकि रक्षाबंधन के इतिहास में मुस्लिम से लेकर वो लोग भी शामिल हैं जो सगे भाई-बहन नहीं थे.

राजपूत जब लड़ाई पर जाते थे तब महिलाएं उनको माथे पर कुमकुम तिलक लगाने के साथ साथ हाथ में रेशमी धागा भी बांधती थी, इस विश्वास के साथ कि यह धागा उन्हे विजयश्री के साथ वापस ले आयेगा. राखी के साथ एक और प्रसिद्ध कहानी जुड़ी हुई है. कहते हैं, मेवाड़ की रानी कर्मावती को बहादुरशाह द्वारा मेवाड़ पर हमला करने की पूर्व सूचना मिली. रानी लड़ने में असमर्थ थी अत: उसने मुगल बादशाह हुमायूं को राखी भेज कर रक्षा की याचना की. हुमायूं ने मुसलमान होते हुए भी राखी की लाज रखी और मेवाड़ पहुंच कर बहादुरशाह के विरुद्ध मेवाड़ की ओर से लड़ते हुए कर्मावती व उसके राज्य की रक्षा की.

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